पीएम-सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के तहत एक करोड़ घरों पर लगेंगे सोलर पैनल
गौतमबुद्धनगर, 20 फरवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य देशभर में एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी यूपी नेडा गौतमबुद्धनगर लवेश कुमार सिसोदिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा), विभूति खंड, गोमतीनगर, लखनऊ द्वारा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
योजना के माध्यम से न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर उपभोक्ता उसे ग्रिड में बेचकर आय का अतिरिक्त स्रोत भी प्राप्त कर सकेंगे। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र स्थापना पर सीधे उनके बैंक खाते में अधिकतम 78,000 तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। एक किलोवाट क्षमता पर 30,000, 2 किलोवाट पर 60,000 और 3 किलोवाट पर 78,000 तक की सब्सिडी अनुमन्य है। यह सब्सिडी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं सरल रखी गई है। इच्छुक व्यक्ति योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद संबंधित डिस्कॉम से अनुमोदन प्राप्त करना होगा।
अनुमोदन मिलने के पश्चात सोलर पैनल स्थापित कर नेट मीटर की जानकारी एवं बैंक खाता विवरण पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है। इसके अतिरिक्त, 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र के लिए लगभग 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आम नागरिकों को आर्थिक सहायता मिल सके।
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना, घर की छत सोलर पैनल के लिए उपयुक्त होना, वैध बिजली कनेक्शन होना तथा किसी अन्य सोलर सब्सिडी योजना का पूर्व में लाभ न लिया होना आवश्यक है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जरूरी दस्तावेज हैं। विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति कार्यदिवस में परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा, कक्ष संख्या 111, विकास भवन, सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा, जनपद गौतमबुद्धनगर में संपर्क कर सकते हैं। योजना को प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
--आईएएनएस
पीकेटी/एसके
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जालोर में राशन दुकानों को लेकर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा का बयान, शिकायत मिलने पर जांच के निर्देश
Rajasthan News: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जालोर जिले से जुड़ी अहम बात साझा की. उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में कुल 92 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं. इनमें से 23 दुकानें नई यानी नवसृजित हैं. मंत्री ने साफ किया कि इन सभी दुकानों का आवंटन तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया गया है. सरकार ने किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया है.
नियमों के तहत हुआ दुकानों का आवंटन
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि उचित मूल्य दुकानों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के अनुसार किया गया. पात्रता, दस्तावेज और निर्धारित मापदंडों की जांच के बाद ही दुकानों को स्वीकृति दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सस्ती दरों पर खाद्यान्न पहुंचाना है. इसके लिए उचित मूल्य दुकानों की भूमिका बेहद अहम है.
आपत्ति आने पर होगी जांच
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकान के आवंटन को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत सामने आती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में जिला स्तर से जो भी प्रस्ताव या रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसकी गहन जांच कराई जाएगी.
उन्होंने कहा कि अगर जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी. सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देती है.
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि, जालोर जिले में कुल 92 उचित मूल्य की दुकानें हैं। इनमें से 23 नवसृजित हैं। इन दुकानों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। दुकानों के आवंटन… pic.twitter.com/ZybUlwVbvM
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 19, 2026
आम जनता के हित में सरकार का फोकस
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली मजबूत रहे. हर पात्र परिवार को समय पर राशन मिले. इसके लिए नई दुकानों की जरूरत पड़ने पर उनका सृजन भी किया जा रहा है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उचित मूल्य दुकानों के संचालन और आवंटन में नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. इससे आम जनता का विश्वास बना रहेगा और प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी.
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