शंकराचार्य के बयान से पहले पुलिस ने रूट मैप बनाया:प्रयागराज पुलिस ने करीबियों की डिटल जुटाई, काशी में आज अविमुक्तेश्वरानंद का बयान दर्ज होगा,
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR के बाद प्रयागराज पुलिस ने केस में जांच तेज कर दी है। इसके लिए प्रयागराज से एक टीम ने काशी में डेरा डाल दिया है। टीम आज शंकराचार्य के मठ जाकर उनका बयान दर्ज कर सकती है। पूछताछ के बाद शंकराचार्य को गिरफ्तार भी कर सकती है। टीम ने सोमवार की रात भेलूपुर थाने पर पहुंचकर शंकराचार्य के बारे में जानकारी ली। उनके मठ का नक्शा भी तैयार किया। रूट मैप तैयार किया। आज पुलिस जहां-जहां जाएगी, वहां का नक्शा पहले से तैयार किया। उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। शंकराचार्य केस की विवेचना के तमाम पहलुओं पर इंस्पेक्टर भेलूपुर से इनपुट भी लिया। उसके पहले शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि मैं कहीं भाग नहीं रहा। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। जहां भाजपा सरकार नहीं, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए। 'लोगों को मेरे खिलाफ प्रलोभन दिया जा रहा है' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- शाहजहांपुर से मेरे पास एक परिवार आया, जिन्होंने बताया कि आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति ने उन्हें कहा कि अपनी नाबालिग बच्चियों का नाम लेकर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगा दीजिए। जब उन्होंने मना कर दिया तब धमकी दी गई। इस तरह लोगों को प्रलोभन देकर या धमकाकर हमारे खिलाफ खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं और वकीलों का जमघट शंकराचार्य के आश्रम पर ऑल इंडिया बार काउंसिल के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी समेत कई वकीलों का जमावड़ा लगा है। हर कोई उसके पक्ष में केस लड़ना चाहता है। राजनीतिक दलों के नेताओं का लगातार आवागमन बना हुआ है। यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वह आज शंकराचार्य से मिलने आ सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा- ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज 'पॉक्सो केस' से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे। प्रयागराज में माघ मेला में लगे शिविर वाली जगह का निरीक्षण रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया। दरअसल, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद 8 फरवरी को उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में केस दायर किया। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR हुई। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। महिला फूट फूटकर रोई, शंकराचार्य ने समझाया वहीं, एक महिला सुबह अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने पहुंची। वह शंकराचार्य पर लगे आरोपों से भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। शंकराचार्य ने उसे समझाया। कहा- रोना तब, जब गुरु गड़बड़ निकले। यूपी कांग्रेस ने मामले में प्रधानमंत्री मोदी को लेटर लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज 'पॉक्सो केस' से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे। शंकराचार्य के समर्थन में उतरे सपा-कांग्रेस के नेता अखिलेश बोले- शंकराचार्य पर झूठा मुकदमा लगाना, दुख की बात सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के सिंगापुर-जापान दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा, कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए हैं। हमारे धर्म के सबसे पूजनीय शंकराचार्य पर झूठा मुकदमा लगाना, यह दुख की बात है। सपा सांसद बोले- हमने शंकराचार्य को अपना समर्थन दिया चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने शंकराचार्य से मुलाकात की। उन्होंने कहा, जिस सनातन के नाम पर भारतीय जनता पार्टी यहां तक पहुची है, उसी सनातन के ज़रिए वो उसे नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। देखिए, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो बोला ही है, लेकिन हम सब जो काशीवासी हैं और इस मठ से जुड़े हुए हैं, इसलिए हम सब श्रद्धापूर्वक जगतगुरु शंकराचार्य जी के समर्थन में खड़े हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में कूदे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद इमरान मसूद ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कोई बात नहीं हो सकती कि इस तरह से एक शंकराचार्य जी के विरुद्ध, अब कहां गए सनातनी लोग, कहां गए वो सनातन के अलमदार, कहां गए वो सनातन के पहरेदार, सबके मुंह पर ताले क्यों हैं। शंकराचार्य से बड़ा पद तो कुछ होता नहीं। शंकराचार्य के ऊपर ही इस तरह के आरोप लगाकर, इस तरह मुकदमा दर्ज कराया जाए, मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति के पीछे का आधार देखिए, वह क्या है। ------------- यह खबर भी पढ़िए… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- मैं भाग नहीं रहा, सामना करूंगा:रोती महिला भक्त को समझाया- गुरु गड़बड़ निकल जाए तब रोना शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने हरदोई में पीड़ित के परिवार का बयान लिया है। दूसरी टीम सोमवार दोपहर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची। टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार भी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें
न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया में पंजाबियों का विरोध:कट्टरपंथियों ने देश छोड़ने की धमकी दी, बोले- यहां भारत या सूडान नहीं बनने देंगे
न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन रोकने के बाद ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों और खासकर पंजाबियों का विरोध शुरू हो गया है। ऑस्ट्रेलिया के कट्टरपंथी नेता थॉमस सेवेल ने उन्हें देश छोड़ने की धमकी दी है। सेवेल ने कल (23 फरवरी) कहा कि हम नहीं चाहते कि ऑस्ट्रेलिया भारत और सूडान बने। सेवेल ने कहा कि इंडियंस को यह देश छोड़कर चले जाना चाहिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया केवल गोरों का है। उसने भारतीयों को नीच बताते हुए उनको निकालने की मांग की। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सेवेल के बयान को खारिज करते हुए ऑस्ट्रेलिया में रह रहे 2 लाख से अधिक पंजाबी सिखों और 10 लाख भारतीयों को सुरक्षा का भरोसा दिया है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने साफ किया है कि नफरत फैलाने वालों पर नए हेट स्पीच कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि थॉमस सेवेल ऑस्ट्रेलिया में नस्लवाद और कट्टरपंथ का चेहरा है। मेलबर्न कोर्ट के बाहर सेवेल ने भारतीयों को पीआर देने का विरोध किया। उसने खुलेआम कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया को तीसरी दुनिया बनने से रोकना चाहता है और 10 लाख के करीब भारतीयों को वापस भेजने के हक में है। बता दें कि सेवेल के संगठन नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क को ऑस्ट्रेलिया की सरकार बैन कर चुकी है। बावजूद इसके सेवेल नस्लीय बयान देता है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया की पहचान उसकी डायवर्सिटी है और नफरत फैलाने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार नए हेट स्पीच कानून लागू कर रही है। 5 पॉइंट में जानें थॉमस सेवेल ने क्या कहा… जानें थॉमस सेवेल के बयान पर कौन क्या बोला… जानें कौन है थॉमस सेवेल और उससे जुड़े विवाद ***************** ये खबर भी पढ़ें: न्यूजीलैंड में पंजाबियों की पुलिस में भर्ती पर प्रदर्शन: लेफ्ट विंग बोला- कीवी बनो या देश छोड़ो; 2 बार नगर कीर्तन रोक चुके सिखों का नगर कीर्तन रोके जाने के बाद अब न्यूजीलैंड पुलिस में पंजाबियों की भर्ती का विरोध शुरू हो गया है। मैनीकॉ पुलिस स्टेशन में हुए भर्ती सेमिनार का स्थानीय डेस्टिनी चर्च के ब्रायन टमाकी ने न्यूजीलैंड में भारतीय खासकर पंजाबियों की बढ़ रही संख्या के खिलाफ आज (31 जनवरी) को प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 



















.jpg)



