इस महिला अधिकारी के हाथों में गजब का हुनर, बच्चों को भी सिखा रही यह कला, बॉस से बना देती हैं महंगे आइटम
सहरसा जिले की जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी पारंपरिक बांस शिल्प को नई पहचान देने में जुटी हैं. उनके हाथों में ऐसा कौशल है कि साधारण कच्चे बांस से आकर्षक और उपयोगी उत्पाद तैयार हो जाते हैं. वह सजावटी मूर्तियां, पारंपरिक खिलौने, टोकरी, डलिया और घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाकर बच्चों को भी सिखाती हैं. अक्सर वह बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर बांस की पतली पट्टियों को चीरना, मोड़ना और बुनना सिखाती हैं. वह बताती हैं कि यह केवल शिल्प नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान है, जो गांवों के जीवन का अहम हिस्सा रही है.
‘घूसखोर पंडित’ के बाद अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर विवाद, यहां जानिए क्यों उठ रही है फिल्म को बैन करने की मांग
भुअर अखाड़ा के पहलवान भुअर पहलवान ने कहा कि ‘घूसखोर पंडित’ के बाद अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ बनाई गई है, जो गलत है. उनका कहना है कि किसी एक विशेष जाति को केंद्र में रखकर फिल्म बनाना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस फिल्म में यादव समाज की लड़कियों की छवि धूमिल की गई है.
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