Overeating Habit: ओवरईटिंग की आदत बना सकती है कमज़ोर! 5 नुकसान जानकर चौंक जाएंगे
Overeating Habit: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वाद की चाहत लोगों को जरूरत से ज्यादा खाने की ओर धकेल रही है। कई बार हमें पता भी नहीं चलता कि कब भूख खत्म हो चुकी है और हम सिर्फ स्वाद या आदत के कारण खाते जा रहे हैं। यही आदत धीरे-धीरे ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाने की समस्या में बदल जाती है।
पहली नजर में यह मामूली लग सकती है, लेकिन लंबे समय तक ओवरईटिंग शरीर को अंदर से कमजोर बना सकती है। यह न सिर्फ वजन बढ़ाती है, बल्कि पाचन, हार्मोन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है। आइए जानते हैं ओवरईटिंग के 5 बड़े नुकसान, जिन्हें जानकर आप जरूर सतर्क हो जाएंगे।
ओवरईटिंग से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
तेजी से बढ़ता वजन और मोटापा
जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने पर शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट के रूप में जमा करने लगता है। लगातार ओवरईटिंग करने से वजन तेजी से बढ़ता है और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
पाचन तंत्र पर बुरा असर
अधिक मात्रा में खाना पेट और आंतों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे गैस, एसिडिटी, अपच और पेट दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर पाचन तंत्र की कार्यक्षमता कमजोर पड़ सकती है और मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो जाता है।
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सुस्ती और ऊर्जा की कमी
भारी भोजन के बाद अक्सर नींद और सुस्ती महसूस होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर ज्यादा खाना पचाने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करता है। इससे दिमाग और शरीर दोनों थकान महसूस करते हैं। नियमित ओवरईटिंग से काम करने की क्षमता और फोकस कम हो सकता है।
ब्लड शुगर का असंतुलन
बार-बार ज्यादा खाना, खासकर मीठा और जंक फूड, ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा और घटा सकता है। इससे इंसुलिन पर दबाव बढ़ता है और समय के साथ टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन भी बढ़ाता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
कई लोग तनाव, अकेलेपन या उदासी में जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं। इससे 'इमोशनल ईटिंग' की आदत बन जाती है। बाद में अपराधबोध और आत्मविश्वास में कमी महसूस होती है। यह चक्र मानसिक तनाव को और बढ़ा सकता है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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(लेखक:कीर्ति)
Woolen Clothes: ऊनी कपड़े पैक करने जा रहे हैं? इन बातों का ध्यान रखें, सालभर बाद भी निकलेंगे फ्रेश!
Woolen Clothes: सर्दियां खत्म होते ही अलमारी में रखे स्वेटर, शॉल और जैकेट को पैक करने की तैयारी शुरू हो जाती है। अक्सर लोग जल्दबाजी में ऊनी कपड़ों को बिना सही तरीके से साफ और सुरक्षित रखे पैक कर देते हैं। नतीजा अगले साल जब निकालते हैं तो बदबू, दाग या कीड़ों से खराब हुए कपड़े हाथ लगते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपके महंगे ऊनी कपड़े सालभर बाद भी नए जैसे दिखें और फ्रेश महकें, तो पैकिंग से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी आपके कपड़ों की उम्र बढ़ा सकती है और उन्हें नुकसान से बचा सकती है।
ऊनी कपड़े स्टोर करने के लिए टिप्स
पैक करने से पहले अच्छी तरह धोएं या ड्राई क्लीन कराएं
ऊनी कपड़ों को सीधे अलमारी में रखने की गलती न करें। पहनने के दौरान पसीना, धूल और हल्की गंदगी कपड़ों में रह जाती है। अगर इन्हें बिना साफ किए स्टोर किया गया तो बदबू और फंगस की समस्या हो सकती है। बेहतर है कि स्वेटर और शॉल को हल्के डिटर्जेंट से धोकर पूरी तरह सुखा लें या जरूरत हो तो ड्राई क्लीन करा लें।
पूरी तरह सूखा होना जरूरी
कपड़े पैक करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनमें नमी बिल्कुल न हो। हल्की-सी भी नमी फफूंदी (मोल्ड) का कारण बन सकती है। धूप में सुखाने के बाद कपड़ों को ठंडी जगह पर कुछ देर फैला कर रखें, ताकि बची हुई नमी भी खत्म हो जाए।
एयरटाइट बैग या स्टोरेज बॉक्स का इस्तेमाल करें
ऊनी कपड़ों को स्टोर करने के लिए एयरटाइट बैग, वैक्यूम स्टोरेज बैग या प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल करें। इससे नमी और कीड़ों से सुरक्षा मिलती है। कपड़ों को ज्यादा कसकर न रखें, वरना उनकी शेप खराब हो सकती है।
नेफ्थलीन बॉल या प्राकृतिक उपाय रखें
कपड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए नेफ्थलीन बॉल या कपूर रख सकते हैं। अगर आप प्राकृतिक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो नीम की सूखी पत्तियां या लैवेंडर सैशे भी रख सकते हैं। इससे कपड़ों में अच्छी खुशबू भी बनी रहती है।
समय-समय पर जांच करें
भले ही कपड़े लंबे समय के लिए स्टोर किए गए हों, लेकिन हर दो-तीन महीने में एक बार उन्हें निकालकर जांच लेना बेहतर है। इससे किसी भी तरह की नमी, कीड़े या बदबू की समस्या को समय रहते रोका जा सकता है।
अतिरिक्त टिप्स
- ऊनी कपड़ों को हैंगर पर टांगकर स्टोर न करें, इससे उनकी शेप बिगड़ सकती है।
- गहरे रंग और हल्के रंग के कपड़े अलग-अलग रखें।
- स्टोरेज की जगह सूखी और ठंडी होनी चाहिए।
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