Amit Shah's West Bengal Visit | अमित शाह का बंगाल दौरा! मायापुर ISKCON मुख्यालय में आध्यात्मिक कार्यक्रम में होंगे शामिल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित मायापुर का दौरा करेंगे। वे यहाँ इस्कॉन (ISKCON) के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने इस दौरे की पुष्टि की है।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के नेताओं ने यह जानकारी दी। नेताओं ने बताया कि शाह नदिया जिले में स्थित मंदिर में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे और इस दौरान उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। उन्होंने बताया कि शाह का यह दौरा हाल के महीनों में राज्य के सबसे छोटे दौरों में से एक होगा।
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नेताओं के बताया कि शाह मंदिर परिसर में करीब दो घंटे रहेंगे। शाह आध्यात्मिक सभा में शामिल होने से पहले इस्कॉन के संस्थापक ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
मायापुर: इस्कॉन का वैश्विक केंद्र
मायापुर को 'आध्यात्मिक राजधानी' के रूप में जाना जाता है। यहाँ बन रहा 'चंद्रोदय मंदिर' दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्मारकों में से एक है। अमित शाह का यहाँ आना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी सम्मान देता है।
दौरे का महत्व
हालांकि यह एक संक्षिप्त और आध्यात्मिक यात्रा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। नदिया जिला अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है, और इस्कॉन मुख्यालय में शाह की उपस्थिति बंगाल के सांस्कृतिक ताने-बाने से जुड़ने के एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
Kuno National Park | कूनो नेशनल पार्क में खुशियां! मादा चीता 'गामिनी' ने तीन शावकों को जन्म दिया
मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस सफल प्रजनन के साथ ही भारत में चीतों के कुनबे में विस्तार हुआ है और अब देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चीतों भारत में फिर से बसाने के कार्यक्रम की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मां बनी गामिनी ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तीन शावकों को जन्म दिया है।
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यादव ने कहा कि यह भारत में चीतों का नौवां सफल प्रजनन है और इसके साथ ही देश में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन नये शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 38 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह देश के संरक्षण प्रयासों की ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है।
'चीता प्रोजेक्ट' का अब तक का सफर
भारत में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते लाए गए थे।
शुरुआत: सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे।
विस्तार: फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए, जिनमें 'गामिनी' भी शामिल थी।
लक्ष्य: भारत के जंगलों में चीतों की एक आत्मनिर्भर आबादी तैयार करना।
कूनो बना 'चीता स्टेट' का केंद्र
कूनो राष्ट्रीय उद्यान अब दुनिया भर में चीतों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों के जन्म की यह निरंतरता न केवल जैव विविधता के लिए अच्छी है, बल्कि इससे इलाके में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सफलता का श्रेय कूनो के फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत को दिया है, जो चौबीसों घंटे इन मेहमानों की निगरानी कर रहे हैं।
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