सोना आज ₹3151 महंगा हुआ, ₹1.55 लाख पर पहुंचा:इस साल 21 हजार रुपए चढ़ा; चांदी एक दिन में ₹8,432 महंगी
सोना-चांदी के दाम में आज 19 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,151 रुपए बढ़कर होकर ₹1.55 लाख पहुंच गया है। वहीं, एक किलो चांदी 8,432 रुपए बढ़कर ₹2.45 लाख पर पहुंच गई है। इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 21,540 और चांदी 14,810 महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें: सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ये खबर भी पढ़ें... भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें…
सालाना 90 लाख होगा कार प्रोडक्शन:कार कंपनियां 1 लाख करोड़ लगा 65% बढ़ाएंगी उत्पादन, कम दाम पर बेहतर कारों की उम्मीद
देश की पांच बड़ी कार कंपनियां अगले 5-6 साल में करीब 1 लाख करोड़ रुपए निवेश करके उत्पादन क्षमता 65% तक बढ़ाने जा रही हैं। इससे कारों का सालाना उत्पादन 55 लाख से बढ़कर 90 लाख तक पहुंच सकता है। बढ़ती मांग के बीच इससे सप्लाई बढ़ेगी, नए मॉडल आएंगे और लोकप्रिय मॉडलों के लिए इंतजार की अवधि घट सकती है। देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा फिलोस्कर मोटर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने आक्रामक विस्तार की योजना बनाई है। इसके तहत भारी-भरकम निवेश से नए कारखाने खोले जाएंगे। एसयूवी, ईपी और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि आगामी वर्षों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नतीजतन अभी के मुकाबले कम कीमतों पर बेहतर फीचर वाली कारें बाजार में आ सकती हैं। क्षमता विस्तार की होड़: नई फैक्ट्रियां, मॉडल, टेक्नोलॉजी पर फोकस मारुति सुजुकीः 35,000 करोड़ रुपए का नया निवेश कंपनी अभी सालाना 26 लाख कारें बना सकती है। 2027 से 2030 के बीच अतिरिक्त 15 लाख कारों की उत्पादन क्षमता जोड़ेगी। गुजरात के गांधीनगर में सालाना 10 लाख कारों का नया बड़ा प्लांट लगेगा। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी बाजार हिस्सेदारी बचाना चाहती है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटरः क्षमता दोगुनी करेगी टोयोटा किलोस्कर मोटर उत्पादन क्षमता दोगुनी सालाना 10 लाख कारों तक पहुंचाने जा रही है। बिदादी (कर्नाटक) प्लांट का विस्तार करेगी। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया बड़ा कारखाना लगाएगी। इससे फॉच्यूनर, इनोवा जैसे मॉडलों की लंबी वेटिंग कम हो जाएगी। महिंद्रा एंड महिंद्राः सालाना उत्पादन 7.4 लाख बढ़ाएगी कंगनी नागपुर में 5 लाख और चाकण में 2.4 लाख यूनिट की नई फैसिलिटी जोड़ेगी। अभी उत्पादन क्षमता सालाना 7.74 लाख कारों की है। 2030 तक इसे 15 लाख से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है। 2027 में आने वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी रेंज के लिए यह जरूरी है। टाटा मोटर्स नई ईवी, एसयूवी उतारेगी कंपनी तमिलनाडु में नया प्लॉट लगाएगी। जिसमें 9,000 करोड़ रुपए लगेंगे और सालाना 2.5 लाख कारें बनेगी। मौजूदा फैक्ट्रियां सालाना 8.5 लाख तक कारें बना रही हैं। कंपनी इलेक्ट्रिक कारों और एसयूवी के नए मॉडलों पर फोकस करेगी। नए मॉडल उतारेगी। एमजी मोटर क्षमता तीन गुना करेगी जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया 4,000 करोड़ रुपए के निवेश से क्षमता लगभग तीन गुना करके सालाना 3 लाख कारों तक पहुंचाएगी। कंपनी प्लग-इन हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों के नए मॉडल बाजार में उतारने पर फोकस कर रही है। आक्रामक विस्तार की जरूरत इसलिए पड़ी - जीएसटी के ढांचे में बदलाव और कटौती से टैक्स व्यवस्था अब बिलकुल स्पष्ट हो गई है। पहले टैक्स के मामले में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब कंपनियां लंबे समय की प्लानिंग कर सकती है। - मांग लगातार बढ़ रही है। आगामी वर्षों में भी कमोबेश यही स्थिति रहेगी। वाहन डीलरों के संगठन फाडा के प्रेसिडेंट सीएस विग्नेश्वर ने कहा कि जीएसटी में कटौती कई साल तक मांग मजबूत रखेगी। घरेलु, विदेशी बाजारों में मजबूत डिमांड सबसे बड़ा आकर्षण। - 2025 में रिकॉर्ड 45.30 लाख कारों की बिक्री हुई। - घरेलू बाजार में बिकी सालाना 7.3% बढ़ी, इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन 17% बढ़ा - गाड़ियों के निर्यात में 19.2% की तगड़ी बढ़ोतरी हुई।
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