Responsive Scrollable Menu

जरूरत की खबर- गेंहू आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट:खाने से किडनी-लिवर डैमेज का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें मिलावटी आटा कैसे पहचानें

हाल ही में दैनिक भास्कर की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट से पता चला कि उत्तर प्रदेश की कई फैक्ट्रियों में गेहूं के आटे में सफेद पत्थर का चूरा (स्टोन पाउडर) मिलाया जा रहा है। रिपोर्टर ने बाकायदा ऑन कैमरा इस पूरे प्रोसेस को कैद किया। रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस और फिरोजाबाद की फैक्ट्रियों में आटे में स्टोन पाउडर मिलाया जा रहा था। कुछ दिन पहले बुलंदशहर, अलीगढ़ और फिरोजाबाद में भी ब्रांडेड आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट पकड़ी गई थी। इस रिपोर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है कि ‘कहीं हम भी स्टोन पाउडर मिला आटा तो नहीं खा रहे हैं।’ ऐसा आटा खाने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे लंबे समय में लिवर और किडनी डैमेज का रिस्क बढ़ता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मिलावटी आटे के हेल्थ रिस्क पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- मिलावटखोर गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर क्यों मिलाते हैं? जवाब- मिलावटखोर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर मिलाते हैं। यह गेहूं की तुलना में काफी सस्ता होता है। इसे मिलाने से आटे की मात्रा और वजन बढ़ जाता है, जबकि लागत कम रहती है। इससे मिलावटखोरों को ज्यादा मुनाफा होता है। चंद पैसों के लिए वे लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और उन्हें ‘स्लो पॉइजन’ दे रहे हैं। सवाल- आटे में जिस स्टोन पाउडर की मिलावट की जा रही है, क्या वो कोई खास तरह का पत्थर होता है? जवाब- हां, इसे सेलखड़ी या सोपस्टोन कहा जाता है। यह राजस्थान के कुछ खदानों से निकाला जाता है। इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक, पेंट, कागज और मूर्तियां बनाने जैसे कामों में होता है। यह खाने के लिए नहीं है, लेकिन मिलावटखोर मुनाफे के लिए इसे आटे में मिलाते हैं। इसका पाउडर बेहद महीन होता है। इसे आटे में मिलाने पर मुंह में किरकिराहट महसूस नहीं होती। रोटी के स्वाद और रंग में भी फर्क नजर नहीं आता, जिससे मिलावट पकड़ना मुश्किल होता है। सवाल- गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर के अलावा और किन चीजों की मिलावट पकड़ी गई है? जवाब- देश के अलग-अलग हिस्सों से अक्सर गेहूं के आटे में मिलावट के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें कई चीजों की मिलावट देखने को मिलती है- सवाल- मिलावटी आटे के हेल्थ रिस्क क्या हैं? जवाब- स्टोन पाउडर मिला आटा खाने से पाचन तंत्र के साथ किडनी और लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक इसे खाने से कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सिर्फ देखकर मिलावटी आटे की पहचान कर सकते हैं? जवाब- नहीं, स्टोन पाउडर बहुत महीन और सफेद होते हैं। इन्हें आटे में मिलाने पर रंग, बनावट या रोटी के स्वाद में कोई खास फर्क नहीं दिखता। इसलिए मिलावट पकड़ना मुश्किल होता है। सवाल- आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट को कैसे पहचानें? जवाब- कुछ आसान घरेलू तरीकों से इसका पता लगाया जा सकता है। शक होने पर ऑथराइज्ड फूड टेस्टिंग लैब से आटे की जांच करानी चाहिए। ग्राफिक में मिलावट जांचने के घरेलू तरीके देखिए- सवाल- पैकेज्ड आटा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- पैकेज्ड आटा खरीदते समय सिर्फ ब्रांड देखकर भरोसा न करें। पैकेट पर दी गई डिटेल्स, पैकेजिंग और क्वालिटी की जांच जरूर करें। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- खुला आटा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- खुला आटा खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, क्वालिटी और साफ-सफाई पर भी ध्यान दें। साथ ही ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- क्या FSSAI ने आटे को लेकर कोई मानक तय किए हैं? जवाब- हां, ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) ने गेहूं के आटे के लिए क्वालिटी और सुरक्षा संबंधी मानक तय किए हैं। नियमों के मुताबिक- सवाल- अगर आटे में मिलावट का शक हो तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ कदम उठाएं- सवाल- मिलावट की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- ऐसे केस में संबंधित निर्माता, सप्लायर या विक्रेता के खिलाफ ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के तहत एक्शन लिया जाता है। मामले की गंभीरता के आधार पर ये कार्रवाइयां हो सकती हैं- …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- तमिलनाडु में रंगीन पापड़ पर बैन: सिंथेटिक कलर खतरनाक, किडनी-लिवर डैमेज का रिस्क, खरीदते हुए ध्यान रखें ये 6 बातें हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने रंगीन पापड़ों (फ्राइम्स/कचरी) की बिक्री पर रोक लगा दी है। राज्य के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने जांच में पाया कि इनमें सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल हो रहा था, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। विभाग ने इसे खासकर बच्चों की सेहत के लिए खतरा बताया है। पूरी खबर पढ़िए…

