Navratri Vrat में Momos की क्रेविंग होगी दूर, साबूदाना और पनीर से तैयार करें फलाहारी Snack
शारदीय नवरात्रि का पर्व चल रहा है। इस दौरान भक्तजन नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। कई बार व्रत में चटपटा और अलग खाने का मन जरुर करता है। यदि आप मोमोज के शौकीन हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
अगर आपको व्रत में मोमोज खाने की क्रेविंग हो रही है, तो आप फलाहारी मोमोज बना सकते हैं। इन्हें बनाना भी काफी आसान है। आइए आपको पसंदीदा स्नैक की रेसिपी बताते हैं।
साबूदाना मोमोज बनाने के लिए सामग्री
आटे के लिए:
1 कप साबूदाना
1 उबला हुआ आलू
आधा चम्मच सेंधा नमक
1 चम्मच तेल या घी
स्टफिंग के लिए:
1 कप कद्दूकस किया हुआ पनीर
1 बारीक कटी हरी मिर्च
आधा इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक
2 चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर
स्वादानुसार सेंधा नमक
साबूदाना मोमोज बनाने की विधि
- सबसे पहले साबूदाने को मिक्सर में पीसकर उसका बारीक पाउडर बना लें। फिर एक बर्तन में साबूदाने को पाउडर लें और उसमें उबला हुआ आलू अच्छी तरह से मैश कर लें। अब इसमें हल्का सेंधा नमक और गुनगुना पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंध लें। इसको आप 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें, जिससे साबूदाना अच्छे से फूल जाए।
- अब एक बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर अच्छे से मिला लें। आपकी चटपटी स्टफिंग तैयार कर लें।
- इसके बाद साबूदाने के आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। इन्हें हाथों या बेलन की मदद से पूरी के आकार में फैला सकते हैं। यदि आपको बेलने में परेशानी हो रही है, तो आप प्लास्टिक शीट का प्रयोग कर सकती हैं। अब बीच में एक चम्मच पनीर की स्टाफिंग रखें और किनारों को एक साथ लाते हुए मोमोज का आकार दें।
- अब आपको एक स्टीमर या मोमोज वाले बर्तन में पानी गर्म करें। स्टीमर की प्लेट को थोड़े से घी से ग्रीस कर लें और सभी मोमोज को थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रख दें। इनको आपको 10 से 12 मिनट तक भाप में पकाएं। जब साबूदाने की परत हल्की पारदर्शी दिखने लगे, तो समझ जाएं कि मोमोज पक चुके हैं।
मां चंद्रघंटा को प्रिय है दूध की मिठाई, Navratri के तीसरे दिन ऐसे तैयार करें Malai Peda Bhog
शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। इस देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनका पसंदीदा भोग जरुर बनाएं। मां चंद्रघंटा को दूध से बनीं हुई मिठाई सबसे प्रिय है। धार्मिक ग्रथों के अनुसार, मां चंद्रघंटा साहस, शक्ति, शांति और निर्भयता की देवी माना जाता है। उनके मस्तक पर सुशोभित अर्धचंद्र मन की शांति, अध्यात्म और चेतना पर नियंत्रण का प्रतीक है।
मां चंद्रघंटा को दूध और दूध से बनी चीजें काफी प्रिय है। इसलिए आप उनके भोग के लिए मलाई पेड़ा बना सकते हैं। आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं।
मलाई पेड़ा रेसिपी
सामग्री
4-5 कप फुल क्रीम दूध
2 छोटे चम्मच गर्म दूध
1 बड़ा चम्मच अरारोट पाउडर
3/4 कप मिल्क पाउडर
200 ग्राम कद्दूकस पनीर
3-4 इलायची या 1/4 चम्मच इलायची पाउडर
1 बड़ा चम्मच घी
1/2 कप चीनी
1 बड़ा चम्मच कटा हुआ पिस्ता
1 बड़ा चम्मच कटा हुआ बादाम
कुछ केसर
मलाई पेड़ा की विधि
- सबसे पहले आप गहरे नॉन-स्टिकी पैन में 4-5 कप फुल क्रीम दूध को 4-5 मिनट तक तेज आंच पर उबालें।
- इसके बाद मध्यम आंच पर 15 मिनट तक दूध के आधा हो जाने तक उबालें। फिर चम्मच से बीच-बीच में चलाते हुए किनारों को खुरचना शुरु करें।
- अब एक कटोरी में 2 छोटे चम्मच गर्म दूध में कुछ केसर मिलाकर अलग रख दें।
- 15 मिनट बाद दूध में केसर वाला गर्म दूध और 1/2 कप चीनी मिलाएं। इसे भी 5 मिनट तक उबालना है और इस दौरान खुरचने के प्रोसेस को भी जारी रखें।
- इसके बाद उबलते हुए दूद में कद्दूकस पनीर के साथ अरारोट पाउडर घोल भी डालें।
- इस मिश्रण को तब तक उबालें, जब तक वह गाढ़ा होकर पैन का किनारा न छोड़ने लगे।
- अब यह मिश्रण में मावा या खोया जैसा दिखने लगे तो गैस बंद कर दें और फिर इसमें 1/4 चम्मच इलायची पाउडर डालें।
- इसको एक तरफ ठंडा होने के लिए रख दें।
- अगले स्टेप में दूध के गाढ़े मिश्रण से छोटी-छोटी लाई बनाकर उसे चपटा कर लें और ऊपर से पिस्ता-बादाम मिला लें।
- देवी चंद्रघंटा के लिए मलाई पेड़ा भोग तैयार है।
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