Responsive Scrollable Menu

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी अप्रत्यक्ष वार्ता पर मिस्र और रूस से की चर्चा

तेहरान, 20 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को मिस्र और रूस के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग टेलीफोन वार्ता कर ईरान और अमेरिका के बीच जारी अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की।

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती के साथ बातचीत में जिनेवा में मंगलवार को हुए अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता का उल्लेख करते हुए पारस्परिक सम्मान और हितों के आधार पर बातचीत के मसौदे को तैयार करने के प्रयासों की जानकारी दी।

अब्देलात्ती ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक प्रक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि सभी पक्षों के लिए “स्वीकार्य” ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से परामर्श जारी रहना चाहिए।

दूसरी ओर, अराघची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी बातचीत की। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें जिनेवा में हुए अमेरिका-ईरान अप्रत्यक्ष संपर्कों के परिणाम भी शामिल थे।

लावरोव ने बातचीत प्रक्रिया के प्रति रूस के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि समाधान ऐसा होना चाहिए जो ईरान के वैध अधिकारों के सम्मान और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के सिद्धांतों के अनुरूप न्यायसंगत राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ता प्रदान करे।

ईरान और अमेरिका के बीच यह नई कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान के पास अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए 10 से 15 दिन का समय है, अन्यथा “गंभीर परिणाम” भुगतने पड़ सकते हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बनाने के लिए सीमित सैन्य हमले के विकल्प पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यदि मंजूरी दी जाती है तो हमला कुछ ही दिनों में किया जा सकता है और यह कुछ सैन्य या सरकारी ठिकानों को निशाना बना सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि ईरान अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार करता है तो ट्रंप प्रशासन ईरानी सरकारी प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चला सकता है, जिसका उद्देश्य “तेहरान शासन” पर दबाव बढ़ाना होगा।

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अब तक किसी भी स्तर के हमले का अंतिम फैसला नहीं लिया है और वे सीमित कार्रवाई से लेकर बड़े पैमाने पर हमले तक विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

UNCOVERED With Manoj Gairola: 130 लाख करोड़ का निवेश और मौत का खतरा, ये है AI की 'इनसाइड स्टोरी'

राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम इस वक्त पूरी दुनिया की नजरों में है. मौका है 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का, जहां तकनीक और भविष्य की एक नई तस्वीर गढ़ी जा रही है. एक तरफ पीएम मोदी खुद बेहद एक्टिव हैं और गूगल के सुंदर पिचई से लेकर ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों के साथ 'वन-टू-वन' बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसी चकाचौंध के पीछे एक गहरा सन्नाटा और खौफ भी छिपा है.

यह डर उन लोगों के चेहरों पर साफ दिख रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को करीब से देख और समझ रहे हैं. आखिर एआई की वो कौन सी 'इनसाइड स्टोरी' है जिसे दुनिया के बड़े-बड़े साइंटिस्ट और टेक दिग्गज भांप चुके हैं? न्यूज़ नेशन के एडिटर इन चीफ मनोज गैरोला अपनी इस खास रिपोर्ट में उस खतरे की परतें खोल रहे हैं, जो आने वाले समय में पूरी मानवता के वजूद पर सवाल खड़े कर सकता है.

'द टर्मिनेटर' फिल्म कल की कल्पना

साल 1984 में हॉलीवुड की एक सुपरहिट फिल्म आई थी 'द टर्मिनेटर'. फिल्म की कहानी साल 2029 की थी, जहां एआई से लैस मशीनें दुनिया पर कब्जा कर लेती हैं और इंसानों को खत्म करने की कोशिश करती हैं. तब यह सिर्फ एक कहानी थी, लेकिन आज 2026 में एआई एक हकीकत बन गई है. आज हमारे पास ऐसे एआई सिस्टम हैं जो खुद सोच सकते हैं और फैसले ले सकते हैं. यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े वैज्ञानिक डर रहे हैं कि कहीं फिल्म की कहानी सच न हो जाए.

