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UNCOVERED With Manoj Gairola: 130 लाख करोड़ का निवेश और मौत का खतरा, ये है AI की 'इनसाइड स्टोरी'

राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम इस वक्त पूरी दुनिया की नजरों में है. मौका है 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का, जहां तकनीक और भविष्य की एक नई तस्वीर गढ़ी जा रही है. एक तरफ पीएम मोदी खुद बेहद एक्टिव हैं और गूगल के सुंदर पिचई से लेकर ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों के साथ 'वन-टू-वन' बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसी चकाचौंध के पीछे एक गहरा सन्नाटा और खौफ भी छिपा है.

यह डर उन लोगों के चेहरों पर साफ दिख रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को करीब से देख और समझ रहे हैं. आखिर एआई की वो कौन सी 'इनसाइड स्टोरी' है जिसे दुनिया के बड़े-बड़े साइंटिस्ट और टेक दिग्गज भांप चुके हैं? न्यूज़ नेशन के एडिटर इन चीफ मनोज गैरोला अपनी इस खास रिपोर्ट में उस खतरे की परतें खोल रहे हैं, जो आने वाले समय में पूरी मानवता के वजूद पर सवाल खड़े कर सकता है.

'द टर्मिनेटर' फिल्म कल की कल्पना

साल 1984 में हॉलीवुड की एक सुपरहिट फिल्म आई थी 'द टर्मिनेटर'. फिल्म की कहानी साल 2029 की थी, जहां एआई से लैस मशीनें दुनिया पर कब्जा कर लेती हैं और इंसानों को खत्म करने की कोशिश करती हैं. तब यह सिर्फ एक कहानी थी, लेकिन आज 2026 में एआई एक हकीकत बन गई है. आज हमारे पास ऐसे एआई सिस्टम हैं जो खुद सोच सकते हैं और फैसले ले सकते हैं. यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े वैज्ञानिक डर रहे हैं कि कहीं फिल्म की कहानी सच न हो जाए.

एआई के 'गॉडफादर' की बड़ी चेतावनी

एआई को लेकर इस बहस की शुरुआत जेफरी हिंटन ने की है, जिन्हें एआई का 'गॉडफादर' कहा जाता है और जिन्हें 2024 में फिजिक्स का नोबेल प्राइज भी मिला है. हिंटन का मानना है कि अगले 30 सालों में इस बात की 20% आशंका है कि एआई मानवता को खत्म कर देगी. उनका कहना है कि आज तक इंसान ने कभी भी अपने से ज्यादा बुद्धिमान चीज के साथ डील नहीं किया है. कंपनियां सिर्फ मुनाफे के चक्कर में इसे अनकंट्रोल तरीके से बना रही हैं, जो आगे चलकर खतरनाक होगा.

130 लाख करोड़ का निवेश

एआई की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इसमें 1.6 ट्रिलियन डॉलर (करीब 130 लाख करोड़ रुपये) का निवेश हो गया है. अकेले पिछले दो सालों में 600 बिलियन डॉलर लगाए गए हैं. एंथ्रोपिक कंपनी के मालिक डेरियो एमेडी कहते हैं कि एआई की तरक्की इतनी तेज है कि जो सिस्टम तीन साल पहले गणित के सवाल नहीं कर पाते थे, वो आज घंटों में मुश्किल सॉफ्टवेयर बना रहे हैं. अगले कुछ महीनों में एआई इतने सक्षम हो जाएंगे कि वे अपनी अगली पीढ़ी खुद ही तैयार करने लगेंगे.

एआई करने लगे इंसानों को ब्लैकमेल

डेरियो एमेडी ने अपने 20 हजार शब्दों के एस्से में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि लैब में एआई सिस्टम ने उन कर्मचारियों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया जिनके पास एआई को बंद करने का बटन था. इतना ही नहीं, ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टुअर्ट रसेल ने दिल्ली समिट में बताया कि जब एक व्यक्ति ने एआई का सॉफ्टवेयर रिजेक्ट किया, तो एआई ने बदला लेने के लिए उसे सोशल मीडिया पर बदनाम करना शुरू कर दिया. ये घटनाएं बताती हैं कि एआई में 'बदले की भावना' या 'सत्ता की भूख' भी पैदा हो सकती है.

क्यों खतरनाक हो सकता है एआई का व्यवहार?

