'साहसपूर्वक निवेश करें निजी क्षेत्र', PM Modi का आह्वान, कहा- हमने रखी 'विकसित भारत' की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के निजी क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने और साहसपूर्वक निवेश करने का संदेश दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब निजी क्षेत्र को नवाचार (Innovation) के साथ विकास के अगले चरण का नेतृत्व करना चाहिए।
प्रधानमंत्री द्वार समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिया गया एक विशेष साक्षात्कार
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में पेश किया गया वार्षिक बजट उस यात्रा का अगला स्तर है। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो 2013 की तुलना में पांच गुना अधिक है। यह कदम बुनियादी ढांचे के निर्माण, लॉजिस्टिक्स विस्तार और उभरते क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देने की सरकार की रणनीति को और मजबूत करता है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘बजट में रेलवे, सड़क, डिजिटल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर खर्च पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही अनुपालन आसान बनाने और ऋण प्रवाह बढ़ाने के उपाय भी किए गए हैं, जिन्हें नौकरियों और आर्थिक गति बढ़ाने के केंद्रीय उपकरण के रूप में देखा गया है। उन्होंने लिखित साक्षात्कार में कहा, हालांकि मैं इस अवसर का उपयोग निजी क्षेत्र से एक अनुरोध करने के लिए करना चाहता हूं। नीतियां केवल सक्षम वातावरण तैयार कर सकती हैं। परिवर्तन के अगले चरण के लिए निजी क्षेत्र की निर्णायक भागीदारी जरूरी है।
मोदी ने कहा, भारतीय कंपनियों को अनुसंधान एवं विकास में अधिक सक्रिय रूप से निवेश करना चाहिए, नवीनतम प्रौद्योगिकियों अपनानी चाहिए, आपूर्ति श्रृंखला की क्षमता को और मजबूत करना चाहिए और केवल सुरक्षित लाभ पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता और उत्पादकता पर प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन और शुल्क लाभ वृद्धि को प्रोत्साहित कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा नवाचार, दक्षता और व्यापक क्षमता पर आधारित होनी चाहिए। पिछले 10 वर्षों में सरकार ने भारत की वृद्धि रणनीति को रिकॉर्ड पूंजीगत खर्च के इर्द-गिर्द केंद्रित किया है।
इस दौरान सड़कों, रेलमार्गों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, डिजिटल बुनियादी ढांचा और ऊर्जा नेटवर्क पर खर्च में तेजी से वृद्धि की गई, ताकि निजी निवेश को आकर्षित किया जा सके और मध्यम अवधि की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। हालांकि, निजी क्षेत्र अभी तक अपेक्षित सक्रियता और साहस नहीं दिखा सका।
मोदी ने भारत के निजी कॉरपोरेट क्षेत्र से आगे आने और सरकार के सुधार प्रयासों को साहसिक निवेश और नवाचार-आधारित वृद्धि के साथ तालमेल बिठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्च उत्पादकता के लाभों को व्यापक रूप से साझा करना जरूरी है, ताकि वृद्धि स्थायी और सामाजिक रूप से मान्य हो। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे उत्पादकता बढ़ती है, उसके लाभों को कर्मचारियों, शेयरधारकों और मालिक-प्रबंधकों के बीच न्यायसंगत रूप से बांटना चाहिए। सतत वृद्धि के लिए सामाजिक वैधता आवश्यक है। बढ़ती वास्तविक मजदूरी, कौशल उन्नयन और स्थिर रोजगार घरेलू मांग और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करते हैं, जो अंततः दीर्घकालिक निवेश का समर्थन करते हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने बुनियादी ढांचा, आर्थिक स्थिरता, नियामक सुधार और व्यापारिक पहुंच पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, 2047 तक विकसित भारत की अगली छलांग इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय उद्योग नवाचार में कितनी साहसिक निवेश करता है, दीर्घकालिक क्षमता कैसे विकसित करता है और खुद को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी, प्रौद्योगिकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से जिम्मेदार वृद्धि इंजन के रूप में कैसे स्थापित करता है।
प्रधानमंत्री का यह बयान भारत की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ की ओर इशारा करता है। जहाँ सरकार ने नीतियों और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के माध्यम से मंच तैयार किया है, वहीं अब जिम्मेदारी निजी क्षेत्र पर है कि वे अपनी निवेश क्षमता का विस्तार करें और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
News Source- Press Trust OF India
CBSE बोर्ड परीक्षा कल से शुरू:10 बजे बाद सेंटर पर नहीं मिलेगी एंट्री, 26 देशों के 46 लाख छात्र देंगे एग्जाम; गाइडलाइन जारी
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से 10वीं, 12वीं के एग्जाम कल यानि 17 फरवरी से शुरू होंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 10वीं का पहला पेपर मैथ्स का होगा, जबकि 12वीं का पहला पेपर बायोटेक्नोलॉजी और शॉर्ट हैंड का होगा। इस साल करीब 46 लाख स्टूडेन्ट्स शामिल होंगे। CBSE ने 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर 10 बजे या इससे पहले तक पहुंच जाएं। 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 2 बार होंगी कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 15 मई से 1 जून तक हो सकती है। बोर्ड ने इसी साल से 10वीं की परीक्षाएं साल में 2 बार कराने का फैसला किया है। नए एग्जाम पैटर्न की 3 अहम बातें CBSE ने जारी की एडवाइजरी CBSE ने 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्कूलों से भी कहा है कि वे पैरेंट्स और स्टूडेंट्स को इस संबंध में सहयोग और मार्गदर्शन करें। बता दें कि इस साल भारत और विदेशों के 26 देशों से 46 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षाएं सुबह एक पारी में 10.30 बजे शुरू होंगी, इसलिए सभी छात्र अपने परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 बजे या उससे पहले पहुंच जाएं। परीक्षा के दिनों में होने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय या इंटरनेशनल शिखर सम्मेलनों, उच्च स्तरीय बैठकों और अन्य कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए, ट्रैफिक रूल्स में संभावित बदलाव के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में भीड़भाड़, मार्ग परिवर्तन और देरी हो सकती है। घरों से जल्द निकलें सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों से जल्द निकलें ताकि वे बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंच सकें। बोर्ड ने छात्रों से अनुरोध किया है कि वे स्थानीय परिस्थितियों, ट्रैफिक, मौसम की स्थिति, दूरी आदि को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 बजे या उससे पहले पहुंचने के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि छात्रों को सुबह 10 बजे तक ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। CBSE एग्जाम की पूरी डेट शीट देखने के लिए करें यहां CLICK …………. पढें ये खबर भी… 12वीं की कॉपियां अब डिजिटल तरीके से चेक होंगी: CBSE लाएगा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अब परीक्षा मूल्यांकन में डिजिटल क्रांति लाने जा रहा है। 2026 की परीक्षाओं से शुरू होकर कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से होगी। बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड का मानना है कि इससे न सिर्फ गलतियां कम होंगी, बल्कि समय और पैसे की भी बड़ी बचत होगी। पूरी खबर पढ़ें
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