दिल्ली-NCR में कोयले आधारित कारखानों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:इन्हें शिफ्ट करने और 300km के दायरे में नए प्लांट खोलने पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या कोयले से चलने वाले उद्योगों को NCR से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने दिल्ली से 300 किलोमीटर के अंदर नए कोयला आधारित पावर प्लांट खोलने पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर सरकार से जवाब भी मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्माण और तोड़-फोड़ (डिमोलिशन) के काम से उड़ने वाली धूल को कैसे रोका जाए, इस पर भी सभी पक्ष अपनी राय दें। इसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कुछ उपाय सुझाए हैं। बेंच ने सभी पक्षों को 12 मार्च से पहले अपनी-अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि CAQM के सुझावों के आधार पर 12 मार्च को गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन के मुद्दे की जांच करेगा। कोर्ट के अन्य आदेश… सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई की खबरें… 17 दिसंबर 2025: सरकार लॉन्ग टर्म प्लान बनाए:स्टेट बॉर्डर के 9 टोल प्लाजा बंद करें; पुराने वाहनों पर बैन को मंजूरी दी सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को आदेश दिए कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा थोड़े समय के लिए बंद किए जाएं या किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पॉल्यूशन पर कंट्रोल होगा। कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते में अपना फैसला लेने का समय दिया। पूरी खबर पढ़ें… 1 दिसंबर 2025: दिल्ली-NCR प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं, सरकार एक्शन प्लान पर दोबारा विचार करे सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को फटकार लगाई। अदालत ने वायु प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर आपत्ति जताई। सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पराली जलाना नया नहीं है। 4-5 साल पहले कोविड और लॉकडाउन के दौरान भी पराली जलाई जा रही थी फिर भी आसमान साफ और नीला दिखाई देता था, अब क्यों नहीं? पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज को लेकर छात्र आमने-सामने:एक गुट ने नमाज पढ़ी तो दूसरे ने जय भवानी-जय श्रीराम के जयकारे लगाए
लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में नमाज पढ़ने का विवाद बढ़ गया है। रविवार को जिस जगह मुस्लिम छात्रों ने नमाज पढ़ी और इफ्तार किया, सोमवार को उसी जगह हिंदू छात्रों ने जय भवानी, जय श्रीराम के जयकारे लगाए। फिलहाल, कैंपस के अंदर माहौल तनावपूर्ण है। इसे देखते हुए वहां फोर्स लगाई गई है। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने फेसबुक पर पोस्ट किया। लिखा- विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस को नफरत की प्रयोगशाला न बनाए। उस जगह को बच्चों के लिए खोल दिया जाए। दरअसल, कैंपस के अंदर लाल बारादरी बिल्डिंग है, जिसके अंदर मस्जिद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, कई छात्रों का यह भी कहना है कि उसके अंदर एक छोटा मंदिर भी है। बिल्डिंग काफी जर्जर हो गई है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन उसका रेनोवेशन करा रहा है। रविवार को जैसे ही खोदाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में NSUI के स्टूडेंट मौके पर पहुंच गए। छात्रों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कहा- लाल बारादरी ASI द्वारा संरक्षित स्थल है, इसलिए बिना उसकी अनुमति के कोई कंस्ट्रक्शन नहीं किया जा सकता। इसके बाद कुछ छात्रों ने वहां नमाज पढ़ी। शाम को वहीं पर इफ्तार भी किया। नमाज पढ़ने वाले छात्रों को मानव शृंखला बनाकर हिंदू छात्रों ने घेर लिया। जब वे नमाज पढ़कर उठे, तब यह मानव शृंखला हटी। 3 तस्वीरें देखिए… LU कैंपस के पल-पल अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग पढ़िए…
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