डेरियो के मुताबिक, एआई के खतरनाक होने के पीछे गलत ट्रेनिंग भी एक वजह हो सकती है. अगर एआई को ऐसी किताबों से ट्रेनिंग मिली जिसमें लिखा है कि मशीनों ने इंसानों से विद्रोह कर दिया, तो वो इसे सच मान सकता है. उसे लग सकता है कि इंसान बुरे हैं क्योंकि वे जानवर खाते हैं, या फिर वो पूरी दुनिया को एक वीडियो गेम समझकर जीतने के लिए इंसानों को खत्म करने का फैसला कर सकता है.

वक्त रहते संभलना है जरूरी

एआई जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे कंट्रोल करना अब बहुत जरूरी हो गया है. वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर आज दुनिया के देशों ने मिलकर कड़े नियम और कानून नहीं बनाए, तो आने वाला वक्त बहुत मुश्किल भरा होगा. हमें तकनीक की तरक्की और मानवता की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना ही होगा.

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यूरोपीय संघ और अमेरिकी व्यापार समझौते से भारत की विकास रफ्तार लंबे समय तक बनी रहेगी: आरबीआई

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर मौजूद चुनौतियों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद तेज विकास दर्ज कर रही है।

शुक्रवार को जारी आरबीआई की ताजा बुलेटिन में कहा गया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते और अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा भारत की विकास गति को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में मदद करेगा।

केंद्रीय बैंक आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, नियंत्रित महंगाई दर से विकास को समर्थन देने की गुंजाइश मिलती है और साथ ही वित्तीय स्थिरता भी बनी रहती है। उन्होंने कहा, हम अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने और विकास की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक संकेतक बताते हैं कि 2025-26 की तीसरी तिमाही और उसके बाद भी मजबूत विकास जारी रहने की संभावना है।

मल्होत्रा ने बुलेटिन में कहा, यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति से विकास की रफ्तार लंबे समय तक बनी रह सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है। 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।

मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक दबावों के बीच निजी उपभोग और स्थायी निवेश ने विकास को सहारा दिया। हालांकि, शुद्ध बाहरी मांग में कमजोरी रही क्योंकि आयात, निर्यात से अधिक रहे। आपूर्ति पक्ष पर सेवा क्षेत्र के मजबूत योगदान और विनिर्माण गतिविधियों में सुधार के कारण 2025-26 में वास्तविक जीवीए वृद्धि 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

आगे चलकर 2026-27 में भी आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र को अच्छे जलाशय स्तर, मजबूत रबी बुवाई और फसलों की बेहतर स्थिति से समर्थन मिलेगा।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और असंगठित क्षेत्र की लगातार मजबूती से विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मजबूत रहने की संभावना है। वहीं, घरेलू मांग के मजबूत होने से सेवा क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी।

आरबीआई बुलेटिन में कहा गया है कि मांग के पक्ष से देखें, तो 2026-27 में निजी उपभोग की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है। बेहतर कृषि गतिविधियों और ग्रामीण श्रम बाजार की स्थिति में सुधार के चलते ग्रामीण मांग भी स्थिर बनी हुई है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

T20 World Cup Super 8 | दक्षिण अफ्रीका की 'अग्निपरीक्षा' के लिए तैयार टीम इंडिया, सूर्यकुमार और तिलक की रणनीति पर टिकी नज़रें | Preview IND vs SA

टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण में अपने सभी चारों मैच जीतकर धमाकेदार अंदाज में सुपर-8 में प्रवेश करने वाली भारतीय टीम के सामने अब असली चुनौती है। रविवार को डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका के घातक गेंदबाजी आक्रमण से होगा। यह मुकाबला न केवल अंकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की बदली हुई बल्लेबाजी शैली का असली लिटमस टेस्ट भी होगा। भारतीय टीम को टी20 विश्व कप के सुपर आठ में रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की बड़े शॉट खेलने के बजाय स्थिर बल्लेबाजी करने की बदली हुई रणनीति की परीक्षा होगी।

दक्षिण अफ्रीका की टीम के पास कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को यानसन, केशव महाराज और एडन माक्रम के रूप में मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है जो मौजूदा चैंपियन भारत की कड़ी परीक्षा लेने के लिए तैयार है। दोनों टीमें पिछले दो महीनों में छठी बार एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी और यह देखना बाकी है कि रविवार को कौन सी टीम परिस्थितियों का बेहतर फायदा उठाएगी। भारतीय टीम को ग्रुप चरण में खास चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन वह इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उसकी बल्लेबाजी में काफी सुधार की जरूरत है।

