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मनाली-लेह हाईवे पर 17000 फुट की ऊंचाई से एनजीओ ने हटाया आठ टन प्लास्टिक कचरा

शिमला के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने लद्दाख में मनाली-लेह राजमार्ग पर 17,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध ‘घोस्ट टेंपल’ के पास से करीब सात से आठ टन प्लास्टिक कचरा हटाया है। ‘उरूज म्यूजिक फाउंडेशन’ के आठ सदस्यीय दल ने तीन दिन तक सफाई अभियान चलाया। दल में एनजीओ के तीन सदस्य और पांच मजदूर शामिल थे।

13 से 15 अक्टूबर के बीच चलाए गए इस अभियान के दौरान दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और कड़ाके की ठंड जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे था। एनजीओ के अध्यक्ष प्रदीप सल्होत्रा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “प्रकृति से प्रेम करने वाले लोगों के रूप में हम केवल उसकी सुंदरता का आनंद नहीं ले सकते, बल्कि हमें उसका संरक्षण भी करना चाहिए।

गाटा लूप्स स्थित घोस्ट टेंपल के पास सफाई अभियान का उद्देश्य प्रकृति के प्रति सम्मान जताना और उसे कुछ लौटाना था।” गाटा लूप्स में मंदिर के आसपास का इलाका खासकर प्लास्टिक की बोतलों से भरा था। इसके पीछे एक स्थानीय लोककथा प्रचलित है। करीब 25 साल पहले एक ट्रक खराब हो गया था।

बताया जाता है कि चालक मदद लेने के लिए चला गया और उसका सहायक ट्रक में ही रह गया। कड़ाके की ठंड और प्यास के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से वहां से गुजरने वाले यात्री घोस्ट टेंपल के पास प्लास्टिक की पानी की बोतलें छोड़ने लगे।

समय के साथ इस लोककथा के लोकप्रिय होने के साथ वहां मंदिर का अस्तित्व भी सामने आया और आसपास प्लास्टिक कचरा जमा होता गया। दल के सदस्य और फोटोग्राफर सुदर्श पांगी ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत तब हुई, जब प्रदीप सल्होत्रा ने उन्हें लद्दाख के गाटा लूप्स में सफाई अभियान के बारे में बताया। उन्हें यह पहल उपयोगी और सार्थक लगी, इसलिए उन्होंने तुरंत इसमें शामिल होने की सहमति दे दी।

दल के सदस्यों ने बताया कि सबसे पहले वे मौके पर पहुंचे और वहां जमा कचरे की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सफाई के लिए जरूरी उपकरण और अन्य सामान जुटाने में कुछ दिन लगे। सारी तैयारियां पूरी होने के बाद वे लेह पहुंचे और सेना के अधिकारियों से मुलाकात की।

उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल सनी सिंघल के साथ इस पहल पर चर्चा की। दल ने कहा कि यह अभियान लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता को बचाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों, दोपहिया सवारों और अन्य यात्रियों को यह संदेश देना भी है कि हिमालय को प्रदूषण से बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

हालांकि, कचरा इकट्ठा करने के बाद उसे वहां से हटाना एक बड़ी चुनौती थी। दूरदराज के पहाड़ी इलाके से कई टन प्लास्टिक की बोतलों को ले जाकर उचित पुनर्चक्रण केंद्र या कचरा प्रबंधन सुविधा तक पहुंचाना कठिन काम था। फाउंडेशन ने इस अभियान की अनुमति देने और सहयोग करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के ‘प्रोजेक्ट हिमांक’ तथा भारतीय सेना के कर्मियों का आभार जताया।

‘प्रोजेक्ट हिमांक’ के तहत बीआरओ का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण, उन्नयन और रखरखाव करना है। फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि सेना और बीआरओ के सहयोग से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और दुर्गम क्षेत्र में यह अभियान संभव हो सका। उन्होंने गाटा लूप्स से गुजरने वाले ट्रक चालकों, बाइक सवारों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें छोड़ने के बजाय जरूरतमंदों को पानी उपलब्ध कराएं।

फाउंडेशन ने जोर देकर कहा कि इतनी ऊंचाई पर फेंकी गई प्लास्टिक की बोतलें अपने आप नष्ट नहीं होतीं। यदि उन्हें पुनर्चक्रण केंद्रों तक नहीं पहुंचाया गया, तो कचरा हटाने का पूरा प्रयास व्यर्थ हो सकता है। अभियान पूरा होने के बाद दल ने वहां हाथ से बनाया गया एक सूचना बोर्ड भी लगाया, ताकि वहां से गुजरने वाले यात्रियों को पहाड़ों को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त रखने की याद दिलाई जा सके।

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अक्षरा सिंह और पवन सिंह का वो गाना, रातोंरात दोनों की जोड़ी को बनाया सुपरहिट, एक्ट्रेस की चमकाई किस्मत

