हरियाणवी सिंगर ने मासूम शर्मा पर गाना रिलीज किया:पुट्ठी ने दारू की पेटी पर नाचने वाला बताया; पूर्व सरपंच से विवाद पर जवाब दिया
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा द्वारा शो के दौरान पूर्व सरपंच को चिल्लाकर मंच से उतारने का मामला और तूल पकड़ रहा है। इस कंट्रोवर्सी के बीच अब हरियाणवी म्यूजिक इंड्स्ट्री के और सिंगर भी कूद पड़े हैं। हांसी के सिंगर राहुल पुट्ठी ने पूरी कॉन्ट्रोवर्सी पर एक गाना रिलीज कर दिया, जिसमें मासूम को एक पेटी दारू पर नाचने वाला बताया। असल में, 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा अपनी बहन कविता व बहनोई धर्मवीर उर्फ धरमू की शादी की सिल्वर जुबली (25वीं सालगिराह) कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को चिल्लाकर मंच से उतार दिया था। अब, सिंगर राहुल पुट्ठी ने सरपंचों पर मासूम शर्मा की टिप्पणी का जवाब गाने से दिया है। 3 मिनट 25 सेकेंड के गाने में मासूम शर्मा को लेकर काफी कुछ कहा है। ‘एक पेटी दारू में नाचन आला सै’, ‘आखिरी वॉर्निंग’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए हैं। ये हैं राहुल पुट्ठी के गाने के बोल राहुल पुट्ठी ने अपने यूट्यूबर चैनल पर 22 फरवरी को इस गाने को रिलीज किया। इस गाने के बोल हैं- "जो मेरे दिल में थी, वो बात बतावण आया सूं। हरियाणे एक बहोत बड़े स्टार नै औकात बतावण आया सूं। कलाकार भतेरे हरियाणा म्ह, उनके रोले न होते। वे तेरे की ज्यूं पीके घमंड में बावले न होते। तेरे कांपै ज्यां स हाथ, तेरा कांपै सारा गात, तेरे इस बीमारी न कोई जांचण आला सै। तूं सरपंच, मंत्री-एमएलए न कुछ ना मानै, तू भी एक दारू की पेटी मैं नाचन आला स।" लाइव आकर बोले- आदमी को आदमी नहीं समझता गाना रिलीज होने के बाद राहुल पुट़्ठी फेसबुक पर लाइव आए और कहा- नमस्कार भाई, मैं आपका राहुल पुट्ठी। आजकल एक माणस सै, जो माणस ने माणस नहीं मानण लागरा (आदमी को आदमी नहीं समझता)। सरपंच, मंत्री-एमएलए, किसे न कुछ नहीं मानण ए नहीं लागरा। गाने की चार लाइन सुनाने के बाद कहते हैं कि यो गाना है भाई। इस गाने ने शेयर कर दो। सरपंच सर्वसमाज बनाता है। थाहम कदे बणै होते तो थाहम न बेरा होता (तुम कभी बने होते तो पता होता)। अगर हक की बात लगी हो तो कमेंट कर देना। खटोला गाने से हुआ राहुल और मासूम के साथ विवाद मासूम शर्मा और राहुल पुट्ठी के बीच विवाद ‘एक खटोला जेल के भीतर’ गाने से शुरू हुआ। मासूम के ‘एक खटोला’ गाने के जवाब में राहुल पुट्ठी ने 'जेल में बेड' गाना लॅान्च किया था। उसके बाद मासूम शर्मा का ‘खटोला-2’ गाना आया तो राहुल पुट्ठी ने उसके जवाब में 'जेल में कट्टा' लॅान्च किया। लगातार विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने बदमाशी से जुड़े गानों पर एक्शन लिया तो दोनों के ये गाने डिलीट हो गए। हांसी के रहने वाले हैं राहुल पुट्ठी हरियाणवी सिंगर राहुल हांसी जिले के पुट्ठी गांव के रहने वाले हैं। राहुल को बचपन से हरियाणवी रागनी और भजन गाने का शौक रहा, जिसके बाद उन्होंने राममेहर महला से गायकी के गुर सीखे। राहुल के अनुसार, शुरुआत में परिवार के लोग इस शौक के कारण पिटाई भी कर देते थे, लेकिन बाद में जब उन्हें लगा कि वह इसमें नाम बना रहा है तो परिवार ने भी उनका साथ दिया। वह 12वीं तक पढ़े हैं। राहुल के पिता सत्यवान हांसी में मैकेनिक हैं। राहुल की दो बहनें व एक भाई है। राहुल इनमें सबसे बड़े हैं। 18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में हुआ। मासूम शर्मा स्टेज पर आए तो भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने वहां खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। मासूम शर्मा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पूर्व सरपंच ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली और कहा कि मासूम को पैसे देकर कहीं भी नचवा लो। अगर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत बुलाई जाएगी। ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें :- पूर्व सरपंच बोले- मासूम शर्मा बटेऊ जैसा नखरा छोड़े:पंचायत के सामने लाइव माफी मांगनी पड़ेगी; हरियाणवी सिंगर के भाई ने गलती मानी हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हुआ। 21 फरवरी की शाम जींद में मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से माफी मांगी और कहा कि मासूम शर्मा बाहर है। इसलिए उसकी जगह मैं आया हूं। इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब पुलिस के ASI-होमगार्ड की हत्या:क्या है TTH जिसने इसकी जिम्मेदारी ली, PAK में एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप TTP से इसका क्या संबंध, सभी सवालों के जवाब
