Auto Industry: भविष्य में लेवल 2 ADAS से मजबूत होगी वाहनों की सेफ्टी, पढ़ें अहम जानकारी
Auto Industry: आने वाले वर्षों में लेवल 2 ADAS दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली एक्टिव सेफ्टी तकनीक बन सकती है। एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और Euro NCAP तथा Japan NCAP जैसे वैश्विक सुरक्षा निकाय बेहतर सेफ्टी रेटिंग के लिए इस तकनीक की मौजूदगी को अहम मान रहे हैं। हाल ही में आयोजित ADAS शो के तीसरे एडिशन में यह संकेत है।
2030 तक L2 और L2+ का बढ़ेगा दायरा
HERE Technologies के सीनियर डायरेक्टर (दक्षिण पूर्व एशिया और भारत) अभिजीत सेनगुप्ता के मुताबिक 2030-2035 तक अधिकतर नए वाहन L2 और L2+ श्रेणी में आ सकते हैं। L2 सिस्टम में ड्राइवर को स्टीयरिंग पर हाथ और सड़क पर नजर बनाए रखनी होती है, जबकि L2+ में कुछ हैंड्स-ऑफ फीचर्स मिलते हैं। लेवल 3 और उससे ऊपर के सिस्टम ज्यादा एडवांस हैं, लेकिन भारत के लिए ऐसा सॉफ्टवेयर अभी तैयार नहीं है।
नियमों से बढ़ेगी मांग
ऑटो टेक कंपनी Mobileye ने घोषणा की है कि वह 2027 से भारत में L2+ तकनीक का परीक्षण शुरू करेगी। कंपनी का मानना है कि 25,000 से 30,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली कारों में सुरक्षा फीचर्स बड़ा अंतर पैदा कर रहे हैं। साथ ही, भारत NCAP 2.0 के तहत 5-स्टार रेटिंग में ADAS की भूमिका अहम हो सकती है। 2027 के अंत तक भारी कमर्शियल वाहनों में ADAS अनिवार्य होने से बिक्री में 10 लाख यूनिट तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
भारतीय परिस्थितियों के लिए अनुकूलन जरूरी
Renault Group की सॉफ्टवेयर - ड्राइव एंड कम्फर्ट की वीपी नीना रोएक के अनुसार, ADAS सिस्टम आमतौर पर संरचित और नियम-आधारित ट्रैफिक के लिए डिजाइन किए जाते हैं, जबकि भारत में सड़क हालात अधिक जटिल हैं। दोपहिया वाहन, पैदल यात्री, जानवर और असंगठित ट्रैफिक जैसे कारकों के कारण सिस्टम को स्थानीय डेटा के अनुसार प्रशिक्षित करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में ADAS का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए तकनीक को स्थानीय सड़क परिस्थितियों के अनुरूप ढालना अनिवार्य होगा।
(मंजू कुमारी)
Ducati Bike: डुकाटी ने पेश की नई लिमिटेड-रन कैफे रेसर फॉर्मूला 73, जानें फीचर्स
Ducati Bike: इटैलियन सुपरबाइक निर्माता Ducati ने अपनी विरासत को सम्मान देते हुए नई लिमिटेड-रन कैफे रेसर फॉर्मूला 73 को पेश किया है। यह खास मॉडल 1973 की सुपर स्पोर्ट डेस्मो को समर्पित है, जिसे खुद 1972 इमोला 200 रेस जीतने वाली ऐतिहासिक 750 इमोला डेस्मो से प्रेरणा मिली थी। उस दौर में पॉल स्मार्ट की जीत ने डुकाटी को प्रोडक्शन-आधारित रेसिंग में नई पहचान दिलाई और डेस्मोड्रोमिक वाल्व टाइमिंग को ब्रांड की तकनीकी विरासत का प्रतीक बना दिया।
रेट्रो लुक के साथ मॉडर्न टच
फॉर्मूला 73 का डिजाइन 1973 सुपर स्पोर्ट डेस्मो से प्रेरित है। इसमें हाफ-फेयरिंग, सिल्वर और ग्रीन कलर कॉम्बिनेशन जैसे क्लासिक एलिमेंट्स दिए गए हैं, जिन्हें आधुनिक अंदाज में पेश किया गया है। क्लिप-ऑन हैंडलबार, बार-एंड मिरर और सिंगल-सीट सेटअप के साथ कटे हुए टेल सेक्शन इसे असली कैफे रेसर स्टाइल देता है। 17-इंच वायर-स्पोक व्हील्स 1970 के दशक की याद दिलाते हैं।
इंजन और परफॉर्मेंस
यह बाइक Ducati Scrambler पर आधारित है। इसमें 803cc, एयर-कूल्ड, 90-डिग्री टेस्टास्ट्रेट्टा V-ट्विन इंजन मिलता है, जो 71 बीएचपी की पावर और 65 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है। फ्रेम और स्विंगआर्म भी स्क्रैम्बलर से साझा किए गए हैं, जिससे इसकी परफॉर्मेंस भरोसेमंद और संतुलित रहती है।
फीचर्स और टेक्नोलॉजी
रेट्रो डिजाइन के बावजूद फॉर्मूला 73 आधुनिक तकनीक से भरपूर है। इसमें राइड-बाय-वायर थ्रॉटल, कॉर्नरिंग ABS, ट्रैक्शन कंट्रोल, क्विकशिफ्टर और दो राइड मोड्स मिलते हैं। ब्रेकिंग के लिए आगे 330 मिमी डिस्क के साथ ब्रेम्बो का चार-पिस्टन कैलिपर दिया गया है, जबकि सस्पेंशन KYB का है। इसके अलावा फुल-एलईडी लाइटिंग, TFT डिस्प्ले, बिलेट एल्युमीनियम लीवर और रिजोमा फ्यूल कैप जैसे प्रीमियम एलिमेंट्स इसे खास बनाते हैं।
फॉर्मूला 73 रेट्रो स्टाइल और आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन मेल है, जो डुकाटी प्रेमियों के लिए एक कलेक्टर आइटम साबित हो सकती है।
(मंजू कुमारी)
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