IND vs SA Super-8: एक खिलाड़ी खतरे दो, 4 चालों से पलट सकती भारत-साउथ अफ्रीका मैच की बाजी
IND vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टक्कर सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, रणनीतियों की भी होगी। कागज पर टीम इंडिया मजबूत दिख रही लेकिन टी20 ऐसा फॉर्मेट है जहां छोटी-छोटी चालें मैच का पूरा पासा पलट देती हैं। अहमदाबाद में होने वाले इस मुकाबले में कुछ खास रणनीति मैच का रुख तय कर सकती।
सबसे पहली चर्चा दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम की ही कर लेते हैं। वो सिर्फ कप्तान, बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं और भारत के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में उनकी यही खूबी ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है।
मार्करम भारत के लिए दोहरा खतरा
भारत के पहले तीन बैटर्स बाएं हाथ के हैं। इसलिए मार्करम की ऑफ स्पिन बड़ा हथियार बन सकती है। पिछले मैच में नीदरलैंड्स के खिलाफ भी ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त ने अभिषेक शर्मा को खाता नहीं खोलने दिया था। चोटिल डोनोवन फरेरा की गैरमौजूदगी में मार्करम खुद ज्यादा गेंदबाजी कर सकते हैं जबकि ट्रिस्टन स्टब्स भी विकल्प रहेंगे।
ऑफ स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज संघर्ष कर रहे
टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा ऑफ-स्पिन खेली है। दिलचस्प बात यह है कि ओपनर अभिषेक शर्मा आम तौर पर स्पिन के खिलाफ आक्रामक रहते हैं। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने ऑफ-स्पिन पर भी तेजी से रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल के पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट ऑफ-स्पिन के खिलाफ 152 से ज्यादा है। हालांकि लेग स्पिन और लेफ्ट आर्म स्पिन के मुकाबले यह थोड़ा कम है।
समस्या यह रही कि इस टूर्नामेंट में वह 2 बार ऑफ-स्पिन पर आउट हो चुके हैं। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका इसी कमजोरी को निशाना बना सकता। अगर भारत का जल्दी विकेट गिरता है तो टीम मैनेजमेंट सूर्यकुमार यादव को ऊपर भेज सकता है। वजह यह है कि तिलक वर्मा का पावरप्ले में ऑफ-स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रेट ज्यादा अच्छा नहीं रहा।
मार्करम टी20 विश्व कप में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे
दूसरी तरफ मार्करम बल्ले से शानदार फॉर्म में हैं। वह इस टूर्नामेंट में करीब 178 रन बना चुके और उनका स्ट्राइक रेट 187 से ज्यादा। ऐसे में भारत की रणनीति साफ हो सकती है- शुरुआत में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह लगातार 4 ओवर गेंदबाजी कराई जा सकती है। अगर क्विंटन डिकॉक जल्दी आउट हो जाते हैं तो स्पिनर अक्षर पटेल का मुकाबला मार्करम से दिलचस्प हो सकता है।
टी20 क्रिकेट में अक्षर ने उन्हें 34 गेंदों में सिर्फ 38 रन दिए हैं और 3 बार आउट किया है। मार्करम खिलाड़ी तो हैं लेकिन भारत के लिए वो दोहरा खतरा बन सकते हैं और उन्हें खामोश करने के लिए खास रणनीति अपनानी होगी।
एनगिडी की स्लोअर गेंद भी भारत के लिए खतरा
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी भी भारत के लिए चुनौती बन सकते हैं। वह इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा स्लोअर बॉल डालने वाले गेंदबाजों में हैं। करीब 42 फीसदी गेंद उन्होंने धीमी डाली हैं और उन्हें 4 विकेट भी मिले हैं। उनकी खासियत यह है कि वे लूप वाली फुल स्लोअर गेंद डालते हैं जो बल्लेबाज को चकमा दे देती है और भारत के बल्लेबाज अक्सर बड़े शॉट्स खेलने की कोशिश करते हैं और तब एनगिडी की स्लोअर गेंद और घातक हो जाती है। खासतौर पर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे लॉन्ग हैंडल से बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में लूपी स्लोअर बॉल को संभालना आसान नहीं होता है।
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अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस भी बड़ा फैक्टर बन सकता है। यहां अक्सर ओस का असर दिखता है। 2025 मैच से अहमदाबाद में दूधिया रोशनी में 11 टी20 खेले गए हैं। इसमें पहली पारी का औसत स्कोर 100 रन रहा है और 9 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। इस टी20 विश्व कप की अगर बात करें तो इशारा ऐसी ही मिल रहा कि पहले बल्लेबाजी करना फायदा का सौदा हो सकता। । साफ है कि भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मुकाबला सिर्फ बैट और बॉल का नहीं, दिमाग का भी खेल होगा।
Coconut Husk Uses: नारियल का छिलका घर के 5 काम बनाएगा आसान, इन तरीकों से कर लें इस्तेमाल
Coconut Husk Uses: रसोई में अक्सर नारियल का पानी या गिरी इस्तेमाल करने के बाद उसका सख्त छिलका सीधे कूड़ेदान में चला जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही बेकार समझा जाने वाला छिलका आपके घर के कई छोटे-बड़े काम आसान बना सकता है? थोड़ी सी समझदारी से यह वेस्ट नहीं, बल्कि बेस्ट साबित हो सकता है।
आज जब हर कोई इको-फ्रेंडली और बजट-फ्रेंडली तरीकों की तलाश में है, तब नारियल का छिलका एक शानदार घरेलू जुगाड़ बनकर उभरता है। आइए जानते हैं 5 ऐसे आसान और कारगर तरीके, जिनसे आप नारियल के छिलके का दोबारा उपयोग कर सकते हैं।
नारियल छिलका उपयोग करने के तरीके
पौधों के लिए प्राकृतिक खाद
नारियल के छिलके को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर या पीसकर मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इसमें प्राकृतिक रेशा और पोषक तत्व होते हैं जो मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करते हैं। यह खासतौर पर गमलों के पौधों के लिए फायदेमंद है। छिलके का पाउडर मिट्टी को हल्का और हवादार बनाता है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है।
बर्तन साफ करने का प्राकृतिक स्क्रबर
नारियल का रेशा मजबूत और खुरदुरा होता है। इसे स्टील या लोहे के बर्तनों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जले हुए तवे या कड़ाही पर जमा चिकनाई को हटाने में यह बेहद असरदार होता है। साथ ही यह प्लास्टिक स्क्रबर की तुलना में पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित विकल्प है।
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घर में सजावट के लिए उपयोग
नारियल के छिलके को आधा काटकर उससे खूबसूरत डेकोरेटिव आइटम बनाए जा सकते हैं। आप इसे छोटा सा प्लांटर, दीया होल्डर या हैंगिंग डेकोरेशन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। थोड़ी पेंटिंग और सजावट से यह घर की खूबसूरती बढ़ा सकता है और आपकी क्रिएटिविटी भी दिखा सकता है।
प्राकृतिक ईंधन के रूप में
ग्रामीण इलाकों में नारियल के सूखे छिलके का उपयोग जलाने के लिए किया जाता है। यह जल्दी आग पकड़ता है और लंबे समय तक जलता है। बार्बेक्यू या चूल्हे में भी इसे ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह कोयले का सस्ता और प्राकृतिक विकल्प साबित होता है।
कीट भगाने में मददगार
नारियल के छिलके को जलाने पर उससे निकलने वाला धुआं मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करता है। शाम के समय घर के बाहर या आंगन में इसका उपयोग किया जा सकता है। यह केमिकल वाले कॉइल की तुलना में अधिक प्राकृतिक विकल्प है।
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