पावर स्टार पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे चर्चित जोड़ियों में शामिल रही है. दोनों ने साथ में कई हिट-सुपरहिट गाने और फिल्में दी हैं. पर्सनल लाइफ में मचे घमासान के बाद दोनों ने कई साल तक साथ काम नहीं किया. अब हालिया इवेंट में पवन सिंह ने अक्षरा से माफी मांग ली है. पावर स्टार ने मंच से अक्षरा से माफी मांगते हुए कहा कि वो दोनों जल्द ही दोबारा साथ काम करेंगे. अक्षरा सिंह और पवन सिंह के सबसे पहले गाने के बारे में बताते हैं. ‘हो गया दोनों को प्यार' एक ऐसा ही गाना है, जो प्रेम की खूबसूरत भावनाओं को अपने अंदाज में बयां करता है. इस गाने में प्यार की शुरुआत, दिल में उठने वाली हल्की-सी हलचल और किसी खास इंसान के करीब आने का एहसास देखने-सुनने को मिलता है. इसकी मधुर धुन और रोमांटिक अंदाज इसे खास बनाते हैं. पवन सिंह और अक्षरा सिंह के इसी गाने ने दोनों को सुपरस्टार बनाया था और दोनों की जोड़ी को सुपरहिट बनाया था.

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  Sports

WPL 2027 Auction कोच्चि में 28 अक्टूबर को, Sophia Dunkley और Sophie Molineux की बेस प्राइस 50 लाख

महिला प्रीमियर लीग 2027 की नीलामी से पहले खिलाड़ियों की सूची सामने आ गई है। इस बार इंग्लैंड की सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू ने सबसे ऊंची आधार कीमत 50 लाख रुपये रखी है। वहीं, जी कमालिनी, किरण नवगिरे, हीदर ग्राहम और जेस जोनासन ने 40 लाख रुपये की आधार कीमत के साथ अपना नाम दर्ज कराया है। खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सभी 5 टीमों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।

महिला प्रीमियर लीग की नीलामी 28 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में होगी। इसमें कुल 146 खिलाड़ी शामिल होंगी, जबकि टीमों के पास भरने के लिए 27 जगह खाली हैं। इनमें 20 जगह भारतीय खिलाड़ियों और 7 जगह विदेशी खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हैं। ऐसे में सीमित जगहों के कारण टीमों को अपनी जरूरत और उपलब्ध बजट के हिसाब से खिलाड़ियों का चुनाव करना होगा।

नीलामी में 30 खिलाड़ियों ने 30 लाख रुपये की आधार कीमत रखी है। इस सूची में चमारी अटापट्टू, ग्रेस हैरिस, क्लो ट्रायन और स्नेह राणा शामिल हैं। वहीं, 4 खिलाड़ियों ने अपनी आधार कीमत 20 लाख रुपये तय की है। बाकी 106 खिलाड़ियों ने 10 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ पंजीकरण कराया है।

पूरी सूची में 119 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 22 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुकी हैं, जबकि 97 ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 27 है, जिनमें 6 खिलाड़ी ऐसे देशों से आती हैं जो क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूह के पूर्ण सदस्य नहीं हैं।

टीमों की तैयारी की बात करें तो मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ग्रेस हैरिस समेत 4 खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया है। गुजरात जायंट्स ने सबसे ज्यादा 15 खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखा और डैनी वायट-हॉज समेत 4 खिलाड़ियों को रिलीज किया। मुंबई इंडियंस ने 11 खिलाड़ियों को बरकरार रखा और 6 को छोड़ा। दिल्ली कैपिटल्स ने 13 खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखा, जबकि लिजेल ली और स्नेह राणा समेत 6 खिलाड़ियों को रिलीज किया।

यूपी वॉरियर्ज ने सबसे ज्यादा 9 खिलाड़ियों को रिलीज किया है। इनमें डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन और किरण नवगिरे शामिल हैं। टीम ने तारा नॉरिस को 10 लाख रुपये में मुंबई इंडियंस के साथ ट्रेड भी किया है। इसके बाद यूपी वॉरियर्ज के पास 3.75 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा बजट बचा है। साथ ही उसे 8 खिलाड़ियों की जगह भरनी है, जिनमें 5 भारतीय और 3 विदेशी खिलाड़ी हो सकती हैं।

अन्य टीमों के पास उपलब्ध बजट और खाली जगहों पर नजर डालें तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 1.15 करोड़ रुपये और 5 जगह हैं। मुंबई इंडियंस के पास 90 लाख रुपये और 6 जगह हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के पास 1.10 करोड़ रुपये और 5 जगह खाली हैं। गुजरात जायंट्स के पास 1.25 करोड़ रुपये और 3 जगह बची हैं। मुंबई को सभी 6 जगह भारतीय खिलाड़ियों से भरनी हैं, जबकि बाकी टीमों के पास विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने का भी मौका है।

गौरतलब है कि नीलामी में टीमों को सीमित बजट में मजबूत संयोजन तैयार करना होगा। ऊंची आधार कीमत वाली खिलाड़ियों के अलावा कम कीमत पर उपलब्ध प्रतिभाओं पर भी सबकी नजर रहेगी। नीलामी के बाद ही साफ होगा कि कौन सी टीम अपने खाली स्थानों को सबसे बेहतर तरीके से भर पाती है और आगामी सीजन के लिए मजबूत टीम तैयार करती है।

Mon, 19 Oct 2026 22:14:00 +0530

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