क्या 2027 में बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें, बाजार की सुस्ती और AI बूम पर निर्मला सीतारमण का आया बयान
Indian Stock Market: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय शेयर बाजार में हालिया कमजोरी का एक कारण यह भी है कि निवेशकों के लिए अपने निवेश से बाहर निकलना अपेक्षाकृत आसान है. हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के इतर बातचीत में सीतारमण ने कहा कि बाजार में पर्याप्त तरलता (लिक्विडिटी) उपलब्ध होने के कारण निवेशक आसानी से निकासी कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, लेकिन यदि पूंजी का लगातार बहिर्वाह जारी रहता है तो वर्ष 2027 में यह एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है.
बाजार में गिरावट और आर्थिक मजबूती
बता दें कि इस वर्ष अब तक घरेलू शेयर बाजार में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. इसके बावजूद व्यापारिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बनी हुई है. वित्त मंत्री ने कहा कि 2027 में भारत के सामने मौजूद प्रमुख जोखिमों में निरंतर पूंजी बहिर्वाह भी शामिल है.
AI बूम और वैश्विक निवेश का रुख
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े वैश्विक निवेशों की मौजूदा लहर में भारत प्रमुख लाभार्थियों में शामिल नहीं रहा है. इसके विपरीत ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को AI से जुड़ी कंपनियों में अधिक हिस्सेदारी और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का लाभ मिला है.
सीतारमण ने कहा, 'AI और अमेरिका की ओर पूंजी का प्रवाह, जो सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न देशों और क्षेत्रों में निवेश के रूप में जाता है, चिंता का विषय है.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि वैश्विक स्तर पर AI निवेशों में गिरावट आती है और उसके चलते व्यापक बाजार बिकवाली होती है, तो भारत को उससे अपेक्षाकृत कम नुकसान होने की संभावना है.
विदेशी और घरेलू निवेशकों की स्थिति
इस वर्ष अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार से 33 अरब डॉलर से अधिक की इक्विटी निकाली है. डिपॉजिटरी एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयरों से बड़ी मात्रा में धन निकाला है.
हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र (16 अक्टूबर) में 15 लगातार सत्रों तक बिकवाली करने के बाद एफआईआई शुद्ध खरीदार बने थे. उन्होंने लगभग 1,166 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 45 सत्रों तक जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए करीब 3,661 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी.
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को अभी उस स्तर के AI निवेश प्राप्त नहीं हुए हैं, जो दुनिया के कुछ अन्य क्षेत्रों में देखने को मिले हैं. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि AI निवेशों में संभावित गिरावट का असर भारत पर अपेक्षाकृत सीमित रह सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछड़ने वाला देश नहीं है और सरकार सेमीकंडक्टर विनिर्माण में तेजी से निवेश बढ़ा रही है.
(DISCLAIMER: खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
भारत 26 अक्टूबर से पहली बार करेगा वैश्विक लीगल मेट्रोलॉजी सम्मेलन की मेजबानी, 100 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि होंगे शामिल
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत पहली बार 26 से 28 अक्टूबर तक नई दिल्ली में इंटरनेशनल कमेटी ऑफ लीगल मेट्रोलॉजी (सीआईएमएल) की 61वीं बैठक की मेजबानी करेगा। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
उपभोक्ता मामले विभाग और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ लीगल मेट्रोलॉजी (ओआईएमएल) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस बैठक में दुनिया भर से 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और लीगल मेट्रोलॉजी विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें ओआईएमएल सदस्य देशों, संवाददाता सदस्य देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि पहली बार इस बैठक की मेजबानी करना अंतरराष्ट्रीय सहयोग, मापन मानकों के सामंजस्य, निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण संकेत है।
इस सम्मेलन के तहत 26 अक्टूबर को इवोल्यूशंस इन लीगल मेट्रोलॉजी विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न देशों के विशेषज्ञ आधुनिक लीगल मेट्रोलॉजी प्रणालियों के आधुनिकीकरण से जुड़े अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे।
इसके अलावा, 27 अक्टूबर को ओआईएमएल स्ट्रेटेजी वर्कशॉप आयोजित होगी, जहां सदस्य देशों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को संगठन की भविष्य की रणनीतिक दिशा और प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा।
मंत्रालय के अनुसार, इन चर्चाओं में उभरती चुनौतियां, तकनीकी प्रगति, डिजिटल परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और दुनिया भर में विकसित हो रही लीगल मेट्रोलॉजी प्रणालियों की नई आवश्यकताओं जैसे विषय शामिल होंगे।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सीआईएमएल सदस्य अंतरराष्ट्रीय सिफारिशों के विकास और संशोधन, ओआईएमएल की तकनीकी गतिविधियों, ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली (ओआईएमएल-सीएस), डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेंगे।
बैठक में भाग लेने वाले देशों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान भी होगा, जिससे मापन प्रणालियों को मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानकों को बढ़ावा देने के प्रयासों को बल मिलेगा।
इससे पहले सीआईएमएल की 60वीं बैठक 13 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित हुई थी, जिसमें 55 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के अलावा 12 संवाददाता सदस्य देशों और पांच सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
सरकार का मानना है कि 61वीं सीआईएमएल बैठक की मेजबानी भारत को लीगल मेट्रोलॉजी क्षेत्र में किए गए सुधारों और उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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