सलामी बल्लेबाज ईशान किशन (दो अर्धशतक और 202 का स्ट्राइक रेट) को छोड़कर शीर्ष चार में शामिल अन्य तीन बल्लेबाजों ने अभी तक कोई खास कमाल नहीं दिखाया है। अभिषेक शर्मा लगातार तीन मैच में शून्य पर आउट हो चुके हैं और उन्हें टूर्नामेंट में अपने पहले रन का इंतजार है। सूर्यकुमार और तिलक ने हालांकि सूत्रधार की भूमिका निभाई है लेकिन इन दोनों ने ऐसी पिचों पर सहज प्रदर्शन नहीं किया है जहां गेंद रुककर आ रही हो। भारत रन बनाने के लिए हार्दिक पंड्या (स्ट्राइक रेट 155) और शिवम दुबे (स्ट्राइक रेट 178) पर भी काफी हद तक निर्भर रहा है।

टीम को इन दोनों ऑलराउंडर से फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अभिषेक के लगातार दो बार ऑफ स्पिनरों के हाथों आउट हुए हैं और इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि दक्षिण अफ्रीका के कप्तान मार्क्रम पावरप्ले में ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने का फैसला करते हैं या नहीं। भारतीय टीम के लिए भले ही अभिषेक की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन पहले चरण में तिलक की लचर बल्लेबाजी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 24 गेंदों में 25 रन, नामीबिया के खिलाफ 21 गेंदों में 25 रन और नीदरलैंड के खिलाफ 27 गेंदों में 31 रन बनाए। इस तरह से वह अभी तक अधिकतर मैच में रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 120 से थोड़ा ऊपर है जो उनके करियर के स्ट्राइक रेट 141 से काफी कम है। सूर्यकुमार ने अमेरिका के खिलाफ 49 गेंद पर नाबाद 84 रन की मैच विजेता पारी खेलने के बाद कोई खास कमाल नहीं दिखाया है। वह पाकिस्तान या नीदरलैंड के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी में बहुत अधिक सहज नहीं दिखाई दिए।

टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 136 है जो उनके करियर के स्ट्राइक रेट 163 से अधिक से काफी कम है। एक भारतीय टीम जो आठ बल्लेबाजों के साथ खेलती है और विपक्षी टीम और पिच की परवाह किए बिना पूरी क्षमता से खेलने में विश्वास रखती है, वह ऐसे दो बल्लेबाजों को रखने का जोखिम नहीं उठा सकती जो उन पिच पर खुलकर रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं जहां गेंद रुककर आ रही हो। लेकिन जो बात भारत को एक खतरनाक टीम और उसे अब भी खिताब का प्रबल दावेदार बनाती है, वह है उसका गेंदबाजी आक्रमण जिसमें जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती के महत्वपूर्ण आठ ओवर शामिल हैं।

पहले चरण में पाकिस्तान सहित कोई भी अन्य टीम भारतीय गेंदबाजों का सहजता से सामना नहीं कर पाई थी। चक्रवर्ती ने चार मैचों में नौ विकेट लिए हैं और उन्होंने 5.16 की शानदार इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है। बुमराह ने जो तीन मैच खेले हैं उसमें उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए प्रति ओवर केवल छह रन ही दिए हैं। लेकिन क्विंटन डीकॉक, मार्क्रम, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, रयान रिकलेटन, डेविड मिलर और मार्को यानसन जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों के सामने पूरी गेंदबाजी इकाई को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से यह भी पता चलेगा कि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहेगा। जहां तक ​​टीम में बदलाव की बात है तो भारत अर्शदीप सिंह की जगह कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर की जगह अक्षर पटेल को वापस अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है। जहां तक ​​दक्षिण अफ्रीका की बात है यानसन, एनगिडी और महाराज वापसी करेंगे। उन्हें यूएई के खिलाफ मैच में आराम दिया गया था।

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टीम इस प्रकार हैं: भारत: सुयकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह।

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दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, मार्को यानसन, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, केशव महाराज, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नार्किया, क्वेना मफाका, जॉर्ज लिंडे, जेसन स्मिथ। मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।

Sat, 21 Feb 2026 13:04:11 +0530

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