उंगलियां, कोहनी और घुटने पड़ गए हैं काले तो न करें नजरअंदाज, ये हो सकते हैं संकेत
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। चेहरे की देखभाल पर तो ज्यादातर लोग ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर के कुछ हिस्से अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाते हैं। हाथों की उंगलियों के जोड़, कोहनी और घुटनों पर जमा कालापन खूबसूरती को फीका कर देते हैं। इन हिस्सों के काले होने के पीछे केवल गंदगी या सफाई की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर के अंदर कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जो इन हिस्सों को प्रभावित करते हैं।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, नकल्स, कोहनी और घुटनों की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में थोड़ी मोटी होती है। इन जगहों पर बार-बार दबाव पड़ने से त्वचा की ऊपरी परत में केराटिन नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह हिस्सा गहरे रंग का दिखाई देने लगता है।
कई बार लगातार घर्षण के कारण शरीर उन जगहों पर मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा देता है। मेलेनिन हमारी त्वचा के रंग को तय करता है। जब किसी हिस्से पर बार-बार दबाव या चोट जैसी स्थिति बनती है तो शरीर सुरक्षा के तौर पर वहां ज्यादा मेलेनिन बनाने लगता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा हो सकता है।
हालांकि, अगर नकल्स, कोहनी या घुटनों का कालापन अचानक बढ़ने लगे, तो इसे केवल बाहरी समस्या मानना सही नहीं है। कई मामलों में यह इंसुलिन रेजिस्टेंस से भी जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता और खून में इंसुलिन का स्तर बढ़ने लगता है। इसका असर त्वचा की कोशिकाओं पर भी पड़ सकता है।
कुछ लोगों में विटामिन बी12 की कमी के कारण भी त्वचा पर गहरा रंग दिखाई दे सकता है, खासकर अगर उंगलियों के जोड़ों में ज्यादा कालेापन आ रहा हो, तो यह शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, थायरॉइड की समस्या या एडिसन डिजीज जैसी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी त्वचा में बदलाव लाती हैं। इसलिए, अगर कालापन लंबे समय से बना हुआ है या इसके साथ कमजोरी, वजन में बदलाव या दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इन समस्याओं में त्वचा की सही देखभाल के साथ कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है। आयुर्वेद में त्वचा की सफाई, नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने के लिए कई घरेलू उपाय बताए गए हैं। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है।
दही और हल्दी का मिश्रण त्वचा के कालेपन को हटाने में उपयोगी माना जाता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, जबकि हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसके लिए दो चम्मच दही में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद इसे पानी से साफ कर लें।
आलू और नींबू का इस्तेमाल भी कई लोग त्वचा के कालेपन को कम करने के लिए करते हैं। आलू में कुछ ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो त्वचा की रंगत को समान बनाने में मदद कर सकते हैं, वहीं नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकता है।
बादाम और मलाई का मिश्रण भी इसमें लाभकारी माना जाता है। बादाम में मौजूद विटामिन ई त्वचा को पोषण देता है और मलाई त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करती है। इसी तरह बेसन और एलोवेरा का मिश्रण भी त्वचा की सफाई करता है। एलोवेरा में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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पिछले 3 महीने में कितने जहाज होर्मुज से सुरक्षित निकाले? अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दी जानकारी
खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कहा कि रणनीतिक रूप से होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में अमेरिकी सेना ने 1,000 से ज्यादा जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित पार कराया है।
सेंटकॉम ने 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया, "होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला और सुरक्षित है। पिछले तीन महीनों में अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के अनुचित रवैये के बावजूद 1,000 से ज्यादा जहाजों को इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से सफलतापूर्वक निकलवाया है। यह सिलसिला अब भी जारी है।"
सुरक्षा का दिया भरोसा
सेंटकॉम ने कहा कि वह इलाके में नौवहन की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। अमेरिका ने खाड़ी में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रखी है ताकि अंतरराष्ट्रीय पानी में व्यापारिक आवाजाही बेरोकटोक हो सके।
सेंटकॉम ने जानकारी दी कि 4 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 45 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला, 2 जहाजों को निष्क्रिय किया और 2 जहाजों की तलाशी ली ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। अमेरिकी युद्धपोत यूएस बॉक्सर भी इस समय तैनात है और निगरानी कर रहा है।
सबसे प्रमुख मार्गों में से एक
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहीं से दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा जहाज से परिवहन के जरिए गुजरता है। इसी बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान से बातचीत कर रहा है। उन्हें उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने को लेकर समझौता हो सकता है।
ईरान से शांति वार्ता
सिन्हुआ के मुताबिक, सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा, "हम ईरानियों से बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आज या कल तक होर्मुज स्ट्रेट खोलने और इस संघर्ष को सामान्य स्थिति की तरफ ले जाने का समझौता हो सकता है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान जहाजों से टोल ले सकेगा, तो उन्होंने कहा, "यहां आवाजाही की आजादी होगी।"
होर्मुज से क्या फायदा
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि जैसे ही खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज दोबारा चलने लगेंगे, शिपिंग और सामान के दाम और गिरेंगे। उनके मुताबिक, इस रुकावट से सिर्फ ऊर्जा ही नहीं, बल्कि खाद, रिफाइंड पेट्रोलियम और औद्योगिक गैसों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका का लंबा लक्ष्य ईरान के पास कोई भी परमाणु हथियार न हो, यह सुनिश्चित करना है। लेकिन अभी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना है। इसके लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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