भारत और अमेरिका के बीच अहम समझौता, Pax Silica में देश हुआ शामिल, जानें क्या होगा फायदा
भारत शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाली ‘पैक्स सिलिका' (Pax Silica) में शामिल हो गया है. पैक्स सिलिका अमेरिका की एक अहम पहल तरह है जो एआई युग में इकोनॉमिक सुरक्षा के लिए बनाया गया है. यह सिलिकॉन, अहम खनिजों और एनर्जी जैसे संसाधनों को साझा रणनीतिक संपत्ति मानकर सहयोग बढ़ाने पर जोर देता है. इसका मकसद चीन पर निर्भरता को कम करना और सुरक्षित और मजबूत सप्लाई चेन को बनाना है.
भारत और अमेरिका के बीच पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर समारोह में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कहा,"पैक्स सिलिका पहल अमेरिका और भारत के बीच तकनीकी सहयोग को और करीब लाएगी."
#WATCH | Delhi: Ashwini Vaishnaw, Union Minister for Electronics & Information Technology, says, "...The world trusts India...We have a large talent pool, and we have conducted our foreign policy in a way which creates their trust. As part of that, today, the Pax Silica was… pic.twitter.com/CqOhZ49LAM
— ANI (@ANI) February 20, 2026
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "दुनिया भारत पर भरोसा करती है. हमारे पास प्रतिभाओं का विशाल भंडार है, और हमने अपनी विदेश नीति को इस तरह से संचालित किया है जिससे उनका भरोसा कायम हुआ है. इसी के तहत आज पैक्स सिलिका समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और चिप डिजाइन के लिए और हमारे देश में संपूर्ण सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है."
पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देगा
" भारत पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है. इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को व्यापक लाभ होगा. भारत में दस संयंत्र पहले से ही स्थापित हैं और कई स्थापित किए जा रहे हैं और बहुत जल्द पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देगा. इस संदर्भ में आज भारत में सबसे उन्नत दो-नैनोमीटर चिप्स डिजाइन किए जा रहे हैं. भारत में एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र उभर रहा है. पैक्स सिलिका इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत के युवाओं को इससे लाभ होगा."
अक्टूबर-दिसंबर अवधि में आय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद भी निफ्टी 50 का मुनाफा 13 तिमाहियों बाद घटा
मुंबई, 20 फरवरी (आईएएनएस)। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में निफ्टी 50 की आय में सालाना आधार पर बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, यह 13 तिमाहियों के बाद पहला अवसर है, जब मुनाफे में गिरावट देखी गई है।
बैंकों, वित्तीय सेवाओं और तेल एवं गैस कंपनियों को छोड़कर, तिमाही में कुल आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है मार्च 2023 की तिमाही के बाद पहली बार दोहरे अंकों की वृद्धि है, लेकिन भारत के नए श्रम कानूनों के एकमुश्त अकाउटिंग प्रभाव के कारण कुल मुनाफे में गिरावट आई।
परिचालन लाभ में वार्षिक आधार पर 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई,यह सितंबर तिमाही में 6.1 प्रतिशत और एक वर्ष पहले की अवधि में 5 प्रतिशत थी।
इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, आय में वृद्धि के बावजूद, निफ्टी 50 की 37 कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में 8.1 प्रतिशत गिर गया, जो सितंबर 2022 तिमाही के बाद पहली बार नकारात्मक लाभ वृद्धि को दर्शाता है।
विश्लेषकों ने मुनाफे में गिरावट का कारण भारत के नए श्रम कानूनों के एकमुश्त अकाउटिंग प्रभाव को बताया, जिसके तहत मूल वेतन को कुल लागत-से-कंपनी के 50 प्रतिशत तक बढ़ाना अनिवार्य है, साथ ही ग्रेच्युटी प्रावधानों में भी वृद्धि की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि श्रम संहिता में बदलाव के कारण कर पश्चात कुल लाभ में लगभग 5 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 13 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है।
इस बीच, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आय वृद्धि में क्रमिक रूप से तेजी आई और यह 16 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई, विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती लागू होने के बाद।
नवंबर में नए श्रम संहिता का कार्यान्वयन हुआ और इसके तहत वेतन, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा में बदलाव किए गए।
कई रिपोर्टों के अनुसार, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल ने मिलकर नए नियमों के कार्यान्वयन से संबंधित 4,373 करोड़ रुपए से अधिक का एकमुश्त शुल्क वहन किया, जिसके कारण तिमाही के मुनाफे में दोहरे अंकों की गिरावट आई।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation














.jpg)