Continue reading on the app

रिलेशनशिप एडवाइज- पति को मेरा दोस्तों से मिलना पसंद नहीं:कहते हैं, पति–पत्नी के दोस्त, शौक सब एक होने चाहिए, उन्हें कैसे समझाऊं

सवाल- मैं 34 साल की वर्किंग वुमन हूं। मेरी शादी को छह साल हो चुके हैं। हमारे बीच वैसे तो कोई बड़ा झगड़ा नहीं होता, लेकिन एक बात को लेकर अक्सर तनाव रहता है। पति चाहते हैं कि हम अपना सारा खाली समय साथ बिताएं। उनका मानना है कि शादी के बाद पति-पत्नी के दोस्त, शौक और सोशल लाइफ भी एक जैसी होनी चाहिए। मुझे ये बात समझ नहीं आती कि दोनों के शौक और सोशल लाइफ एक जैसी होना क्यों जरूरी है। उनके अलावा भी मेरी सोशल लाइफ क्यों नहीं हो सकती? मैं अकेले अपने स्कूल-कॉलेज के दोस्तों के साथ वक्त क्यों नहीं बिता सकती? उन्हें कैसे समझाऊं, क्या करूं? एक्सपर्ट– डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। सबसे पहले यह समझिए कि आपकी इच्छा गलत नहीं है। शादी का मतलब यह नहीं कि आपकी अपनी पहचान, दोस्तियां और पसंद-नापसंद खत्म हो जाएं। जिस तरह आपके पति आपके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, उसी तरह आपकी अपनी दुनिया भी आपकी मानसिक सेहत और व्यक्तित्व का जरूरी हिस्सा है। इसलिए यह सवाल कि "क्या शादी के बाद पति-पत्नी की सोशल लाइफ एक ही होनी चाहिए?"— इसका जवाब है, "नहीं।" हालांकि, यह भी संभव है कि आपके पति आपको कंट्रोल न करना चाहते हों। कई बार ऐसी सोच कुछ अन्य कारणों से भी आती है, जैसेकि- इसलिए इस मुद्दे को "कौन सही, कौन गलत" की लड़ाई बनाने की बजाय इस नजरिए से देखना बेहतर और ज्यादा मददगार होगा कि "हम दोनों की जरूरतें क्या हैं।" शादी में साथ जरूरी हर समय साथ रहना नहीं किसी भी स्वस्थ रिश्ते में दो चीजें साथ-साथ चलती हैं- निकटता और स्वतंत्रता। स्वतंत्रता का मतलब है- पर्सनल स्पेस। अगर रिश्ते में सिर्फ निकटता हो और पर्सनल स्पेस न हो तो व्यक्ति घुटन महसूस करने लगता है। वहीं अगर सिर्फ पर्सनल स्पेस हो और जुड़ाव-निकटता न हो तो दूरियां बढ़ने लगती हैं। एक हेल्दी मैरिज में इन दोनों के बीच एक संतुलन होता है। मनोविज्ञान में इसे "डिफरेंशिएशन ऑफ सेल्फ" कहा जाता है। इसका मतलब है कि दो लोग भावनात्मक रूप से जुड़े रहने के साथ अपनी अलग पहचान भी बनाए रखें। पार्टनर ऐसा क्यों चाहता है? हर व्यवहार के पीछे कोई-न-कोई भावनात्मक जरूरत होती है। इसलिए पहले खुद से ये सवाल पूछिए कि आपके पति ऐसा क्यों चाहते हैं। अगर हमें किसी भी चीज का ठीक–ठीक कारण समझ में आ जाए तो बातचीत करना और उस समस्या का हल निकालना आसान हो जाता है। CBT का ABC मॉडल कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) का एक आसान टूल है– ABC मॉडल। इस मॉडल को ऐसे समझिए– A- Activating Event (घटना) आप दोस्तों से मिलने की बात करती