Rajasthan News: जयपुर के यातायात को मिलेगी नई दिशा, JDE का कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान सार्वजनिक
Rajasthan News: राजस्थान सरकार की दूरदर्शी सोच और सुनियोजित शहरी विकास की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई है. जयपुर शहर की वर्तमान और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा तैयार किया गया कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) का प्रारूप सार्वजनिक कर दिया गया है. यह पहल न सिर्फ राजधानी के ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करेगी बल्कि आने वाले सालों में सुरक्षित और सुगम परिवहन व्यवस्था का मजबूत आधार भी तैयार करेगी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, यह फैसला प्रदेश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की संख्या और शहरी विस्तार को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. ऐसे में राज्य सरकार द्वारा CMP का मकसद आमजन के लिए सार्वजनिक करना पारदर्शिता और जनभागीदारी की मिसाल है. यह दर्शाता है कि सरकार विकास योजनाओं को थोपने के बजाय नागरिकों की राय और सुझावों को महत्व दे रही है.
क्या है सरकार का उद्देश्य?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना, ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाना और पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था विकसित करना है. CMP के तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, बेहतर रोड नेटवर्क, साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया गया है.
जयपुर शहर की वर्तमान और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा तैयार किए गए, कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) का प्रारूप सार्वजनिक कर दिया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षित और सुगम परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। आमजन, संबंधित… pic.twitter.com/EChhpt2JHI
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 19, 2026
राजस्थान सरकार का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यापक विचार
राजस्थान सरकार ने नागरिकों, संबंधित विभागों और संगठनों से 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे तक अपने सुझाव, अभिमत या आपत्तियां ईमेल के माध्यम से भेजने का आग्रह किया है. यह कदम दर्शाता है कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लेना चाहती है.
जयपुर में मोबिलिटी प्लान को बढ़ावा देना अहम
जयपुर जैसे ऐतिहासिक और तेजी से विकसित होते शहर के लिए यह मोबिलिटी प्लान भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा. स्पष्ट है कि राज्य सरकार शहर को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पहल निश्चित रूप से जयपुर को एक स्मार्ट और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है.
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पन्नू हत्याकांड मामले में निखिल गुप्ता को 40 साल की जेल संभव, 29 मई को तय होगी सजा
वॉशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित तौर से हत्या की साजिश के मामले में निखिल गुप्ता को अमेरिकी संघीय कोर्ट में औपचारिक रूप से दोषी ठहराया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान 29 मई को निखिल की सजा तय की जाएगी।
कोर्ट के जज ने सिख अलगाववादी की हत्या की साजिश में निखिल की गलती मान ली है। निखिल को इस मामले में ज्यादा से ज्यादा 40 साल की जेल हो सकती है।
अमेरिकी जिला जज विक्टर मारेरो ने 17 फरवरी को मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने गुप्ता की बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट देखने के बाद दोषी ठहराने का आदेश जारी किया।
पिछले हफ्ते 54 साल के निखिल गुप्ता ने कोर्ट में अपनी गलती स्वीकार की थी। उन्होंने माना था कि अमेरिका में 2023 में पन्नू की हत्या करवाने के लिए हामी भरी थी।
उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति को 15,000 डॉलर कैश दिए थे। पूछताछ के दौरान, उन्होंने माना कि उन्हें पता था कि जिस पर हमला होना था, वह न्यूयॉर्क में था और जिसे पेमेंट दिया गया, वह मैनहट्टन में मौजूद था। निखिल ने भाड़े पर हत्या करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने की साजिश का गुनाह कबूल किया।
जिला कोर्ट के आदेश के अनुसार, गुप्ता की सजा आधिकारिक हो गई है और केस सीधे सजा सुनाने के फेज में चला गया है। फेडरल कानून के तहत, गुप्ता को भाड़े पर मर्डर करने की साजिश के लिए 10-10 साल तक की सजा हो सकती है और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के लिए 20 साल तक की सजा हो सकती है। यानी कानूनी तौर पर ज्यादा से ज्यादा 40 साल की सजा होगी।
हालांकि, संघीय सजा सिर्फ कानूनी तौर पर ज्यादा से ज्यादा सजा के बजाय एडवाइजरी सेंटेंसिंग गाइडलाइंस से तय होती है। अर्जी से पहले दाखिल किए गए पिमेंटेल लेटर में गुप्ता की एडवाइजरी सजा की रेंज 235 से 293 महीने जेल आंकी गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने साफ किया कि गाइडलाइंस एडवाइजरी हैं और आखिरी सजा सिर्फ जज मारेरो जांच रिपोर्ट देखने के बाद तय करेंगे। अब इस मामले में निखिल को 29 मई को सुबह 10 बजे सजा सुनाई जाएगी।
गुप्ता ने कोर्ट में पुष्टि की है कि वह भारत के नागरिक हैं और उन्हें मालूम है कि दोषी मानने पर उन्हें अमेरिका से निकाल दिया जाएगा। सरकार की सजा से जुड़ी जानकारी में कहा गया है कि ऐसे अपराधों के लिए दोषी पाए गए गैर-नागरिकों को देश से हटाना जरूरी है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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