जालोर में राशन दुकानों को लेकर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा का बयान, शिकायत मिलने पर जांच के निर्देश
Rajasthan News: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जालोर जिले से जुड़ी अहम बात साझा की. उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में कुल 92 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं. इनमें से 23 दुकानें नई यानी नवसृजित हैं. मंत्री ने साफ किया कि इन सभी दुकानों का आवंटन तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया गया है. सरकार ने किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया है.
नियमों के तहत हुआ दुकानों का आवंटन
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि उचित मूल्य दुकानों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के अनुसार किया गया. पात्रता, दस्तावेज और निर्धारित मापदंडों की जांच के बाद ही दुकानों को स्वीकृति दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सस्ती दरों पर खाद्यान्न पहुंचाना है. इसके लिए उचित मूल्य दुकानों की भूमिका बेहद अहम है.
आपत्ति आने पर होगी जांच
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकान के आवंटन को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत सामने आती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में जिला स्तर से जो भी प्रस्ताव या रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसकी गहन जांच कराई जाएगी.
उन्होंने कहा कि अगर जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी. सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देती है.
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि, जालोर जिले में कुल 92 उचित मूल्य की दुकानें हैं। इनमें से 23 नवसृजित हैं। इन दुकानों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। दुकानों के आवंटन… pic.twitter.com/ZybUlwVbvM
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 19, 2026
आम जनता के हित में सरकार का फोकस
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली मजबूत रहे. हर पात्र परिवार को समय पर राशन मिले. इसके लिए नई दुकानों की जरूरत पड़ने पर उनका सृजन भी किया जा रहा है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उचित मूल्य दुकानों के संचालन और आवंटन में नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. इससे आम जनता का विश्वास बना रहेगा और प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी.
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Bihar News: 'बीमारी से परेशान हूं, एग्जाम नहीं दे पाऊंगी…' ; आरा में इंटर की छात्रा ने फंदे से लटकर दी जान
आरा में गुरुवार रात को बारहवीं छात्र ने आत्महत्या कर ली. आज उसका फिजिक्स का एक्जाम था. यह घटना नवादा थाना क्षेत्र के क्लब रोड मोहल्ला की है. लड़की का नाम अनन्या कुमारी है. उसकी उम्र 17-18 के करीब है. रेलवे कर्मचारी सतीश कुमार पांडेय की पुत्री थी. बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से वह परीक्षा की तैयारियों को लेकर परेशान थी. वह इंटरमीडिएट सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा दे रही थी. उसके कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है.
दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला
परिजनों के अनुसार, गुरुवार की रात खाना खाने के बाद अनन्या कमरे में सोने चली गई थी. देर रात जब काफी देर हो गई तो किसी तरह की हलचल नहीं हुई. परिवार के लोगों ने इसके बाद दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया, मगर अंदर से किसी तरह का जवाब नहीं मिला. संदेह होने के बाद परिवारवालों ने दरवाजा तोड़ दिया. परिजनों ने देखा कि दुपट्टे के सहारे छात्रा ने पंखे से फांसी लगा ली.
परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव था
कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें लिखा था, "बीमारी से परेशान हूं, एग्जाम नहीं दे पाऊंगी. मम्मी-डैडी ध्यान रखिएगा." ऐसा बताया जाता है कि अनन्या बीते कुछ दिनों से जॉन्डिस से परेशान थी. वह शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गई थी. इसके साथ परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव में थी.
परिजनों ने बताया कि वह अक्सर कहती थी कि बीमारी के कारण उसकी तैयारी पूरी नहीं हो सकी और वह परीक्षा नहीं दे पाएगी. परिवार ने उसे समझाया भी. इसके बाद भी उसने इस तरह का कदम उठा लिया. घर वालों ने ऐसा सोचा भी नहीं होगा.
सुसाइड नोट को पुलिस ने किया जब्त
घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त किया है. बताया जाता है कि अनन्या दो बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी. पिता रेलवे विभाग में सिग्नल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं. घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है.
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