हैं। B- Belief (विश्वास) पति सोचते हैं– "अगर पत्नी अकेले दोस्तों के साथ जा रही है तो शायद उसे मेरे साथ रहना पसंद नहीं है।" C- Consequence (परिणाम) वे नाराज हो जाते हैं या आप दोनों के बीच बहस शुरू हो जाती है। अब इस मॉडल के मुताबिक आपको अपने पति के Belief यानी उनके यकीन को चुनौती देनी है। आपको उन्हें यह समझाना है कि– "दोस्तों के साथ समय बिताना, पति से दूर होना नहीं है।" पार्टनर ये बात कैसे करें? अब सवाल ये है कि उनके मन में बैठे विचारों या उनके यकीन को बदलने के लिए बातचीत कैसे करें। बात करते हुए आपको "मैं" वाले वाक्यों का इस्तेमाल करना है। बहुत से कपल बातचीत की शुरुआत आरोप से करते हैं, जैसेकि— "तुम मुझे कभी आजादी नहीं देते।" ऐसी बात सामने वाले को डिफेंसिव बना देती है। इसके बजाय "मैं" वाले वाक्यों का इस्तेमाल करें, जैसेकि– "मुझे अपने पुराने दोस्तों से मिलकर अच्छा लगता है। इससे मैं भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस करती हूं। इसका मतलब यह नहीं कि मैं तुम्हारे साथ समय नहीं बिताना चाहती।" इस तरह सामने वाला आपकी भावनाओं को सुनता है, आरोप को नहीं। रिश्ते में बनाएं ‘स्पेस एग्रीमेंट’ कई कपल बिना बात किए उम्मीदें बना लेते हैं। बाद में वही उम्मीदें विवाद बन जाती हैं। इसलिए अपने मन से कुछ भी तय करने की बजाय मिल–बैठकर कुछ बातें तय करें— ACT (एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट) थेरेपी टूल ACT (एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट) थेरेपी कहती है कि किसी भी रिश्ते का फैसला डर से नहीं, बल्कि अपने मूल्यों के आधार पर होना चाहिए। इसलिए खुद से ये सवाल पूछिए— इस सवाल का जवाब अक्सर "हां" होता है। आप एक अच्छी, कमिटेड पत्नी भी हो सकती हैं और अपने दोस्तों से जुड़ी हुई अच्छी दोस्त भी, अच्छी इंसान भी। इन बातों में कोई अंतर्विरोध नहीं है। सीमाएं तय करने से कमजोर नहीं होते रिश्ते मनोविज्ञान में हेल्दी बाउंड्रीज बहुत महत्वपूर्ण हैं। बाउंड्रीज यानी सीमा का मतलब दीवार खड़ी करना नहीं है। इसका मतलब है— "यह मेरी व्यक्तिगत जरूरत है और मैं चाहता/चाहती हूं कि आप इसका सम्मान करें।" एक उदाहरण: "महीने में एक बार मैं अपने कॉलेज फ्रेंड्स से अकेले मिलना चाहती हूं। उसी तरह अगर आप अपने दोस्तों के साथ समय बिताना चाहें तो मुझे भी खुशी होगी।" इमोशनल बैंक अकाउंट भरते रहिए रिश्तों के विशेषज्ञ अक्सर इमोशनल बैंक अकाउंट की बात करते हैं। अगर रिश्ते में प्यार, सम्मान, समय और भरोसा लगातार जमा होता रहे तो छोटी-छोटी असहमतियों से रिश्ता टूटता नहीं है। इसलिए जब आप दोस्तों से मिलें, उससे पहले और बाद में पति के साथ भी अच्छा समय बिताइए। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे आपकी प्राथमिकता हैं। अगर पति फिर भी न माने तो क्या करें? अगर पति से प्यार और शांति से बातचीत की हर कोशिश नाकाम हो रही है, बार-बार शांत बातचीत के बाद भी वे— तो यह सिर्फ दो व्यक्तियों की अलग–अलग पसंद का मामला नहीं है। यह कंट्रोलिंग व्यवहार की दिशा में जा सकता है। ऐसी स्थिति में कपल काउंसलिंग मददगार हो सकती है। किसी निष्पक्ष विशेषज्ञ के सामने बातचीत करने से दोनों अपनी भावनाएं बेहतर तरीके से समझ और समझा पाते हैं। आखिर में एक बात और। किसी भी रिश्ते का लक्ष्य दो लोगों को एक जैसा बनाना नहीं होता। लक्ष्य यह होता है कि दो अलग-अलग लोग अपनी-अपनी पहचान बचाए रखते हुए एक-दूसरे के जीवन को बेहतर बनाएं। अगर आप सम्मान के साथ अपनी जरूरत रखें और उतने ही सम्मान से उनके डर और भावनाओं को सुनें, तो इस मुद्दे का समाधान टकराव से नहीं, बातचीत से निकल सकता है। ……………………….. ये खबर भी पढ़ें… रिलेशनशिप एडवाइज- पार्टनर की एक्स गर्लफ्रेंड से इनसिक्योर हूं:जब भी उसकी बात होती है, मेरा मूड खराब हो जाता है, मैं क्या करूं आपकी परेशानी बहुत सामान्य है। बहुत से लोग अपने पार्टनर के अतीत के बारे में सुनकर असहज महसूस करते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप असुरक्षित, पजेसिव या गलत हैं। अक्सर ऐसी स्थिति में असली समस्या पार्टनर का पास्ट नहीं, बल्कि उस पास्ट से जुड़ी हमारी अपनी भावनाएं होती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

गीली पिच, घंटों की मेहनत... सावधान श्रीलंका, तुम्हारे स्पिनरों की बैंड बजाने आ रहे हैं केएल राहुल

भारतीय क्रिकेट टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच गई है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी केएल राहुल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ वीडियो और तस्वीर शेयर किया है. इस वीडियो में वह श्रीलंकाई स्पिनरों से निपटने के लिए गीली मिट्टी की पिच पर प्रैक्टिस करते हुए दिख रहे हैं. Wed, 5 Aug 2026 06:08:06 +0530

  Videos
See all

Maharashtra | 'गूंगी गुड़िया' बयान पर भारी बवाल! | #shorts #viralvideo #viralnews #sunetrapawar #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T01:45:32+00:00

AAJTAK 2 | ASSAM FLOOD | मूसलाधार बारिश से बढ़ा जलस्तर, बाढ़ ने लिया भयावह रुप! | AT2 #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T01:45:19+00:00

Pakistan Crisis LIVE | Khyber Pakhtunkhwa Blast, Peshawar में हड़कंप | Asim Munir | Shehbaz Sharif #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T01:47:15+00:00

Mandla Bull Fights: बीच सड़क पर सांडों की जबरदस्त लड़ाई! | Viral Video #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T01:45:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers