WPL 2027 Auction कोच्चि में 28 अक्टूबर को, Sophia Dunkley और Sophie Molineux की बेस प्राइस 50 लाख
महिला प्रीमियर लीग 2027 की नीलामी से पहले खिलाड़ियों की सूची सामने आ गई है। इस बार इंग्लैंड की सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू ने सबसे ऊंची आधार कीमत 50 लाख रुपये रखी है। वहीं, जी कमालिनी, किरण नवगिरे, हीदर ग्राहम और जेस जोनासन ने 40 लाख रुपये की आधार कीमत के साथ अपना नाम दर्ज कराया है। खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सभी 5 टीमों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
महिला प्रीमियर लीग की नीलामी 28 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में होगी। इसमें कुल 146 खिलाड़ी शामिल होंगी, जबकि टीमों के पास भरने के लिए 27 जगह खाली हैं। इनमें 20 जगह भारतीय खिलाड़ियों और 7 जगह विदेशी खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हैं। ऐसे में सीमित जगहों के कारण टीमों को अपनी जरूरत और उपलब्ध बजट के हिसाब से खिलाड़ियों का चुनाव करना होगा।
नीलामी में 30 खिलाड़ियों ने 30 लाख रुपये की आधार कीमत रखी है। इस सूची में चमारी अटापट्टू, ग्रेस हैरिस, क्लो ट्रायन और स्नेह राणा शामिल हैं। वहीं, 4 खिलाड़ियों ने अपनी आधार कीमत 20 लाख रुपये तय की है। बाकी 106 खिलाड़ियों ने 10 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ पंजीकरण कराया है।
पूरी सूची में 119 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 22 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुकी हैं, जबकि 97 ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 27 है, जिनमें 6 खिलाड़ी ऐसे देशों से आती हैं जो क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूह के पूर्ण सदस्य नहीं हैं।
टीमों की तैयारी की बात करें तो मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ग्रेस हैरिस समेत 4 खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया है। गुजरात जायंट्स ने सबसे ज्यादा 15 खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखा और डैनी वायट-हॉज समेत 4 खिलाड़ियों को रिलीज किया। मुंबई इंडियंस ने 11 खिलाड़ियों को बरकरार रखा और 6 को छोड़ा। दिल्ली कैपिटल्स ने 13 खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखा, जबकि लिजेल ली और स्नेह राणा समेत 6 खिलाड़ियों को रिलीज किया।
यूपी वॉरियर्ज ने सबसे ज्यादा 9 खिलाड़ियों को रिलीज किया है। इनमें डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन और किरण नवगिरे शामिल हैं। टीम ने तारा नॉरिस को 10 लाख रुपये में मुंबई इंडियंस के साथ ट्रेड भी किया है। इसके बाद यूपी वॉरियर्ज के पास 3.75 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा बजट बचा है। साथ ही उसे 8 खिलाड़ियों की जगह भरनी है, जिनमें 5 भारतीय और 3 विदेशी खिलाड़ी हो सकती हैं।
अन्य टीमों के पास उपलब्ध बजट और खाली जगहों पर नजर डालें तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 1.15 करोड़ रुपये और 5 जगह हैं। मुंबई इंडियंस के पास 90 लाख रुपये और 6 जगह हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के पास 1.10 करोड़ रुपये और 5 जगह खाली हैं। गुजरात जायंट्स के पास 1.25 करोड़ रुपये और 3 जगह बची हैं। मुंबई को सभी 6 जगह भारतीय खिलाड़ियों से भरनी हैं, जबकि बाकी टीमों के पास विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने का भी मौका है।
गौरतलब है कि नीलामी में टीमों को सीमित बजट में मजबूत संयोजन तैयार करना होगा। ऊंची आधार कीमत वाली खिलाड़ियों के अलावा कम कीमत पर उपलब्ध प्रतिभाओं पर भी सबकी नजर रहेगी। नीलामी के बाद ही साफ होगा कि कौन सी टीम अपने खाली स्थानों को सबसे बेहतर तरीके से भर पाती है और आगामी सीजन के लिए मजबूत टीम तैयार करती है।
Indian Women League का नया सत्र 13 नवंबर से, Kolkata और Bengaluru में मैच
भारतीय महिला फुटबॉल के नए सत्र का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। देश की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता इंडियन विमेंस लीग के 2026-27 सत्र की शुरुआत 13 नवंबर से होगी। इस बार खिताब के लिए 8 टीमें मैदान पर उतरेंगी। मुकाबले कोलकाता, जमशेदपुर और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस प्रतियोगिता के जरिए देश की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का एक बड़ा मौका मिलेगा।
इस सत्र में पिछले साल खेलने वाली 6 टीमें अपनी जगह बरकरार रखेंगी। इनमें ईस्ट बंगाल एफसी, सेतु एफसी, किकस्टार्ट एफसी, नीता फुटबॉल अकादमी, गोकुलम केरल एफसी और गढ़वाल यूनाइटेड एफसी शामिल हैं। वहीं, आईडब्ल्यूएल 2 में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉप्स एफसी और जुबा संघ एफसी को भी मुख्य लीग में जगह मिली है। दोनों टीमों ने 2025-26 सत्र में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल करके पदोन्नति पाई थी।
मौजूदा चैंपियन ईस्ट बंगाल एफसी इस बार भी खिताब जीतकर अपना दबदबा कायम रखना चाहेगी। टीम ने पिछले सत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मुकाबले जीते थे, जबकि उसे केवल 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा था। पिछले सत्र में ईस्ट बंगाल की फाजिला इक्कापुट सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने पूरे सत्र में 20 गोल दागे थे। नीता फुटबॉल अकादमी की प्यारी एक्सा और सेतु एफसी की लिंडा कोम ने भी अपने आक्रामक खेल से प्रभावित किया था। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय महिला क्लब फुटबॉल में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है।
इस बार प्रतियोगिता की शुरुआत ऐसे समय हो रही है, जब भारतीय फुटबॉल में महिला खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ और कैप्री स्पोर्ट्स के बीच आईडब्ल्यूएल तथा आईडब्ल्यूएल 2 के व्यावसायिक विकास और विपणन अधिकारों को लेकर 15 साल की साझेदारी भी हुई है। इस समझौते से लीग को लंबे समय तक बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने, उसकी पहुंच बढ़ाने और महिला फुटबॉल को अधिक पहचान दिलाने की उम्मीद है।
कैप्री स्पोर्ट्स में संपर्क खेलों के प्रमुख अपूर्व गुप्ता ने कहा कि कंपनी इंडियन विमेंस लीग के साथ अपनी नई शुरुआत को अहम मानती है। उन्होंने कहा कि लीग में देशभर की प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल होती हैं और कंपनी का लक्ष्य उन्हें मजबूत मंच देना, प्रतियोगिता की पहचान बढ़ाना तथा क्लबों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
वहीं, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा कि इंडियन विमेंस लीग देश में महिला फुटबॉल के विकास का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, आईडब्ल्यूएल 2 भी क्लबों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का रास्ता देती है। इससे घरेलू फुटबॉल व्यवस्था में प्रतिभाओं को निचले स्तर से शीर्ष प्रतियोगिता तक पहुंचने का मौका मिलता है।
गौरतलब है कि 2026-27 सत्र में 8 टीमों के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नई साझेदारी से महिला क्लब फुटबॉल को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने और भविष्य में इसके विकास को गति देने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
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