Viral Video: वजन घटाने के लिए प्लास्टिक खा रहे हैं चीन के लोग! वायरल वीडियो में देखें अजीबोगरीब ट्रेंड
Viral Video: आजकल सोशल मीडिया पर तेजी से एक ट्रेंड वायरल हो रहा है, जो चीन से संबंधित है. दरअसल, यहां के लोग वजन घटाने के लिए प्लास्टिक चबा रहे हैं, जो बड़ा ही अजीब है. यहां के युवा इन दिनों इस डाइट को सख्ती से फॉलो कर रहे हैं. इस अजीब डाइट को क्लिंग रैप डाइट नाम दिया गया है. यह ट्रेंड TikTok, Douyin और X जैसे प्लेटफॉर्म पर फैल चुका है.
क्या है प्लास्टिक ईटिंग ट्रेंड?
वायरल वीडियोज में देखा जा रहा है कि लोग प्लास्टिक रैप को अपने चेहरे पर बांधते हैं और इसके बाद खाना चबाते हैं. कुछ देर बाद खाना थूक देते हैं. उनका मानना है कि खाना खाने के इस तरीके से उनके दिमाग को मैसेज जाता है कि उनका पेट भर गया है. ऐसा करने से शरीर में कैलोरी नहीं जाती है और भूख भी कम लगती है. कई यूजर्स का मानना है कि इससे वेट कंट्रोल रहता है. हालांकि, इस ट्रेंड के पीछे अभी तक कोई साइंटिफिक जांच नहीं हुई है.
प्लास्टिक से वजन कम होगा!
इस बारे में कोई ठोस सबूत नहीं है, जबकि हेल्थ एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ट्रेंड्स को अपनाने के खिलाफ होते हैं क्योंकि इनसे नुकसान ज्यादा होते हैं. प्लास्टिक के इस ट्रेंड में खाना इंसान के शरीर में नहीं जा रहा है. इससे शरीर के अंदर पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. वहीं, लंबे समय तक भूखे रहने से ओवरईटिंग की आदत लग सकती है. ओवरईटिंग हमारे वजन को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है. प्लास्टिक को मुंह पर बांधना भी खतरनाक होता है.
Young people in China are reportedly putting plastic bags over their mouths while eating out of fear of gaining weight pic.twitter.com/l530HUvWyg
— Clown World ™ ???? (@ClownWorld) February 18, 2026
ऐसे ट्रेंड्स से दूरी है बहुत जरूरी
सोशल मीडिया पर वायरल ट्रेंड्स को लेकर सावधानी बरतनी बहुत जरूरी होती है क्योंकि कई बार ये चीजें हमारे लिए हानिकारक बन सकती है. खासतौर पर जब बात सेहत की हो तो प्रमाण होने बहुत जरूरी है. कई बार वायरल ट्रेंड्स हमारी सेहत को बिगाड़ देते हैं और बीमारी की वजह बन जाते हैं. इसलिए, सलाह दी जाती है कि कोई भी नई डाइट, दवा या अन्य चीजों को अपनाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेनी जरूरी है.
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'CRPF के बिना नहीं की जा सकती देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना', गुवाहाटी में बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को असम के गुवाहाटी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान गृह मंत्री के साथ असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभा संबोधित किया. अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ 86 साल से अपने उत्कृष्ठ प्रदर्शन, शौर्य, धैर्य, वीरता और बलिदान के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है.
'CRPF के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की नहीं की जा सकती कल्पना'
उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना सीआरपीएफ के बिना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि 86 साल में सीआरपीएफ ने इस देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ अपनी कर्तव्य परायणता के कारण बनकर परफॉर्म भी किया है और परिणाम भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में 2270 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं. गृह मंत्री ने सभी जवानों के नमन करते हुए कहा कि उनकी कर्तव्य परायणता और बलिदानी जज्बे के कारण ही कई मौकों पर देश को बचाने का काम देश को सुरक्षित करने का काम सीआरपीएफ के जवानों ने किया है.
#WATCH | Assam: At the 87th CRPF Day Parade in Guwahati, Union Home Minister Amit Shah says, "Stone pelting incidents in Kashmir have become zero. Industries are coming up, and development is taking place. CRPF, BSF and especially Jammu & Kashmir Police have a huge contribution… pic.twitter.com/NfdR0PvQMY
— ANI (@ANI) February 21, 2026
आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन गए थे ये इलाके
गृह मंत्री ने आगे कहा कि, 11-12 साल पहले इस देश में तीन बड़े हॉट स्पॉट थे, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बनकर उभरे थे, जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद-माओवादी क्षेत्र और हमारा उत्तर पूर्व. अब आज स्थानों पर हमें शांति स्थापित करने में सफलता मिली है और ये तीनों क्षेत्र एक जमाने में बम धमाके, गोलियां, बंद, ब्लॉकेज और विनाश का दृश्य बनते थे, वहीं तीनों क्षेत्र आज देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनकर समग्र देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.
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गृह मंत्री ने बताया सीआरपीएफ के कितने जवानों ने दिया बलिदान
गृह मंत्री शाह ने कहा कि, ये हमारे लिए बहुत आनंद और गर्व का विषय है. शाह ने कहा कि मैं देश की जनता को ये भी याद दिलाना चाहता हूं कि तीनों क्षेत्र को शांत करने में. अगर मैं पूर्वोत्तर की बात करूं तो यहां 700 सीआरपीएफ के जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. उसके कारण अब पूर्वोत्तर में शांति है. नक्सलवादी क्षेत्र में 780 जवानों ने अपना बलियान दिया, जम्मू-कश्मीर में लगभग 540 जवानों ने अपना बलिदान दिया और बाकी पूरे देश में ढाई सौ से ज्यादा जवानों ने अलग-अलग स्थानों पर अपना बलिदान दिया है. शाह ने कहा कि, 'इन बलिदानियों के बगैर इन तीनों हॉट स्पॉट को आज विकास के रास्ते पर ले जाना असंभव होता. अगर सिर्फ असम की बात करूं तो 79 जवानों ने शांति स्थापित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.'
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