Balod Kabra Chhedchhad Case: हैवानियत की सारी हदें पार..! मासूम बच्ची की कब्र से छेड़छाड़, घटनास्थल से मिली डरा देने वाली चीजें, जिस हाल में मिली लाश…पुलिस के भी उड़ गए होश
Balod Kabra Chhedchhad Case: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, गांव में एक मासूम बच्ची की कब्र से छेड़छाड़ किए जाने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।Election Commission का बड़ा एक्शन! West Bengal के 7 अधिकारी निलंबित, 'गंभीर कदाचार' के लगे आरोप
निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के बीच एक कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी विधिक प्रावधान के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों कोगंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े वैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
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निलंबन का मुख्य कारण: 'गंभीर कदाचार'
निलंबित किए गए ये सभी सात अधिकारी सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के रूप में कार्यरत थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन अधिकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने की वैधानिक प्रक्रिया में निम्नलिखित अनियमितताएं कीं:
गंभीर कदाचार: विधिक प्रावधानों का उल्लंघन।
कर्तव्य में लापरवाही: मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से न लेना।
अधिकारों का दुरुपयोग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े वैधानिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल।
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बूथ स्तरीय अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और उनके सहायक राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जो मतदाता सूची अद्यतन करने और चुनाव कराने में सहायता के लिए प्रतिनियुक्ति पर काम करते हैं।
आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें।
निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है।
आयोग और राज्य सरकार के बीच बढ़ता टकराव
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। आयोग का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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