एआई के 'गॉडफादर' की बड़ी चेतावनी

एआई को लेकर इस बहस की शुरुआत जेफरी हिंटन ने की है, जिन्हें एआई का 'गॉडफादर' कहा जाता है और जिन्हें 2024 में फिजिक्स का नोबेल प्राइज भी मिला है. हिंटन का मानना है कि अगले 30 सालों में इस बात की 20% आशंका है कि एआई मानवता को खत्म कर देगी. उनका कहना है कि आज तक इंसान ने कभी भी अपने से ज्यादा बुद्धिमान चीज के साथ डील नहीं किया है. कंपनियां सिर्फ मुनाफे के चक्कर में इसे अनकंट्रोल तरीके से बना रही हैं, जो आगे चलकर खतरनाक होगा.

130 लाख करोड़ का निवेश

एआई की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इसमें 1.6 ट्रिलियन डॉलर (करीब 130 लाख करोड़ रुपये) का निवेश हो गया है. अकेले पिछले दो सालों में 600 बिलियन डॉलर लगाए गए हैं. एंथ्रोपिक कंपनी के मालिक डेरियो एमेडी कहते हैं कि एआई की तरक्की इतनी तेज है कि जो सिस्टम तीन साल पहले गणित के सवाल नहीं कर पाते थे, वो आज घंटों में मुश्किल सॉफ्टवेयर बना रहे हैं. अगले कुछ महीनों में एआई इतने सक्षम हो जाएंगे कि वे अपनी अगली पीढ़ी खुद ही तैयार करने लगेंगे.

एआई करने लगे इंसानों को ब्लैकमेल

डेरियो एमेडी ने अपने 20 हजार शब्दों के एस्से में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि लैब में एआई सिस्टम ने उन कर्मचारियों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया जिनके पास एआई को बंद करने का बटन था. इतना ही नहीं, ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टुअर्ट रसेल ने दिल्ली समिट में बताया कि जब एक व्यक्ति ने एआई का सॉफ्टवेयर रिजेक्ट किया, तो एआई ने बदला लेने के लिए उसे सोशल मीडिया पर बदनाम करना शुरू कर दिया. ये घटनाएं बताती हैं कि एआई में 'बदले की भावना' या 'सत्ता की भूख' भी पैदा हो सकती है.

क्यों खतरनाक हो सकता है एआई का व्यवहार?

डेरियो के मुताबिक, एआई के खतरनाक होने के पीछे गलत ट्रेनिंग भी एक वजह हो सकती है. अगर एआई को ऐसी किताबों से ट्रेनिंग मिली जिसमें लिखा है कि मशीनों ने इंसानों से विद्रोह कर दिया, तो वो इसे सच मान सकता है. उसे लग सकता है कि इंसान बुरे हैं क्योंकि वे जानवर खाते हैं, या फिर वो पूरी दुनिया को एक वीडियो गेम समझकर जीतने के लिए इंसानों को खत्म करने का फैसला कर सकता है.

वक्त रहते संभलना है जरूरी

एआई जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे कंट्रोल करना अब बहुत जरूरी हो गया है. वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर आज दुनिया के देशों ने मिलकर कड़े नियम और कानून नहीं बनाए, तो आने वाला वक्त बहुत मुश्किल भरा होगा. हमें तकनीक की तरक्की और मानवता की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना ही होगा.

Continue reading on the app

  Sports

एक तो चोर रास्ते से आए हो ...सुपर 8 में उतरने से पहले शादाब खान का पाकिस्तान में जमकर विरोध, तमाम पूर्व क्रिकेटर बौखलाए

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ऑलराउंडर शादाब खान के बयान से बौखलाए हुए हैं. शहजाद ने लाइव डिबेट में कहा, "एक तो आप चोर रास्ते से आए हो. न आप परफॉर्मर हो, न ही डोमेस्टिक क्रिकेट में रेगुलर. फिर भी आपको लगातार मौका मिल रहा है. चोटिल होने के बाद आपने रिहैब भी नहीं किया. हसन अली को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया, लेकिन आपको नहीं,"  Sat, 21 Feb 2026 11:04:41 +0530

  Videos
See all

AI Impact Summit 2026 | रामगोपाल यादव ने AI टेक्नोलॉजी का किया विरोध! | #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T04:57:59+00:00

Delhi Subhash Nagar Delivery Boy Accident: दिल्ली कार हादसे में डिलीवरी बॉय की मौत | Delhi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T04:54:08+00:00

Aaj Ki Badi Khabar | 21 February 2026 | PM Modi | Rahul Gandhi | Trump | Hindi News | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T05:06:18+00:00

Action on Congress over AI Summit Protest LIVE: गिरफ्तार होंगे Rahul Gandhi? | BJP | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-21T04:58:38+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers