AI समिट में हाई-वोल्टेज ड्रामा: यूथ कांग्रेस का शर्ट उतारकर प्रदर्शन, भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए एआई का मतलब 'एन्टी इंडिया'
Youth Congress Protest Bharat Mandapam: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एआई समिट 2026' (AI Summit 2026) के दौरान शुक्रवार, 20 फरवरी को भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'भारत विरोधी' कृत्य करार दिया है।
भारत मंडपम के अंदर यूथ कांग्रेस का हंगामा
शुक्रवार को जब भारत मंडपम में दुनिया भर के दिग्गज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा कर रहे थे, तभी यूथ कांग्रेस के लगभग 20 से 30 कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। इन कार्यकर्ताओं ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए अचानक अपनी शर्ट उतार दी और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' बताते हुए नारेबाजी की।
#WATCH | Delhi: Indian Youth Congress workers staged a topless protest and chanted anti-Modi slogans at Bharat Mandapam
(Source: Indian Youth Congress) pic.twitter.com/WCZgCMwkFZ
— ANI (@ANI) February 20, 2026
इस अचानक हुए हंगामे के कारण समिट की चर्चाओं में कुछ समय के लिए बाधा आई और वहां मौजूद विदेशी मेहमानों के बीच भी असहज स्थिति पैदा हो गई।
स्थिति बिगड़ते देख दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने ले गई। पुलिस अब इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की तैयारी कर रही है।
यूथ कांग्रेस ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया
इस प्रदर्शन पर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू चिब ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल संगठन का नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा का गुस्सा है जो बेरोजगारी से जूझ रहा है।
आज AI Summit के दौरान युवा कांग्रेस के साथियों ने “PM is Compromised” के नारे लगाकर साफ संदेश दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा।
— Indian Youth Congress (@IYC) February 20, 2026
“PM is Compromised” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के आक्रोश की आवाज है। पीएम मोदी की अमेरिका के साथ ट्रेड डील किसानों और आम… pic.twitter.com/yHL2S28KT6
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह भारतीय किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ है। चिब के अनुसार, इस डील का पूरा फायदा सिर्फ अमेरिका को होगा और युवाओं की आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक कर्तव्य है।
भाजपा का पलटवार: 'कांग्रेस के लिए AI का मतलब एन्टी इंडिया'
यूथ कांग्रेस के इस व्यवहार पर भाजपा ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए एआई (AI) का मतलब 'एम्बिशियस इंडिया' नहीं, बल्कि 'एन्टी इंडिया' (Anti-India) है।
#WATCH | On the protest by Indian Youth Congress workers at Delhi's Bharat Mandapam, BJP National Spokesperson Shehzad Poonawalla says, "Congress has once again proven that for them, AI isn't Ambitious India, Artificial Intelligence, Aspirational India. For them, AI is… pic.twitter.com/ygTASuLxC0
— ANI (@ANI) February 20, 2026
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब आईएनसी (INC) का नाम बदलकर एएनसी (ANC - एन्टी नेशनल कांग्रेस) कर देना चाहिए। पूनावाला ने कहा कि जब पूरी दुनिया और खुद कांग्रेस नेता शशि थरूर इस समिट की तारीफ कर रहे हैं, तब राहुल गांधी के इशारे पर किया गया यह प्रदर्शन दिमागहीन और भावनाहीन है।
'भारत की वैश्विक छवि को शर्मिंदा करने की कोशिश'
भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस घटना को 'राष्ट्रीय शर्मिंदगी' करार दिया। पार्टी ने लिखा कि जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक शिखर सम्मेलन के जरिए तकनीकी नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरिमा की जगह अशांति को चुना।
National Shame
— BJP (@BJP4India) February 20, 2026
At a time when India is hosting a prestigious global AI Summit, showcasing its innovation and leadership in technology, the Congress party chose disruption over dignity.
Under the leadership of Rahul Gandhi, Congress workers went topless and created a ruckus at… pic.twitter.com/dUns0bxyyv
भाजपा ने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का व्यवहार केवल उन ताकतों को फायदा पहुंचाता है जो भारत को कमजोर देखना चाहती हैं। पार्टी ने साफ किया कि राजनीतिक विरोध करना अधिकार है, लेकिन देश की अंतरराष्ट्रीय साख को चोट पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
Delhi Illegal Encroachment: सराय काले खां निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन के पास रोजाना भारी जाम, दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी को दिया ये आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने सराय काले खान निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन से अवैध स्ट्रीट वेंडरों के अतिक्रमण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने एमसीडी को अवैध फेरीवालों और विक्रेताओं को हटाने के लिए स्थायी पाय करने के निर्देश दिए। यह मामला मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया के समक्ष आज सूचीबद्ध हुआ था।
याचिकाकर्ता जो कि स्वयं एक वकील हैं, अपनी याचिका के माध्यम से बताया कि सराय काले खान निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन के गेटों पर अतिक्रमण किया गया है। स्थिति बेहद खतरनाक है। मैंने संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराई है। एक-दो विभागों ने संज्ञान लिया है। पुलिस विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं कर रही है। इस पर अदालत ने पूछा कि उचित प्राधिकारी कौन है? याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि एमसीडी और संबंधित पुलिस स्टेशन। याचिकाकर्ता ने मौके की तस्वीरें भी कोर्ट के समक्ष पेश कीं।
इस पर एमसीडी के वकील ने माननीय उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में फुटपाथ और सड़कें आती हैं। मेट्रो के प्रवेश और निकास द्वार डीएमआरसी के अधिकार क्षेत्र में हैं। रेलवे स्टेशन के अंदर रेलवे का अधिकार क्षेत्र है। हम नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहे हैं। लेकिन, विक्रेताओं की अस्थायी उपस्थिति को निष्क्रियता के बराबर नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि नगर विक्रेता समिति का भी गठन कर दिया गया है।
इस पर अदालत ने कहा कि हमें पता है कि आप विक्रेताओं को नियमित रूप से हटा रहे हैं, लेकिन वे फिर भी अगली तारीख को आ जाते हैं। आज हटाते हैं, अगले दिन फिर आ जाते हैं। आपको थोड़ा सख्त होना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए उक्त अभ्यावेदन पर विचार करने और उचित निर्णय लेने का निर्देश देते हुए इस याचिका का निपटारा कर दिया है।
यह भी पढ़ें : सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में 24 नई अटल कैंटीन का किया शुभारंभ
यह भी पढ़ें : डीडीए फ्लैट्स के खरीदारों का इंतजार खत्म, क्लिक कर जानिये डिटेल्स
यह भी पढ़ें : दिल्ली में चाकू घोंपकर युवक की हत्या, संजय झील के पास पड़ा मिला शव
सराय काले खां निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन के पास जाम की स्थिति
बता दें कि दिल्ली का सराय काले खां मेट्रो स्टेशन बेहद ही व्यस्त स्टेशनों में शुमार है। यह निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के करीब है। ऐसे में यहां यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। वहीं, यहां से उत्तर प्रदेश के कई शहरों के लिए बसें चलती हैं, जिसकी वजह से यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं अवैध वेंडर विक्रेताओं के अतिक्रमण के चलते यह जाम की स्थिति और भी विकट बन जाती है। इन सब कारणों के मद्देजनर सराय काले खां मेट्रो स्टेशन के पास से अवैध अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की जा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi


















