सेवातीर्थ में मोदी कैबिनेट की पहली बैठक आज:PMO 10 दिन पहले ही साउथ ब्लॉक से यहां शिफ्ट हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक होगी। बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी। कैबिनेट की पिछली बैठक 13 फरवरी को PMO के साउथ ब्लॉक वाले ऑफिस में हुई थी। इसके बाद PMO को नए ऑफिस में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है। सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में PMO है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे। कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है। आज PMO के साथ NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस भी यहां शिफ्ट हो गया है। PM आज कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं। यहां मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। पहले नॉर्थ ब्लॉक मंत्रालयों का ठिकाना था। ₹1189 करोड़ की लागत से बना सेवा तीर्थ सेवा तीर्थ का मतलब है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है। यह करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बना है। इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ में बनाया है। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी तारीख सामने नहीं आई है। नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे नेशनल म्यूजियम सरकार की योजना है कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता को दिखाया जाएगा। इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम में से एक होने की संभावना है।
शंकराचार्य के बयान से पहले पुलिस ने रूट मैप बनाया:प्रयागराज पुलिस ने करीबियों की डिटल जुटाई, काशी में आज अविमुक्तेश्वरानंद का बयान दर्ज होगा,
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR के बाद प्रयागराज पुलिस ने केस में जांच तेज कर दी है। इसके लिए प्रयागराज से एक टीम ने काशी में डेरा डाल दिया है। टीम आज शंकराचार्य के मठ जाकर उनका बयान दर्ज कर सकती है। पूछताछ के बाद शंकराचार्य को गिरफ्तार भी कर सकती है। टीम ने सोमवार की रात भेलूपुर थाने पर पहुंचकर शंकराचार्य के बारे में जानकारी ली। उनके मठ का नक्शा भी तैयार किया। रूट मैप तैयार किया। आज पुलिस जहां-जहां जाएगी, वहां का नक्शा पहले से तैयार किया। उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। शंकराचार्य केस की विवेचना के तमाम पहलुओं पर इंस्पेक्टर भेलूपुर से इनपुट भी लिया। उसके पहले शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि मैं कहीं भाग नहीं रहा। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। जहां भाजपा सरकार नहीं, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए। 'लोगों को मेरे खिलाफ प्रलोभन दिया जा रहा है' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- शाहजहांपुर से मेरे पास एक परिवार आया, जिन्होंने बताया कि आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति ने उन्हें कहा कि अपनी नाबालिग बच्चियों का नाम लेकर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दीजिए। जब उन्होंने मना कर दिया तब धमकी दी गई। इस तरह लोगों को प्रलोभन देकर या धमकाकर हमारे खिलाफ खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं और वकीलों का जमघट शंकराचार्य के आश्रम पर ऑल इंडिया बार काउंसिल के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी समेत कई वकीलों का जमावड़ा लगा है। हर कोई उसके पक्ष में केस लड़ना चाहता है। राजनीतिक दलों के नेताओं का लगातार आवागमन बना हुआ है। यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वह आज शंकराचार्य से मिलने आ सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा- ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज 'पॉक्सो केस' से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे। प्रयागराज में माघ मेला में लगे शिविर वाली जगह का निरीक्षण रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया। दरअसल, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद 8 फरवरी को उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में केस दायर किया। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR हुई। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। महिला फूट फूटकर रोई, शंकराचार्य ने समझाया वहीं, एक महिला सुबह अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने पहुंची। वह शंकराचार्य पर लगे आरोपों से भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। शंकराचार्य ने उसे समझाया। कहा- रोना तब, जब गुरु गड़बड़ निकले। यूपी कांग्रेस ने मामले में प्रधानमंत्री मोदी को लेटर लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज 'पॉक्सो केस' से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे। शंकराचार्य के समर्थन में उतरे सपा-कांग्रेस के नेता अखिलेश बोले- शंकराचार्य पर झूठा मुकदमा लगाना, दुख की बात सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के सिंगापुर-जापान दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा, कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए हैं। हमारे धर्म के सबसे पूजनीय शंकराचार्य पर झूठा मुकदमा लगाना, यह दुख की बात है। सपा सांसद बोले- हमने शंकराचार्य को अपना समर्थन दिया चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने शंकराचार्य से मुलाकात की। उन्होंने कहा, जिस सनातन के नाम पर भारतीय जनता पार्टी यहां तक पहुची है, उसी सनातन के ज़रिए वो उसे नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। देखिए, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो बोला ही है, लेकिन हम सब जो काशीवासी हैं और इस मठ से जुड़े हुए हैं, इसलिए हम सब श्रद्धापूर्वक जगतगुरु शंकराचार्य जी के समर्थन में खड़े हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में कूदे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद इमरान मसूद ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कोई बात नहीं हो सकती कि इस तरह से एक शंकराचार्य जी के विरुद्ध, अब कहां गए सनातनी लोग, कहां गए वो सनातन के अलमदार, कहां गए वो सनातन के पहरेदार, सबके मुंह पर ताले क्यों हैं। शंकराचार्य से बड़ा पद तो कुछ होता नहीं। शंकराचार्य के ऊपर ही इस तरह के आरोप लगाकर, इस तरह मुकदमा दर्ज कराया जाए, मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति के पीछे का आधार देखिए, वह क्या है। ------------- यह खबर भी पढ़िए… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- मैं भाग नहीं रहा, सामना करूंगा:रोती महिला भक्त को समझाया- गुरु गड़बड़ निकल जाए तब रोना शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने हरदोई में पीड़ित के परिवार का बयान लिया है। दूसरी टीम सोमवार दोपहर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची। टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार भी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें
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