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भास्कर अपडेट्स:पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कॉलरशिप में आधार जरूरी; जिनके पास नहीं, उनका कार्ड बनवाने में मदद की जाएगी

सरकार ने PM CARES for Children योजना के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप (कक्षा 1 से 12) के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया है। यानी बच्चे को आधार से पहचान बतानी होगी। लेकिन सरकार ने साथ में यह भी साफ कहा है कि अगर किसी बच्चे के पास आधार नहीं है या उसका आधार वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, तो भी उसे स्कॉलरशिप से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, राशन कार्ड जैसे दूसरे दस्तावेजों से पहचान और माता-पिता से रिश्ता साबित करके मदद दी जाएगी, और विभाग खुद उसका आधार बनवाने में मदद करेगा। आज की बाकी बड़ी खबरें… अंकिता के माता-पिता CBI से मिले, पूर्व विधायक के नार्को टेस्ट की मांग अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को उसके माता-पिता ने दिल्ली में सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग की। सनावर ने बातचीत के ऑडियो-वीडियो जारी किए थे, जिनमें एक ‘वीआईपी’ की भूमिका का दावा था। सीबीआई के विशेष निदेशक मनोज शशिधर और संपत मीणा ने पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। राष्ट्रपति ने 12 अक्टूबर को गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया। वे 19 अक्टूबर को शपथ लेंगे।

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जरूरत की खबर- महाराष्ट्र में 1,400 किलो केले जब्त:केमिकल में डुबोकर पका रहे थे, इसे खाने के हेल्थ रिस्क, ऐसे पहचानें केमिकल्स

हाल ही में महाराष्ट्र ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (FDA) ने नवी मुंबई के APMC फ्रूट मार्केट में कार्रवाई की। यहां केमिकल से पकाए जा रहे करीब 1,400 किलो केले जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि केलों को एथेफॉन केमिकल घोल में सीधे डुबोकर पकाया जा रहा था। जबकि यह तरीका सुरक्षित मानकों के विरुद्ध है। इससे पहले अगस्त महीने में कर्नाटक के उडुपी में भी करीब 10,890 किलो केले जब्त किए गए थे। वहां भी केले पकाने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन सामने आया था। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे केले खाने से लंबे समय में डाइजेस्टिव इश्यू से लेकर किडनी और लिवर डैमेज तक का रिस्क होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं हम भी बाजार से केमिकल्स वाले केले तो नहीं खरीद रहे हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में केमिकल से पके केले पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह डॉ. संदीप दोशी, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई सवाल- केले को केमिकल से पकाने की जरूरत क्यों पड़ती है? जवाब- कच्चे केले को प्राकृतिक रूप से पकने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए कारोबारियों को बाजार की मांग के अनुसार केले जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करते हैं। इसके प्रमुख कारण हैं- हालांकि कुछ कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गलत तरीकों से केमिकल का इस्तेमाल करते हैं। सवाल- केलों को नेचुरल तरीके से पकने में कितना समय लगता है? जवाब- केले को प्राकृतिक रूप से पकने में आमतौर पर 4-7 दिन लगते हैं। हालांकि, यह समय केले की किस्म, पकने की अवस्था और तापमान पर निर्भर करता है। ठंडे वातावरण में केले धीरे पकते हैं, जबकि गर्म वातावरण में जल्दी पक सकते हैं। सवाल- केले जल्दी पकाने के लिए कौन-से केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं? जवाब- केले पकाने के लिए मुख्य रूप से एथिलीन गैस का यूज किया जाता है। एथेफॉन भी एक ऐसा केमिकल है, जिससे एथिलीन निकलती है। हालांकि दोनों के इस्तेमाल का तरीका अलग है। एथिलीन गैस एथेफॉन ध्यान रखें- कुछ कारोबारी कैल्शियम कार्बाइड केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, जो कि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सवाल- केमिकल्स से केले पकाने का प्रोसेस क्या है? जवाब- इसके लिए राइपनिंग चैंबर में निर्धारित मात्रा में एथिलीन गैस यूज किया जाता है। इसकी मदद से केले समान रूप से पकते हैं। पूरा प्रोसेस ग्राफिक में देखिए- सवाल- गलत तरीके से पकाए गए केले खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं? जवाब- इसका असर तुरंत से लेकर लंबे समय बाद तक दिख सकता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को ये हेल्थ रिस्क ज्यादा हो सकते हैं? जवाब- गलत तरीके से पकाए गए केले खाने से कुछ लोगों को रिस्क ज्यादा होता है, जैसेकि- सवाल- क्या केले को बाहर से देखकर पहचान सकते हैं कि ये नेचुरली पका है या केमिकल के गलत इस्तेमाल से? जवाब- हां, रंग और छिलके की चमक से केले के गलत तरीके से पकाए जाने के कुछ संकेत मिलते हैं, इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या दोनों तरह के केलों के न्यूट्रिशन में भी फर्क होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- केला खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- केला खरीदते समय उसकी साफ-सफाई, ताजगी और क्वालिटी पर ध्यान दें। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- FSSAI के मुताबिक, फलों को पकाने के क्या नियम हैं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए– सवाल- प्रतिबंधित केमिकल से पके फलों की शिकायत कहां और कैसे करें? जवाब- अगर आपको शक है कि फल पकाने के लिए प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल किया गया है तो शिकायत के लिए ये तरीके अपना सकते हैं- सवाल- तय मात्रा से ज्यादा केमिकल यूज करने या गलत तरीके से फल पकाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- ************** ग्राफिक्स– विपुल शर्मा …………………… जरूरत की खबर- गरबा खेलने से पहले 5 जरूरी तैयारियां: साथ रखें 9 मेडिकल एसेंशियल्स, गरबा पंडाल में पहुंचते ही चेक करें ये 3 चीजें गरबा सिर्फ एक नृत्य नहीं, बल्कि आस्था, उत्सव और लोगों को जोड़ने वाली परंपरा है। 'गरबा' शब्द संस्कृत के 'गर्भ' से निकला है, जिसका अर्थ ‘कोख’ होता है। पारंपरिक रूप से यह नृत्य एक मिट्टी के घड़े और उसके भीतर जलते दीपक के चारों ओर किया जाता था, जो जीवन और सृजन का प्रतीक माना जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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  Sports

वसीम जाफर के सामने आए रमेश पोवार, चीफ सिलेक्टर बनना लगभग तय, अजीत अगरकर की लेंगे जगह

New Chief Selector Indian Mens Cricket team: पार्थिव पटेल को पहले अजीत अगरकर का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने मुख्य चयनकर्ता के पद के लिए आवेदन नहीं किया, इसके बाद वसीम जाफर की एंट्री और रमेश पोवार-सलील अंकोला जैसे नामों की चर्चा ने चयन प्रक्रिया को नया मोड़ दिया है. Sat, 17 Oct 2026 15:18:35 +0530

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LIVE: Arrests in Paris as day of protests begins across France | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T10:41:34+00:00

Neha Bora Released: 12 घंटे हिरासत में रहने के बाद नेहा बोरा ने क्या कहा...| Tiranga March #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T10:39:33+00:00
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