राजस्थान रीको भर्ती में बढ़ी सीटों की संख्या, ऑनलाइन आवेदन की भी बढ़ाई गई अंतिम तिथि
Rajasthan RIICO Recruitment 2026: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है. राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एंव निवेश निगम में चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है. अब उम्मीदवार 7 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे. पहले तय समय सीमा को लेकर कई अभ्यर्थियों में असमंजस था. तकनीकी कारणों और अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
पदों की संख्या में भी हुआ इजाफा
रीको भर्ती से जुड़ी एक और अहम जानकारी सामने आई है. चार अलग-अलग संवर्गों में कुल 23 नए पद जोड़े गए हैं. इससे प्रतियोगी छात्रों के लिए चयन के अवसर और बढ़ गए हैं. पदों की संख्या बढ़ने से भर्ती प्रक्रिया और अधिक संतुलित होगी. साथ ही योग्य उम्मीदवारों को बेहतर मौका मिलेगा.
रीको की यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए किसी भी प्रकार का ऑफलाइन फॉर्म जमा नहीं करना होगा. आवेदन से पहले उम्मीदवारों को नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है. योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की जानकारी भी वहीं उपलब्ध है.
रीको में विभिन्न संवर्गों में चल रही, भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर, 7 मार्च 2026 कर दी गई है। साथ ही, चार संवर्गों में 23 पदों की वृद्धि भी की गई है। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, नियम एवं शर्तें, परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश एवं अन्य आवश्यक जानकारी… pic.twitter.com/gTjBs52xwb
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 21, 2026
परीक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश
रीको द्वारा परीक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश भी वेबसाइट पर जारी किए गए हैं. इनमें परीक्षा पैटर्न, सिलेबस और अन्य जरूरी सूचनाएं शामिल हैं. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें. किसी भी अपडेट या संशोधन की जानकारी वहीं दी जाएगी.
कहां से मिलेगी पूरी जानकारी
रीको भर्ती से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां निगम की आधिकारिक वेबसाइट https://riico.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं. यहीं से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. साथ ही नोटिफिकेशन और नवीनतम अपडेट भी यहीं मिलेंगे.
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
रीको में नौकरी पाना कई युवाओं का सपना होता है. अंतिम तिथि बढ़ने और पदों की संख्या बढ़ने से यह मौका और बेहतर हो गया है. अब उम्मीदवारों के पास आवेदन पूरा करने और तैयारी मजबूत करने के लिए अतिरिक्त समय है. यह फैसला निश्चित रूप से हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है.
यह भी पढ़ें: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गौसेवा के लिए दिए 20 लाख रुपये, गौ संरक्षण को बताया सामूहिक दायित्व
सीएम योगी ने यूपी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जारी किया आदेश, ये कोर्स करना किया जरूरी
UP News: उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्मार्ट और हाईटेक नजर आएंगे. दरअसल, योगी सरकार ने 'मिशन कर्मयोगी भारत' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. जिसके लिए योगी सरकार राज्य के सभी 63 विभागों के 17 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में राज्य के प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक ने आदेश भी जारी कर दिया है. जिसमें साफ कहा गया है कि तकनीकी दक्षता अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य होगी.
सहकारी आदेश के बाद मची हलचल
बता दें कि योगी सरकार ने 12 फरवरी को इसे लेकर आदेश जारी किया था. इसके अगले दिन यानी 13 फरवरी को प्रमुख सचिव नियुक्ति की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. जिसमें सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए गए. जिसमें कहा गया कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का पंजीकरण 'कर्मयोगी भारत' पोर्टल पर सुनिश्चित करें. सरकारी आदेश के मुताबिक, सभी कर्मचारियों को पोर्टल पर उपलब्ध कुल तीन पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा. इनमें 'एआई का परिचय' का कोर्स करना अनिवार्य होगा.
कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का किया गया गठन
बता दें कि योगी सरकार ने सिर्फ आदेश ही जारी नहीं किया है बल्कि इस प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए 'कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन' का भी गठन किया है. जो विशेषज्ञों के साथ मिलकर कर्मचारियों के लिए ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करेगा, जो सरकारी कामकाज में मददगार साबित हो. इसी कड़ी में आवास विभाग ने भी अपने स्तर पर 'प्रदेश स्तरीय कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन' का गठन किया है. जिससे विभाग में डिजिटल कार्यक्षमता को जल्द से जल्द बढ़ाया जा सके.
जानें क्या है सरकार का लक्ष्य
दरअसल, योगी सरकार का लक्ष्य डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट वर्किंग का है. शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले वक्त में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में काफी बदलाव लाएगी. डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ते कदम के एआई की मदद से फाइलों का जल्द से जल्द निस्तारण, जनशिकायतों के सटीक समाधान और भारी भरकम डेटा का विश्लेषण करने में आसानी होगी.
ये भी पढ़ें: योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी में अब रविवार को भी हो सकेगी रजिस्ट्री
लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकारी आदेश में सख्त चेतावनी भी दी गई है. जिसमें साफ किया गया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित समयसीमा के भीतर एआई कोर्स पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि योगी सरकार ऐसा कर राज्य के हर सरकारी कार्यालय को कागजी खानापूर्ति से बाहर निकालना है.
ये भी पढ़ें: UP News: सीएम योगी का किसानों को तोहफा, 2.5 लाख से ज्यादा के खातों में भेजे 460 करोड़ रुपये
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















