वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक संबंधों की मजबूती के लिए नॉर्वे पहुंचीं, सीईओ और निवेशकों से मुलाकात करेंगी
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यूरोपीय देश नॉर्वे की यात्रा पर है और यहां वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर और नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग और व्यापार एवं उद्योग मंत्री सेसिली मायर्सेथ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह नॉर्वेजियन सीईओ और निवेशकों के साथ एक गोलमेज चर्चा भी करेंगी और एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत करेंगी।
मंत्रालय ने बताया, ओस्लो (नॉर्वे की राजधानी) में अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर से मुलाकात करेंगी, नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग और व्यापार एवं उद्योग मंत्री सेसिली मायर्सेथ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी, साथ ही ओस्लो साइंस पार्क में स्टार्टअप्स के साथ बातचीत करेंगी।
इससे पहले, वित्त मंत्री सीतारमण ने जर्मनी दौरे के दौरान शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों से मुलाकात की और यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते के मद्देनजर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा की।
उन्होंने म्यूनिख में एपीएम टर्मिनल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीथ स्वेन्डसेन से मुलाकात की। स्वेन्डसेन ने भारत के साथ मर्स्क के सकारात्मक और दीर्घकालिक संबंधों के बारे में बात की और भारत के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में किए गए प्रमुख निवेशों और साझेदारियों का जिक्र किया।
मंत्रालय ने बताया कि दोनों ने हाल ही में संपन्न हुए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लाभों पर भी चर्चा की, जिसमें भारतीय और यूरोपीय बाजारों को खोलना और भविष्य में दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए संभावित लाभ शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने जर्मनी के वाइस चांसलर और फेडरल वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबील से मुलाकात की और इस साल जनवरी में भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फेडरल चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच हुई बैठक पर चर्चा की, जिससे द्विपक्षीय संबंध, विशेष रूप से रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में, मजबूत हुए।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक पोस्ट के अनुसार, सीतारमण से मुलाकात के दौरान क्लिंगबील ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारत में व्यापार और निवेश के लिए एक बड़ा कदम बताया और विशेष रूप से द्विपक्षीय विकास सहयोग और भारत में मेट्रो रेल विस्तार पर जोर दिया।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Phalguna Amavasya 2026: कब है फाल्गुन अमावस्या? इस दिन गलती से भी न करें ये काम, वरना साल भर झेलना पड़ेगा पितृ दोष
Phalguna Amavasya 2026: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान -पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों को करने से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों को करने से बचना चाहिए.
फाल्गुन अमावस्या की रात भूलकर भी न करें ये काम
सुनसान जगहों पर न जाएं
कहा जाता है कि अमावस्या की रात सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान जगह, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं.
तामसिक भोजन न खाएं
फाल्गुन अमावस्या के दिन शुद्धता का पालन करना चाहिए. इस दिन और रात में मांस, लहसुन-प्याज और मदिरा जैसे तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक जाती है.
देर रात तक न जागें
अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जगना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें.
लड़ाई-झगड़ों से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में अमावस्या के दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर बुरा असर डाल सकती है.
शुभ फल पाने के लिए क्या करें?
- शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
- अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.
- इसके बाद अमावस्या के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें.
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