हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में फिर खेला होगा:BJP इस दफा भी चौंकाएगी, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की टेंशन; 7 प्वाइंट्स में समझिए दोनों की प्लानिंग
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव कराने की घोषणा हो चुकी है। विधानसभा के अंदर मौजूदा संख्या बल के हिसाब से तो एक सीट सत्तारूढ़ BJP और दूसरी सीट मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खाते में जाती हुई नजर आती है लेकिन ऐसा ही होगा, ये कहना जल्दबाजी होगा। हरियाणा में राज्यसभा सीटों पर हुए इलेक्शन का इतिहास बेहद रोचक और ड्रामेटिक रहा है। सियासी जानकार भी मानते हैं कि इस बार का चुनाव ऊपर से जितना आसान दिख रहा है, अंदर से उतना ही पेचीदा रहेगा। राज्यसभा की खाली होने जा रही दोनों सीटें फिलहाल BJP के पास हैं। एक पर रामचंद्र जांगड़ा तो दूसरी पर किरण चौधरी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। BJP की कोशिश दोनों सीटें बचाने की रहेगी। इसके लिए वह दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारकर क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करेगी। इसके लिए BJP उम्मीदवार चयन में सरप्राइज दे सकती है। बागड़ बेल्ट या पंजाब से जुड़े समीकरण को ध्यान में रखते हुए सिख चेहरा लाया जा सकता है। कुछ सीनियर नेताओं को एडजस्ट करने का विकल्प भी खुला है। दूसरी ओर, कांग्रेस के पास कहने को 37 विधायक हैं, लेकिन पार्टी को संख्या से ज्यादा चिंता अनुशासन की है। 2016 और 2022 के अनुभव बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव में आखिरी वक्त के उलटफेर भारी पड़ते हैं। इसलिए पार्टी की प्राथमिकता साफ है- एकजुटता और भरोसेमंद उम्मीदवार। हालांकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह दावा कर रहे हैं कि BJP कुछ भी कर ले, एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ही जीतेगा। एक्सपर्ट की नजर में 3 पॉइंट्स में समझें BJP की संभावित रणनीति अब जानिए…कांग्रेस के लिए सामने 3 बड़ी चुनौतियां क्या इनेलो के 2 और 3 निर्दलीय विधायक बेहद अहम इनेलो के दो विधायक और 3 निर्दलीय MLA के वोट राज्यसभा चुनाव में बेहद अहम रहेंगे। इस समय तीनों निर्दलीय विधायक, हिसार से सावित्री जिंदल, गन्नौर से देवेंद्र कादियान और बहादुरगढ़ से राजेश जून BJP सरकार को समर्थन दे रहे हैं। इनमें सावित्री जिंदल और राजेश जून की बैकग्राउंड कांग्रेस से जुड़ी रही है। जहां तक इनेलो का सवाल है तो पार्टी सुप्रीमो अभय चौटाला ने अभी तक स्टैंड क्लियर नहीं किया है। हालांकि हरियाणा के सियासी इतिहास में चौटाला परिवार, देवीलाल से लेकर दुष्यंत चौटाला तक, जब-जब जरूरत पड़ी, BJP के साथ ही गया है। हरियाणा में जब-जब 2 सीटों पर चुनाव हुआ…बड़ा उल्टफेर हुआ 2016 का स्याही कांड: 14 वोट अमान्य हुए वर्ष 2016 में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में उतरे। 47 विधायकों वाली भाजपा ने एक सीट पर चौ. बीरेंद्र सिंह को कैंडिडेट बनाया और दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को समर्थन दिया। इनेलो ने एडवोकेट आरके आनंद को मैदान में उतारा जबकि कांग्रेस ने कोई ऑफिशियल प्रत्याशी नहीं उतारा। आनंद दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलकर आए तो माना गया कि कांग्रेस उनका समर्थन करेगी। हालांकि वोटिंग के दौरान कांग्रेस के 14 विधायकों के वोट अमान्य कर दिए गए क्योंकि इनके बैलेट पेपर पर अलग रंग के पेन का इस्तेमाल हुआ था। आरोप था कि बैलेट पेपर पर गलत तरीके से स्याही लगाई गई। नतीजा दूसरी सीट पर BJP समर्थित सुभाष चंद्रा जीत गए। मामला चुनाव आयोग और अदालत तक पहुंचा। मीडिया ने इसे ‘स्याही कांड’ नाम दिया। 2022 में वोट दिखाने पर विवाद, क्रॉस वोटिंग भी वर्ष 2022 में भी राज्यसभा की 2 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने कृष्णलाल पंवार तो कांग्रेस हाईकमान ने अपने विश्वासपात्र अजय माकन को प्रत्याशी बनाया। विधायकों की संख्या के हिसाब से भाजपा और कांग्रेस के पास 1-1 सीट आनी थी, मगर खेल हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने अपने बेटे कार्तिकेय शर्मा को निर्दलीय कैंडिडेट के रूप में मैदान में उतार दिया। भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया। वोटिंग के दौरान आरोप लगे कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने अपने वोट भाजपा एजेंट को दिखाए। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन वोटों को रद्द करने की मांग की मगर वोट रद्द नहीं हुए। नतीजा- कार्तिकेय शर्मा जीत गए और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग खुलकर सामने आ गई। किरण चौधरी और कुलदीप बिश्नोई को लेकर खूब चर्चाएं चलीं। उसके बाद कुछ समय बीता और इन दोनों ने कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन कर ली। क्या कहते हैं आंकड़े इन 3 प्वाइंट में समझिए… कांग्रेस और बीजेपी में ये चेहरे कर रहे लॉबिंग
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में आज PM मोदी स्पीच देंगे:इसमें 20+ देशों के प्रमुख, 500 से ज्यादा AI लीडर शामिल होंगे
पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में उद्घाटन स्पीच देंगे। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई देशों के प्रमुख और उद्योग जगत के दिग्गज संबोधित करेंगे। PM समिट से पहले भाग लेने वाले देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। यह समिट भारत की AI नीति, वैश्विक सहयोग और निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। इसमें 110 से ज्यादा देश, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन और 500+ दुनिया के AI लीडर शामिल हो रहे हैं। समिट में करीब 100 CEOs और फाउंडर्स, 150 अकादमिक और रिसर्चर, 400 CTOs, VPs, 100+ सरकारी प्रतिनिधि, लगभग 60 मंत्री और उपमंत्री मौजूद रहेंगे। इससे पहले बुधावार को गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम ने कहा कि हमने भारत में AI के क्षेत्र में हो रहे काम और गूगल कैसे हमारे युवाओं के साथ काम कर सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा की। PM का कार्यक्रम 16 फरवरी: PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया PM मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ 'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की थीम पर समिट इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं। तीन 'सूत्रों' पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है- पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर, पहले चीनी रोबोट, फिर ड्रोन को अपना बताया चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others

