गुरदासपुर में पाकिस्तान सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भारतीय क्षेत्र में आदियां गांव में बनी पंजाब पुलिस की चौकी में ड्यूटी पर तैनात ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की हत्या कर दी गई। ASI के सिर और होमगार्ड के सीने में गोली मारी गई। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुईं इन हत्याओं की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक लेटर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस लेटर की पुष्टि नहीं की। गुरदासपुर के SSP आदित्य ने कहा कि इस आतंकी संगठन की वायरल पोस्ट की जांच की जा रही है। उन्होंने ऐसे किसी आतंकी संगठन के सक्रिय होने के भी पुष्टि नहीं की। क्या है आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH), जिसने दोनों पुलिसवालों की हत्या की जिम्मेदारी ली? क्या इसका अफगानिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से कोई संबंध है? संगठन ने पंजाब में हमला क्यों किया? जानिए सभी सवालों के जवाब… सवाल नं. 1- क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान? जवाब - जिस आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने गुरदासपुर में पुलिसवालों की हत्या की जिम्मेदारी ली है, पुलिस के मुताबिक इस नाम से कोई ऑफिशियल या एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप अस्तित्व में नहीं है। यह नाम असल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा वर्जन है, जिसे भारत विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह नाम कभी-कभी अफवाहें फैलाने या सोशल मीडिया पर प्रचार के रूप में इस्तेमाल होता है। अब तक किसी बड़ी वारदात में इसका नाम नहीं आया। TTP को पाकिस्तान में फितना अल-हिंदुस्तान के नाम से भी संबोधित किया जाने लगा है। सवाल नं. 2 - TTH का TTP से क्या संबंध है? जवाब - माना जाता है कि TTH को भारत में दहशत फैलाने के लिए TTP ने ही बनाया गया था, लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी दहशतगर्दी के निशान अब तक भारत में कहीं मिले नहीं हैं। TTP ने 2013 में एक बयान में कहा था कि वे भारत में भी शरिया लागू करना चाहते हैं और कश्मीर में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उसके बाद कोई बड़ा ऑपरेशन या तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप भारत में सामने नहीं आया। यह ज्यादातर प्रचार या धमकी का हिस्सा था। सवाल नं. 3 - TTP पाकिस्तान में क्यों दहशत फैला रहा? जवाब - तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पाकिस्तान में एक प्रमुख दहशतगर्द संगठन है। इसे 2007 में बनाया गया। इसका मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान में शरिया आधारित अमीरात कायम करना है। यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन विचारधारा में काफी करीब है। TTP पाकिस्तान में सेना, पुलिस और नागरिकों पर हमले करता रहता है। पाकिस्तान सरकार और सेना TTP को भारत समर्थित बताकर भारत पर आरोप लगाती है। पाक PM शहबाज शरीफ और अन्य अधिकारियों ने कई बार कहा है कि TTP के हमले अफगानिस्तान से हो रहे हैं और भारत उनका बैकिंग कर रहा है। भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इन्हें पाकिस्तान की अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश बताया है। सवाल नं. 4 - TTH ने पंजाब में हमला क्यों किया? जवाब - पंजाब में गुरदासपुर के दुरंगला पुलिस पोस्ट पर तैनात 2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या की गई। रविवार शाम (22 फरवरी) को सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर किए गए, जिनमें तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप जिम्मेदारी ले रहा था। पोस्टर पाकिस्तान-बेस्ड होने का दावा किया गया। हालांकि, पंजाब पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि यह ग्रुप पंजाब में या पूरे भारत में कहीं भी मौजूद नहीं है। यह दावा फर्जी या प्रोपेगैंडा है। पुलिस ने इसे खारिज कर दिया है और जांच जारी है। बड़ी बात यह है कि पोस्टर में कहीं इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि ये हत्याएं क्यों की गईं। पोस्टर में भारतीय सुरक्षाबलों को चेतावनी जरूर दी गई कि वे इस्तीफा दे दें, नहीं तो उन्हें घर में घुसकर निशाना बनाया जाएगा। अंत में दोनों पुलिसवालों की मौत का पूरा मामला जानिए… गुरदासपुर में दुरंगला पुलिस पोस्ट पर तैनात ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। चौकी में ASI की डेडबॉडी कुर्सी पर तो होमगार्ड की चारपाई में रजाई के अंदर मिली। जिस पोस्ट पर इनकी लाश मिली, वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था। पुलिस जांच में गोलियों के करीब 4 खोल मिले। SSP बोले- मामले की जांच चल रही गुरदासपुर के SSP आदित्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। पुलिस पोस्ट पर तैनात 2 पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हुई है। दोनों जवान मृतक हालत में चौकी के कमरे में मिले थे। फॉरेंसिक टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। उनसे जब पूछा गया कि इस मामले में आतंकी हमले या गैंगस्टरों के कत्ल करने से भी जोड़ा जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा- हमारी तकनीकी और फोरेंसिक टीम जांच कर रही हैं। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… आतंकी संगठन का दावा- ASI-होमगार्ड जवान की हत्या हमने की:गुरदासपुर पुलिस चौकी में मिली लाशें; TTH बोला- आर्मी-BSF-पुलिस छोड़ें वर्ना घर टारगेट करेंगे गुरदासपुर में पंजाब पुलिस की चौकी में ASI और होमगार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। चौकी में एक की डेडबॉडी कुर्सी पर तो दूसरे की चारपाई में रजाई के अंदर मिली। मौत का पता तब चला, जब चौकी में किसी ने उनका फोन नहीं उठाया। पूरी खबर पढ़ें…
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