पाकिस्तान में इमरान की रिहाई के लिए यूथ फोर्स बनी:खैबर में अटक ब्रिज पर समर्थकों ने कब्जा किया; आर्मी चीफ ने 5 हजार फौजी भेजे
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान में हालात बेकाबू हो रहे हैं। इमरान की पार्टी पाक तहरीक-ए-इंसाफ(PTI) के हजारों समर्थकों ने खैबर सूबे में सामरिक और रणनीतिक रूप से अहम अटक ब्रिज पर बुधवार को कब्जा जमा लिया है। ब्रिज के दोनों ओर इमरान समर्थकों के जमावड़े के कारण वाहन अटके हुए हैं। पीटीआई के तेवरों को देखते हुए पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद, पेशावर व रावलपिंडी कैंट से लगभग 5 हजार फौजी रवाना किए हैं। उधर, खैबर के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने रिहाई के लिए युवाओं की इमरान रिलीज फोर्स बनाने का ऐलान किया है। इमरान के समर्थन में तहाफुज पार्टी (TTP) ने भी इस्लामाबाद कूच का ऐलान किया है। पुल पर कब्जे की दो तस्वीरें… खैबर सूबा पाकिस्तान से कटा इमरान समर्थकों के अटक ब्रिज पर कब्जे से खैबर सूबा से पाक से कट गया है। इससे पाकिस्तान में अफरा-तफरी मच गई है। आनन फानन में आर्मी चीफ को फौज भेजने का फैसला लेना पड़ा। 30 महीने से जेल में इमरान पूर्व पीएम इमरान खान अगस्त, 2023 से इस्लामाबाद की अडियाला जेल में बंद हैं। अभी वे तोशाखाना भ्रष्टाचार केस में 14 साल की जेल काट रहे हैं। इमरान की पत्नी बुशरा बीबी भी अडियाला जेल में सजा काट रही है। इमरान के खिलाफ लगभग एक सौ से अधिक मामले दर्ज हैं। इसमें से लगभग एक दर्जन मामले लोअर-हाईकोर्ट में कोर्ट में चल रहे हैं। इमरान की जेल पर मुनीर का ताला, लेकिन इसकी चाबी ट्रम्प के पास इमरान को जेल में रखने में आर्मी चीफ मुनीर की बड़ी भूमिका है। पीएम रहते हुए इमरान ने मुनीर को खुफिया एजेंसी ISI चीफ के पद से हटाया था। जानकारों के अनुसार इमरान की जेल पर भले ही मुनीर का ताला हो, पर इसकी चाबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर फ्री इमरान मूवमेंट के बाद भी ट्रम्प मुनीर पर रिहाई का दबाव डालने के मूड में नहीं हैं। ---------- ये खबर भी पढ़ें… 5 देशों के 14 पूर्व–कप्तानों की पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी:इमरान खान के इलाज की मांग, इनमें भारत के दो, पाकिस्तान का कोई नहीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत को लेकर 5 देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। 73 साल के इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। इस चिट्ठी पर सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 14 दिग्गज कप्तानों ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से इमरान को उचित इलाज दिए जाने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें…
जरूरत की खबर- डेयरी प्रोडक्ट सेहत के लिए कितना फायदेमंद:जानें इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, फायदे-नुकसान, किन्हें नहीं खाना चाहिए
पीढ़ियों से डेयरी प्रोडक्ट्स भारतीय खानपान का अहम हिस्सा रहे हैं। चाहे वो शाकाहारियों की फेवरेट सब्जी पनीर हो या सेहत का खजाना दूध–दही। जीवन का शुरुआती भोजन ही दूध होता है। जब छोटा बच्चा कुछ और नहीं खाता तो सिर्फ दूध पीता है। डेयरी प्रोडक्ट्स में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हैं। कैल्शियम, हाई-क्वालिटी प्रोटीन और जरूरी विटामिन्स से भरपूर ये फूड्स शरीर की ग्रोथ, हड्डियों की मजबूती और मसल्स ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग होल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स खाते हैं, उन्हें हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है। लेकिन क्या डेयरी प्रोडक्ट्स उतने ही हेल्दी होते हैं, जितना दावा किया जाता है? आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- एक्सपर्टः डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- डेयरी प्रोडक्ट्स क्या होते हैं? जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स वे सभी फूड आइटम्स हैं, जो जानवरों के दूध से बनाए जाते हैं। पोषण के लिहाज से डेयरी प्रोडक्ट्स प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D और B12 के अच्छे सोर्स हैं। सवाल- डेयरी प्रोडक्ट्स में कौन–कौन सी चीजें आती हैं? जवाब- डेयरी सिर्फ दूध तक सीमित नहीं है। इसमें वे सभी प्रोडक्ट्स शामिल होते हैं, जो दूध से अलग-अलग प्रक्रियाओं के जरिए तैयार किए जाते हैं। यानी दूध को जमाकर, मथकर, फाड़कर या प्रोसेस करके जो भी प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं, वे सभी डेयरी की कैटेगरी में आते हैं। ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स सेहत के लिए अच्छे होते हैं? जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स को अक्सर ‘कम्प्लीट न्यूट्रिशन’ का हिस्सा माना जाता है। इनमें मौजूद प्रोटीन, कैल्शियम और जरूरी विटामिन्स बॉडी की वर्किंग को सपोर्ट करते हैं। ग्राफिक से समझते हैं कि डेयरी प्रोडक्ट्स से सेहत को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं। सवाल– क्या सभी डेयरी प्रोडक्ट्स खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब- नहीं, सभी डेयरी प्रोडक्ट्स सभी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। दूध– दूध छोटे बच्चों के लिए बेस्ट और कंप्लीट मील है, लेकिन अमूमन वयस्कों को इसकी जरूरत नहीं होती। दही, छाछ– ये सुपाच्य और हेल्दी होता है। सभी के लिए अच्छा है, सिर्फ उन्हें छोड़कर जो लैक्टोज इन्टॉलरेंट हैं। चीज, पनीर– अगर ये अल्ट्राप्रोसेस्ड नहीं है तो तीन साल से बड़ी उम्र के सभी लोगों के लिए हेल्दी है। नोट– सामान्य तौर पर पाश्चराइज्ड और सही तरीके से स्टोर किए गए डेयरी प्रोडक्ट्स सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन कच्चा (अनपाश्चराइज्ड) दूध बैक्टीरियल संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। सवाल- उम्र के हिसाब से कौन से डेयरी प्रोडक्ट का सेवन बेस्ट होता है? जवाब- डेयरी प्रोडक्ट का चयन उम्र, पाचन क्षमता और पोषण की जरूरतों पर निर्भर करता है। शिशु (0–12 महीने) नवजात शिशु के लिए केवल मां का दूध बेहतर है। 6 महीने बाद खाने के साथ थोड़ा दही दिया जा सकता है। टॉडलर्स (1–3 साल) टॉडलर्स के लिए गाय का दूध बेहतर होता है। साथ ही इन्हेें फुल-फैट दही और चीज भी दिया जा सकता है। छोटे बच्चे (4–8 साल) 4 साल की उम्र के बाद बच्चे के लिए फुल-फैट दूध शुरू किया जा सकता है। दूध, दही और पनीर/चीज हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद होते हैं। किशोर (9–18 साल) इस उम्र में शरीर तेजी से बढ़ता है। इसलिए कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत ज्यादा होती है। फुल-फैट दूध, दही और चीज अच्छे विकल्प हैं। वयस्क (19–59 साल) वयस्कों के लिए फुल-फैट दूध और दही बेहतर माने जाते हैं। ग्रीक योगर्ट और पनीर भी अच्छे विकल्प हैं। वरिष्ठ नागरिक (60+ साल) इस उम्र में हल्का और पचने में आसान डेयरी प्रोडक्ट जैसे दही और पनीर लेना फायदेमंद है। सवाल- डेयरी प्रोडक्ट (दूध, दही,पनीर, घी) की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है? जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू मात्रा व प्रकार पर निर्भर करती है। ग्राफिक से अलग-अलग डेयरी प्रोडक्ट्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू के बारे में समझते हैं- गट हेल्थ के लिए हेल्दी दही 100 ग्राम सादी दही में 3.5 ग्राम प्रोटीन, 3.3 ग्राम फैट और 4.7 ग्राम नेचुरल शुगर मौजूद होता है। यह फर्मेंटेड होता है, इस वजह से गट हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है। पाचन तंत्र मजबूत करता है घी सिर्फ एक चम्मच घी में लगभग 130 कैलोरी और 15 ग्राम फैट होता है। घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों की सेहत को सपोर्ट करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। मसल बिल्डिंग के लिए मददगार पनीर पनीर प्रोटीन से भरपूर होता है। यह खासकर मसल बिल्डिंग और लंबे समय तक पेट भरा रखने के लिए जाना जाता है। सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं? जवाब- हां, डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ संभावित साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन ये हर किसी को नहीं होते। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति कितनी मात्रा में खा रहा है और उसके शरीर की सहने की क्षमता कैसी है। पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- रोज कितनी मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट लेना सही है? जवाब- हेल्दी पर्सन के लिए रोजाना 2 से 3 सर्विंग डेयरी प्रोडक्ट लेना सेफ है। इससे शरीर को आवश्यक कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाता है। सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स पचने में भारी होते हैं? जवाब- यह व्यक्ति की पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। हर किसी का डाइजेशन अलग होता है। सामान्य तौर पर दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स आसानी से पच जाते हैं। वहीं फुल-फैट दूध, क्रीम या ज्यादा फैट वाले प्रोडक्ट कुछ लोगों को भारी लग सकते हैं। सवाल- किन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं कि किन लोगों को सावधान रहना चाहिए- ये लोग लो-फैट या लैक्टोज-फ्री विकल्प चुन सकते हैं। किन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं खाने चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी को लैक्टोज इन्टॉलरेंस है तो उसके लिए डेयरी प्रोडक्ट का अल्टरनेटिव क्या हो सकता है? जवाब- ऐसे लोग लैक्टोज-फ्री दूध का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा उनके लिए ये प्लांट-बेस्ड विकल्प विकल्प हो सकते हैं– कैल्शियम और विटामिन B12 की जरूरत पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से भरपूर) विकल्प चुनना बेहतर होता है। ………………………………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- एलोवेरा जूस के 11 हेल्थ बेनिफिट्स:डॉक्टर से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए, खरीदते हुए बरतें ये जरूरी सावधानियां हम बचपन से एलोवेरा के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में सुनते आए हैं। स्किन में निखार लाने से लेकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने तक, इसके कई फायदे बताए जाते हैं। यही वजह है कि लोग इसका खूब इस्तेमाल करते हैं। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ही इसे एक बेहद उपयोगी औषधीय पौधा मानते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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