Nuh encounter: हरियाणा के नूंह में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गो तस्कर गिरफ्तार
गुरुग्राम, चार अगस्त हरियाणा के नूंह जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ के बाद कथित गो तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मौके से एक पिकअप वाहन में ले जाए जा रहे तीन मवेशियों को छुड़ा लिया गया और एक अवैध हथियार व कारतूस भी बरामद किया गया।
उसने बताया कि घटना के संबंध में फिरोजपुर झिरका सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ मंगलवार सुबह फिरोजपुर झिरका के बीवा गांव के पास उस समय हुई, जब आरोपी मवेशियों को लेकर जा रहे थे। उसने बताया कि सूचना मिलने के बाद विशेष गोहत्या निरोधक इकाई की टीमों ने बीवा गांव के पास नाकाबंदी कर दी, जिसके कुछ देर बाद एक पिकअप वाहन वहां पहुंचा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने नाकाबंदी तोड़ दी और वाहन लेकर फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस टीमों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। अधिकारी के अनुसार, पीछा किए जाने के दौरान चालक ने जल्दबाजी में वाहन को वापस मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन इंजन बंद हो जाने से गाड़ी रुक गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद वाहन में सवार दो व्यक्ति बाहर निकले और भागने की कोशिश करने लगे तथा इस दौरान उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी की।
पुलिस ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के बाएं घुटने में गोली लग गई, जिससे वह गिर गया और इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, घायल व्यक्ति की पहचान राजस्थान के डीग जिले के निवासी जाबिर के रूप में हुई है और उसे इलाज के लिए नूंह स्थित शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी करते हुए मौके से भागे व्यक्ति की पहचान साहुन के रूप में हुई है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।
MK Markandeyan: द्रमुक विधायक मार्कंडेयन तिरुनेलवेली में जमानत पर रिहा
तिरुनेलवेली (तमिलनाडु), चार अगस्त द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) विधायक जी वी मार्कंडेयन ने राज्य सरकार पर ‘तानाशाही वाली मानसिकता’ के साथ काम करने और ‘लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया। जमानत पर मंगलवार को रिहा होने के बाद उन्होंने यह बात कही। विलाथिकुलम के विधायक मार्कंडेयन ने कहा कि जेल जाना द्रमुक के लिए कोई नया अनुभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि तमिल एकता की रक्षा के लिए हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को जेल जाना पड़ा था और पार्टी के मौजूदा नेता भी किसानों के अधिकारों के आंदोलन के दौरान एक साल जेल में रहे थे। मार्कंडेयन ने यहां संवाददाताओं से कहा, जेल की सलाखें हमें तोड़ नहीं सकतीं, हम मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने विचारों को दबाए जाने के बजाय ‘हजार जेलों’ का सामना करने के लिए तैयार है।
मार्कंडेयन ने कहा कि जेल में रहते हुए उन्होंने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पढ़ा। उन्होंने कहा, इसके बावजूद कल विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। उन्हें लगता है कि इस तरह हमें पीटकर और दबाकर हम विधानसभा में नहीं बोलेंगे।
इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे...। मार्कंडेयन को 20 जुलाई को तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा (डीसीबी) पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी टीवीके के एक पदाधिकारी की शिकायत के आधार पर हुई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 18 जुलाई को कोविलपट्टी में द्रमुक की एक जनसभा के दौरान मार्कंडेयन ने मानहानिकारक और धमकी भरी टिप्पणियां कीं। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि द्रमुक विधायक विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की ‘हड्डियां तोड़ देंगे।’ तूतीकोरिन की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत द्वारा उनकी शुरुआती जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने तीन अगस्त को मार्कंडेयन को सशर्त जमानत दी थी। पलायमकोट्टई केंद्रीय जेल से रिहा होने के बाद विधायक ने अपनी स्थिति की तुलना ऐतिहासिक संघर्षों से की और उन प्रमुख नेताओं का उल्लेख किया, जिन्होंने जेल की सजा झेली थी।
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