UP में विकास की नई रफ्तार, PM Modi दिखाएंगे Meerut Metro और Namo Bharat Train को हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मेरठ में ‘नमो भारत ट्रेन’ और ‘मेरठ मेट्रो रेल सेवा’ का उद्घाटन करेंगे और कई अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करने के बाद एक जन सभा को भी संबोधित करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला प्रशासन के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री पूर्वाह्न 11 बजे गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वाह्न सवा 11 बजे सरकारी हेलीकॉप्टर से शताब्दी नगर स्टेशन के पास मोहकमपुर में हेलीपैड पर पहुंचेंगे। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर उसी हेलीपैड पर उतरेगा, जहां मुख्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री शताब्दी नगर स्टेशन से ‘नमो भारत ट्रेन’ और ‘मेरठ मेट्रो’ को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद मोदी और योगी आदित्यनाथ मेट्रो से मेरठ साउथ स्टेशन तक जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि मोदी वहां से सड़क के रास्ते मोहिउद्दीनपुर में अपराह्न एक बजे जन सभा को संबोधित करने से पहले कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि जन सभा के बाद प्रधानमंत्री अपराह्न करीब दो बजकर 10 मिनट पर मोहिउद्दीनपुर हेलीपैड से हिंडन हवाई अड्डा के लिए रवाना होंगे। नमो भारत सेवा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसे दिल्ली और मेरठ के बीच तेज और बेहतर पहुंच देने के लिए तैयार किया गया है।
Pakistan की Afghanistan में 'Surgical Strike'! आतंकी हमलों के बाद TTP के 7 कैंप किए ध्वस्त
पाकिस्तान ने देश में हुए हालिया हमलों के जवाब में अफगानिस्तान में शनिवार रात कम से कम सात ‘‘आतंकवादी ठिकानों’’ को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई की। खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर कीं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन हमलों की जिम्मेदारी फितना अल ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत (आईएसपीके) ने ली है।’’ उसने कहा कि अफगान तालिबान शासन से बार-बार आग्रह किया गया कि वह आतंकवादी समूहों और विदेशी एजेंटों को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने से रोके लेकिन इसके बावजूद वह उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में ‘‘विफल’’ रहा। उसने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान, एफएके और उसके सहयोगियों तथा आईएसकेपी से संबंधित सात आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को खुफिया जानकारी के आधार पर सटीक और कुशलता से निशाना बनाया है।’’ मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अंतरिम अफगान सरकार से अपने दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा को दोहराता है।
उसने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके तथा यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन ‘‘हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है। इसके कारण पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं। पिछले साल अक्टूबर में, दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त रूप से सशस्त्र संघर्ष हुआ था। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिक मारे गए थे।
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