श्रीलंका में बौद्ध भिक्षु सरकार से नाराज क्यों हैं [Monks press govt for wider role]
दो करोड़ बीस लाख की आबादी वाले श्रीलंका में 70 फीसदी आबादी बौद्ध धर्म को मानती है. इसीलिए बौद्ध धर्म गुरुओं का देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मामलों में बहुत प्रभाव माना जाता है. लेकिन अब वे सरकार पर अपनी अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं.
मलाई सी कोमल, रोगों में संजीवनी...कांडा की गडेरी के कहने ही क्या, क्यों पहाड़ी थाली की जान, जानें सीक्रेट
कांडा की गडेरी को गरमा-गरम मडुवे की रोटी के साथ खाना पहाड़ की सबसे पसंदीदा परंपरा है. मडुवा पहाड़ों का प्रमुख अनाज है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. गडेरी की मलाईदार सब्जी और मडुवे की मोटी रोटी पौष्टिक भोजन में शामिल है. स्थानीय लोग इसकी तुलना मलाई या मक्खन से करते हैं, क्योंकि पकने के बाद यह बेहद मुलायम हो जाती है. इसके टुकड़े इतने नरम होते हैं कि मुंह में रखते ही घुल जाते हैं. कांडा क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी और ठंडी जलवायु गडेरी की गुणवत्ता को कई गुना बढ़ा देती है. शहरों में लोग इसका और ऊंचे दाम देने को तैयार रहते हैं.
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