ChatGpt में आया कमाल का अपडेट, अब मिनटों में पूरे होंगे मुश्किल काम
ChatGpt Updated: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में काम करने के तौर-तरीके बहुत तेजी से बदल रहे हैं. स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई से लेकर दफ्तर के भारी-भरकम प्रोजेक्ट्स और रिसर्च रिपोर्ट तैयार करने में लोग एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ओपनएआई ने चैटजीपीटी के लिए एक नया और बड़ा अपडेट पेश किया है. कंपनी ने अपने सबसे ताकतवर मॉडल जीपीटी-6 एस्ट्रा प्रो में कई अहम तकनीकी सुधार किए हैं. इस नए अपडेट का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को तुरंत सटीक जवाब देना और घंटों में पूरे होने वाले मुश्किल कामों को बहुत कम वक्त में निपटाना है.
क्या है नया मल्टी-एजेंट सिस्टम
इस पूरे अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण मल्टी-एजेंट फीचर है. आसान शब्दों में कहें तो अब तक जब आप चैटजीपीटी से कोई सवाल करते थे या कोई काम करने को कहते थे, तो वह अकेले ही सारे निर्देशों का पालन करता था. नए मल्टी-एजेंट फीचर के आने से अब एक ही मुख्य काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर अलग-अलग वर्चुअल एजेंट्स को सौंपा जा सकेगा.
यह बिल्कुल किसी दफ्तर में काम करने वाली एक छोटी टीम की तरह काम करता है. मान लीजिए कि किसी बड़ी कंपनी का विस्तृत मार्केट रिसर्च पेपर तैयार करना है. इस स्थिति में एक एजेंट इंटरनेट और पुराने डेटाबेस से जरूरी आंकड़े इकट्ठा करेगा. वहीं दूसरा एजेंट उन सभी आंकड़ों की बारीकी से पड़ताल और जांच करेगा. इसके बाद तीसरा एजेंट उन जानकारियों को सही ढंग से सजाकर एक मुकम्मल रिपोर्ट के रूप में तैयार करेगा. जब ये सारे हिस्से एक साथ समानांतर रूप से चलेंगे, तो पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगने वाला वक्त अपने आप घट जाएगा.
हाल ही में सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन एआई एजेंट्स की मिली-जुली मदद से एक बेहद जटिल ऑडिट का काम महज पच्चीस मिनट में पूरा कर लिया गया. हालांकि जानकारों का कहना है कि हर काम में इतनी ही बचत होगी, ऐसा मान लेना सही नहीं है. समय की वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि आपका काम कितना बड़ा है और उसमें कितनी तकनीकी पेचीदगियां शामिल हैं.
एक ही जगह दिखेगी काम की तरक्की
कई बार जब किसी बड़े काम के लिए अलग-अलग टूल्स चलाए जाते हैं, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर ढेरों विंडोज या टैब्स खुल जाते हैं. इससे यूजर के लिए सभी चीजों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है. ओपनएआई ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए नया इंटरफेस तैयार किया है. अब यूजर को अपनी चैट स्क्रीन छोड़कर कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
एक ही चैट टैब के भीतर साफ दिखाई देगा कि कौन सा एजेंट इस वक्त किस हिस्से पर काम कर रहा है और उसने कितना काम निपटा लिया है. अगर किसी एक एजेंट का काम बीच में पूरा हो गया है, तो यूजर तुरंत उस पर क्लिक करके नतीजे देख सकेगा, भले ही बाकी के एजेंट्स अपना काम अभी कर ही रहे हों. इस पारदर्शी व्यवस्था से पूरे काम की समीक्षा करना और जरूरत पड़ने पर बीच में दिशा-निर्देश देना बहुत सरल हो जाता है.
कैशिंग और बाहरी टूल्स से बढ़ेगी स्पीड
सिस्टम की रफ्तार बढ़ाने के लिए सिर्फ एजेंट्स की फौज खड़ी करना ही काफी नहीं होता, बल्कि अंदरूनी तकनीक का दुरुस्त होना भी जरूरी है. इसके लिए ओपनएआई ने आधुनिक कैशिंग तकनीक और डेटा के दोबारा उपयोग पर जोर दिया है.
अक्सर किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करते समय कुछ बुनियादी जानकारियां बार-बार इस्तेमाल होती हैं. कैशिंग की मदद से सिस्टम ऐसी जानकारियों को सुरक्षित रख लेता है. लिहाजा हर नए कदम पर सिस्टम को पुराने डेटा को दोबारा प्रोसेस करने में वक्त बर्बाद नहीं करना पड़ता. इसके अलावा बाहरी सॉफ्टवेयर और थर्ड-पार्टी टूल्स के साथ जुड़ने की क्षमता में भी पहले से काफी सुधार किया गया है. इससे एआई बिना किसी अड़चन के बाहरी टूल्स से जरूरी आंकड़े उठाकर तुरंत चैट में ला सकता है.
किन लोगों के लिए फायदेमंद होगा यह फीचर
यह अत्याधुनिक मल्टी-एजेंट फीचर फिलहाल चैटजीपीटी प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है. यह उन पेशेवरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है जिनका रोजाना बड़े डेटा, जटिल कोडिंग, लंबी ऑडिट रिपोर्ट्स और कई तरह के टूल्स से पाला पड़ता है.
तकनीक के जानकारों का मानना है कि मल्टी-एजेंट सिस्टम आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की पूरी परिभाषा बदल देगा. एआई अब सिर्फ सामान्य सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वतंत्र रूप से कई चरणों वाले काम करने वाला सहयोगी बनता जा रहा है. इसके बावजूद विशेषज्ञों की सलाह है कि एआई भले ही काम की रफ्तार बढ़ा दे, लेकिन अंतिम नतीजों की मानवीय जांच करना हमेशा जरूरी रहेगा.
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योगी सरकार में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर लाई गई तेजी, निजी क्षेत्र की भागीदारी को दिया जा रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक और पहल की गई है. अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार ने प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति, अलीगढ़’ को आशयपत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किया है. इससे अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के नए अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
आशय-पत्र जारी किया
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर समिति के प्रतिनिधियों को आशयपत्र सौंपा. उच्च शिक्षा विभाग ने सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा-6 के प्रावधानों के तहत यह आशय-पत्र जारी किया है.
बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध हो सकें
योगी सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है. इसी दिशा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार हो और विद्यार्थियों को अपने गृह क्षेत्र के आसपास ही बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध हो सकें.
शिक्षा के अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद
प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय के माध्यम से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र में शिक्षा संबंधी सुविधाओं के विस्तार और युवाओं की शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में मदद मिल सकती है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को उनके गृह क्षेत्र के निकट विश्वस्तरीय, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र के निवेश की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बना रही है, जिससे प्रदेश में उच्च शिक्षा का उत्कृष्ट पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सके. मंत्री ने प्रायोजक संस्था को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक मानकों और शर्तों को पूरा करते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए.
शर्तों की पूर्ति के अनुरूप आगे बढ़ेगी
जारी आशय पत्र के अनुसार, प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति’ को उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत आगामी दो वर्षों के भीतर निर्धारित अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी. इसके बाद संस्था को शासन के समक्ष अनुपालन आख्या प्रस्तुत करनी होगी. विश्वविद्यालय की स्थापना की आगे की प्रक्रिया तय वैधानिक प्रावधानों और शर्तों की पूर्ति के अनुरूप आगे बढ़ेगी. इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष भी उपस्थित रहे.
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