एआई की लहर बदल देगी ज्ञान आधारित नौकरियों की तस्वीर: ऑटोमेशन एनीवेयर के चेयरमैन मिहिर शुक्ला
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी कंपनी ऑटोमेशन एनीवेयर के सह-संस्थापक, सीईओ और चेयरमैन मिहिर शुक्ला ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लगभग हर तरह की नौकरी, खासकर ज्ञान आधारित नौकरियों को नए सिरे से परिभाषित करने वाला है।
आईएएनएस से बातचीत में शुक्ला ने कहा कि एआई काम के अर्थ को लगभग हर क्षेत्र में बदल देगा, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो दिमागी और विश्लेषणात्मक काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल एज में बदलाव आने में कई दशक लगे थे, लेकिन एआई का बदलाव दुनिया के अलग-अलग देशों और उद्योगों में एक साथ और बहुत तेजी से हो रहा है।
उन्होंने एआई की मौजूदा लहर को भूकंपीय बदलाव बताया और कहा कि यह इंडस्ट्रियल एज की तरह काम की प्रकृति को पूरी तरह बदल सकती है।
शुक्ला ने कहा कि कई कंपनियां पहले ही एआई आधारित ऑटोमेशन अपनाकर वास्तविक लाभ देख रही हैं। ऑटोमेशन एनीवेयर के एजेंटिक प्रोसेस ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म और पहले से तैयार एजेंटिक सॉल्यूशंस का उपयोग करने वाली कंपनियों को कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता में तुरंत सुधार देखने को मिल रहा है।
भारत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में कंपनी का कारोबार यहां काफी बढ़ा है। उन्होंने खुलासा किया कि इस अवधि में भारत में कंपनी का व्यवसाय चार गुना बढ़ गया है। यह वृद्धि एआई टैलेंट की भर्ती और बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स लागू करने की वजह से संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि कंपनी मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड विजन का समर्थन करती है। इसके तहत प्रोजेक्ट्स को भारत में विकसित किया जाता है और फिर उन्हें वैश्विक बाजार में लागू किया जाता है।
हालांकि, शुक्ला ने चेतावनी भी दी कि कई एआई पायलट प्रोजेक्ट्स इसलिए असफल हो रहे हैं क्योंकि कंपनियां बिना सही योजना और निगरानी के एआई अपनाने की जल्दबाजी करती हैं।
उन्होंने कहा कि कई संगठन तकनीक पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि उन्हें यह सोचना चाहिए कि वे एआई से क्या परिणाम हासिल करना चाहते हैं। सफल कंपनियां मजबूत गवर्नेंस ढांचा बनाती हैं और एआई को अपने मौजूदा कार्यप्रवाह में सोच-समझकर शामिल करती हैं।
उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक बड़े बैंक ने एआई की मदद से 200 से अधिक प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया है।
एक मामले में बैंक के हर कर्मचारी को एक चैटबॉट की सुविधा दी गई है, जो यह जांचता है कि कोई कार्रवाई आरबीआई के नियमों के अनुरूप है या नहीं। इससे कर्मचारियों को तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलती है, जोखिम कम होता है और कार्यकुशलता बढ़ती है।
कंपनी की सेवाओं के बारे में बताते हुए शुक्ला ने कहा कि ऑटोमेशन एनीवेयर एक ऐसा एजेंटिक प्रोसेस ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म प्रदान करती है, जो बिजनेस के महत्वपूर्ण कार्यों को शुरू से अंत तक ऑटोमेट करने में सक्षम है।
इसके अलावा कंपनी आईटी सर्विस मैनेजमेंट, फाइनेंस, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार एजेंटिक समाधान भी उपलब्ध कराती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई का असर लगभग हर ज्ञान आधारित नौकरी पर दिखाई देगा और कंपनियों को इस बदलाव के लिए अभी से तैयार रहना चाहिए।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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हरियाणा का बजट होगा ‘जनता का बजट’, CM सैनी बोले– 60 वादे पूरे; सरकार की प्राथमिकताओं की दी जानकारी
Haryana News: चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी बजट सत्र को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि राज्य का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा. इस सत्र में जनकल्याण योजनाओं और भविष्य की विकास नीतियों पर फोकस रहेगा. सरकार ने 2024 में 217 संकल्प जारी किए थे. इनमें से 60 वादे एक साल के भीतर पूरे कर दिए गए हैं और 120 पर तेजी से काम चल रहा है. 17 अक्टूबर 2024 को नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद सरकार ने कई फैसले लिए.
जारी है लाड़ो लक्ष्मी योजना
सीएम ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए शपथ लेने के तुरंत बाद 25 हजार नौकरियां देने का फैसला लागू किया गया. वहीं, 18 अक्टूबर से सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई. सरकार ने ‘लाड़ो लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना जारी रखी है. इसके लिए बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. अब तक चार किस्तें जारी की जा चुकी हैं. गरीब परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने की योजना भी लागू है.
24 फसलों की MSP पर खरीद
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) का सफल आयोजन किया गया, जिसमें करीब 13 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया. परीक्षार्थियों को घर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई. सीएम ने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है. इतना ही नहीं पिछला बजट जनता के सुझावों से तैयार किया गया था. सरकार को 1592 सुझाव मिले थे, जिनमें से 706 को बजट में शामिल किया गया. अब 2025-26 के बजट के लिए 13 बैठकों में 2199 सुझाव मिले हैं. साथ ही एआई चैटबॉट के जरिए 12,400 से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं.
जीडीपी और आय में बढ़ोतरी
29 जनवरी 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा की जीडीपी 13,67,769 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो पिछले साल 12,13,951 करोड़ रुपये थी. राज्य की जीडीपी में 12.67% की बढ़ोतरी हुई है. प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 3,58,171 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत 2,19,575 रुपये से काफी ज्यादा है. हरियाणा इस मामले में देश के पांच शीर्ष राज्यों में शामिल है. सीएम ने कहा कि आने वाला बजट विकसित हरियाणा की मजबूत नींव रखेगा और लोगों को महसूस होगा कि यह सच में जनता का बजट है.
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