Vinayak Chaturthi 2026: आज रखा जाएगा विनायक चतुर्थी का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व
Vinayak Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में हर माह में दो चतुर्थी पड़ती है. एक कृष्ण और दूसरी शुक्ल पक्ष में. चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता और प्रथमपूज्य भगवान गणेश को समर्पित होता है. इस तिथि पर भगवान गणेश का व्रत और पूजन किया जाता है. इसे फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी ढुण्ढिराज चतुर्थी भी कहा जाता है. भगवान गणेश की आराधना के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ढुण्ढिराज चतुर्थी का व्रत और भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन करने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. जो रुके हुए काम हैं वो भी पूरे होते हैं. ऐसे में चलिए आज ढुण्ढिराज चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व के बारे में.
विनायक चतुर्थी 2026 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आज दोपहर 02 बजकर 38 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन शनिवार यानी कल दोपहर 01 बजे होगा. क्योंकि कल सुबह सूर्योदय के समय चतुर्थी तिथि विद्यमान रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आज यानी 21 फरवरी को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा.
विनायक चतुर्थी 2026 पूजन शुभ मुहूर्त
विनायक चतुर्थी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. मध्यान्ह प्रमुख समय 12 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा और ये दोपहर 02 बजकर 05 मिनट तक रहेगा. सांयकाल का समय 03 बजकर 31 मिनट से शाम 04 बजकर 56 मिनट तक रहेगा.
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
अगर आप भी आज विनायक चतुर्थी का व्रत रख रहे हैं तो सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें. उसके बाद व्रत का संकल्प लें. लाल वस्त्र बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा रखें. गणेश जी को सिंदूर तिलक लगाकर दूर्वा अर्पित करें. उनका पसंदीदा भोग मोदक या लड्डू का भोग लगाएं ध्यान रहे तुलसी का इस्तेमाल न करें. साथ ही ऊँ गं गणपतये नम: मंत्र का जाप करते रहे. विनायक चतुर्थी कथा का पाठ करें और अंत में आरती करें.
विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी की विशेष महिमा बताई गयी है. इस चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है. शत्रुओं पर विजय मिलती है. जीवन के सभी संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं. इसलिए इस चतुर्थी का व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए.
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क्या भारत को भी देना होगा अमेरिका को 10 प्रतिशत टैरिफ? ट्रेड डील को लेकर व्हाइट हाउस ने कही ये बात
US Tariffs: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से टैरिफ लगाने की घोषणा की है. लेकिन इस बार ट्रंप ने किसी एक या कुछ देशों पर टैरिफ का एलान नहीं किया है, बल्कि दुनियाभर के सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. इसके साथ ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत को भी ये टैरिफ देना होगा? क्योंकि भारत और अमेरिका के बात हाल ही में ट्रेड डील हुई है. जिसके तहत अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था. 10 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद व्हाइट हाउस ने भारत से भी उम्मीद जताई है कि वह भी अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौते का पालन करेगा इस शुल्क का भुगतान करेगा.
टैरिफ को लेकर क्या बोला व्हाइट हाउस?
10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह नया शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता. इसके साथ ही उन्होंने व्यापार भागीदारों से अमेरिकी व्यापार समझौतों का पालन करने का भी अनुरोध किया.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या भारत को 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा और क्या यह अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत पहले से लागू शुल्कों की जगह लेगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, "हां, 10 प्रतिशत शुल्क तब तक लागू रहेगा जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता."
इसके साथ ही अधिकारी ने सभी व्यापार भागीदारों को व्यापार समझौतों का पालन करने की सलाह भी दी. नया 10% वैश्विक शुल्क ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है.
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगा था ट्रंप को झटका
बता दें कि ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय में एक बड़ी कानूनी हार के बाद 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की घोषणा की. दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का उपयोग करके व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपनी कानूनी शक्ति का उल्लंघन किया है.
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ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को "भयानक निर्णय" बताते हुए, ट्रंप ने घोषणा की कि वह 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे. यह अधिकार भुगतान संतुलन घाटे को दूर करने के लिए 150 दिनों के लिए अस्थायी आयात अधिभार (15% तक) लगाने की अनुमति देता है.
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