जापान ने बांग्लादेश चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का किया स्वागत
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी को राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद 13 फरवरी को परिणाम जारी किए गए। चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुसरण किया गया है या नहीं, या किस तरह से चुनाव का आयोजन किया जा रहा है, इसे देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों और संगठनों से पर्यवेक्षकों को न्योता भेजा गया था। इन पर्यवेक्षकों में जापान का भी नाम शामिल था। जापान के पर्यवेक्षकों ने चुनावी प्रक्रिया का निरीक्षण करने के बाद अब अपना बयान जारी किया है।
जापान की सरकार ने अपने बयान में कहा, 13 फरवरी को बांग्लादेश चुनाव आयोग ने 12 फरवरी को हुए 13वें जनरल इलेक्शन के नतीजों का ऐलान किया। जापान जनरल इलेक्शन के भरोसेमंद और ज्यादातर शांतिपूर्ण तरीके से होने का स्वागत करता है। जापान से, बांग्लादेश में जापान के पूर्व राजदूत, मिस्टर वतनबे मसातो के नेतृत्व में एक इलेक्शन ऑब्जर्वर मिशन ने मौके पर मॉनिटरिंग की। इसमें विदेश मंत्रालय और बांग्लादेश में जापान के दूतावास के अधिकारी और एक बाहरी एक्सपर्ट शामिल थे। जहां तक जापान का चुनावी पर्यवेक्षक मिशन मौके पर इंस्पेक्शन कर पाया, चुनाव प्रक्रिया तय तरीकों के हिसाब से हुई।
बयान में आगे कहा गया, जापान एक लोकतांत्रिक देश के तौर पर बांग्लादेश की कोशिशों को और बढ़ावा देने का स्वागत करता है। जापान बांग्लादेश के विकास और खुशहाली के साथ-साथ आपसी संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हमारे सहयोग को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली है। नई सरकार के कैबिनेट में बीएनपी के 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया है। हालांकि, बीएनपी के कई वरिष्ठ नेताओं को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिली।
बांग्लादेश की नई सरकार के कैबिनट में 25 मंत्री हैं। लिस्ट में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खसरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इक़बाल हसन महमूद टुकू, हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर एमडी जाहिद हुसैन, अब्दुल अवल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी, खंडाकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, अफरोजा खानम रीटा, एमडी शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, एमडी असदुज्जमान, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान, एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार एमडी सकावत हुसैन, फकीर महबूब अनम, शेख रोबिउल आलम, मोहम्मद अमीन उर रशीद, और खलीलुर रहमान का नाम शामिल है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
एआई की लहर बदल देगी ज्ञान आधारित नौकरियों की तस्वीर: ऑटोमेशन एनीवेयर के चेयरमैन मिहिर शुक्ला
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी कंपनी ऑटोमेशन एनीवेयर के सह-संस्थापक, सीईओ और चेयरमैन मिहिर शुक्ला ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लगभग हर तरह की नौकरी, खासकर ज्ञान आधारित नौकरियों को नए सिरे से परिभाषित करने वाला है।
आईएएनएस से बातचीत में शुक्ला ने कहा कि एआई काम के अर्थ को लगभग हर क्षेत्र में बदल देगा, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो दिमागी और विश्लेषणात्मक काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल एज में बदलाव आने में कई दशक लगे थे, लेकिन एआई का बदलाव दुनिया के अलग-अलग देशों और उद्योगों में एक साथ और बहुत तेजी से हो रहा है।
उन्होंने एआई की मौजूदा लहर को भूकंपीय बदलाव बताया और कहा कि यह इंडस्ट्रियल एज की तरह काम की प्रकृति को पूरी तरह बदल सकती है।
शुक्ला ने कहा कि कई कंपनियां पहले ही एआई आधारित ऑटोमेशन अपनाकर वास्तविक लाभ देख रही हैं। ऑटोमेशन एनीवेयर के एजेंटिक प्रोसेस ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म और पहले से तैयार एजेंटिक सॉल्यूशंस का उपयोग करने वाली कंपनियों को कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता में तुरंत सुधार देखने को मिल रहा है।
भारत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में कंपनी का कारोबार यहां काफी बढ़ा है। उन्होंने खुलासा किया कि इस अवधि में भारत में कंपनी का व्यवसाय चार गुना बढ़ गया है। यह वृद्धि एआई टैलेंट की भर्ती और बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स लागू करने की वजह से संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि कंपनी मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड विजन का समर्थन करती है। इसके तहत प्रोजेक्ट्स को भारत में विकसित किया जाता है और फिर उन्हें वैश्विक बाजार में लागू किया जाता है।
हालांकि, शुक्ला ने चेतावनी भी दी कि कई एआई पायलट प्रोजेक्ट्स इसलिए असफल हो रहे हैं क्योंकि कंपनियां बिना सही योजना और निगरानी के एआई अपनाने की जल्दबाजी करती हैं।
उन्होंने कहा कि कई संगठन तकनीक पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि उन्हें यह सोचना चाहिए कि वे एआई से क्या परिणाम हासिल करना चाहते हैं। सफल कंपनियां मजबूत गवर्नेंस ढांचा बनाती हैं और एआई को अपने मौजूदा कार्यप्रवाह में सोच-समझकर शामिल करती हैं।
उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक बड़े बैंक ने एआई की मदद से 200 से अधिक प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया है।
एक मामले में बैंक के हर कर्मचारी को एक चैटबॉट की सुविधा दी गई है, जो यह जांचता है कि कोई कार्रवाई आरबीआई के नियमों के अनुरूप है या नहीं। इससे कर्मचारियों को तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलती है, जोखिम कम होता है और कार्यकुशलता बढ़ती है।
कंपनी की सेवाओं के बारे में बताते हुए शुक्ला ने कहा कि ऑटोमेशन एनीवेयर एक ऐसा एजेंटिक प्रोसेस ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म प्रदान करती है, जो बिजनेस के महत्वपूर्ण कार्यों को शुरू से अंत तक ऑटोमेट करने में सक्षम है।
इसके अलावा कंपनी आईटी सर्विस मैनेजमेंट, फाइनेंस, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार एजेंटिक समाधान भी उपलब्ध कराती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई का असर लगभग हर ज्ञान आधारित नौकरी पर दिखाई देगा और कंपनियों को इस बदलाव के लिए अभी से तैयार रहना चाहिए।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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