गिल 5वीं बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बने:मेंस कैटेगरी में सबसे ज्यादा; विमेंस में शेफाली वर्मा को चुना गया
टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को सितंबर का ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। यह पांचवीं बार है, जब गिल ने यह अवॉर्ड जीता है। उन्होंने अभिषेक शर्मा और जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को पीछे छोड़ा। 27 साल के गिल सबसे ज्यादा बार यह अवॉर्ड जीतने वाले क्रिकेटर बने हैं। वे मेंस कैटेगरी में भी सबसे ज्यादा बार यह पुरस्कार जीतने वाले क्रिकेटर भी हैं। विमेंस कैटेगरी में भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। उन्होंने अपनी साथी खिलाड़ी श्री चरणी और श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को पछाड़कर यह अवॉर्ड जीता। ICC के अवॉर्ड पर BCCI की पोस्ट… गिल ने 133 गेंदों में जड़ी सबसे तेज वनडे डबल सेंचुरी भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे में 334 रन बनाए। उन्होंने पहले वनडे में 110 रन की पारी खेली। इसके बाद दूसरे वनडे में 133 गेंदों पर 223 रन बनाए। यह वनडे इतिहास की सबसे तेज डबल सेंचुरी है। शेफाली को दूसरी बार अवॉर्ड मिला शेफाली वर्मा को दूसरी बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ का अवॉर्ड मिला है। इससे पहले उन्हें पिछले साल नवंबर में इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। शेफाली ने सितंबर में 360 रन बनाने के साथ 6 विकेट भी लिए। वह महिला एशिया कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन बनाए, जबकि फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन की पारी खेली। गिल ने एक साल बाद यह अवॉर्ड जीता ICC ने गिल ने पांचवीं बार इस अवॉर्ड को अपने नाम किया। इससे पहले वे 2023 में जनवरी, सितंबर और 2025 में फरवरी और जुलाई में यह पुरस्कार जीत चुके हैं। गिल ने पिछली बार पिछले साल जुलाई में अवॉर्ड जीता। विमेंस प्लेयर्स में ऑस्ट्रेलिया की एश्ले गार्डनर और वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज भी 4-4 बार यह अवॉर्ड जीत चुकी हैं। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच श्रीधर की चेतावनी टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने चेतावनी दी है कि न्यूजीलैंड दौरे पर भारत की फील्डिंग कमजोरियां बढ़ सकती हैं। श्रीधर ने कहा- ‘ठंड और तेज हवा के बीच फील्डिंग मुश्किल होगी। इसके लिए खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों में खुद को ढालना होगा।’ पूरी खबर…
पूर्व सिलेक्टर बोले- शमी को न्यूजीलैंड सीरीज में मौका मिले:प्रसाद ने कहा- विंडीज के खिलाफ बुमराह की कमी खली, भुवी का चयन सही
पूर्व चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने भारतीय टेस्ट और वनडे टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी की वकालत की है। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी का सपोर्ट भी किया। प्रसाद ने कहा कि भुवनेश्वर ने पिछले दो IPL सीजन में 45 विकेट लिए हैं। जबकि, शमी ने नए रणजी ट्रॉफी सीजन में दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेकर अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित की है। भारत का न्यूजीलैंड दौरा ऑल-फॉर्मेट है। टी20 टीम घोषित हो चुकी है, जबकि वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान बाकी है। 6 अक्टूबर को टी-20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को मौका दिया गया है। भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। शमी को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सीरीज में मौका देना चाहिए बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने नए रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेकर की। शमी ने इस मैच में 17.3 ओवर गेंदबाजी की। प्रसाद बोले- भुवनेश्वर टीम में जगह पाने के हकदार थे प्रसाद ने कहा, ‘यह शानदार चयन है। पिछले तीन-चार IPL सीजन में 72 विकेट लेने वाला खिलाड़ी टीम में जगह पाने का पूरा हकदार है।’ भुवनेश्वर ने 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 17 विकेट लिए थे। 2026 सीजन में उन्होंने 28 विकेट लिए। इस तरह दोनों सीजन में उनके कुल 45 विकेट रहे। उनके प्रदर्शन की मदद से RCB ने लगातार दो IPL खिताब जीते। भुवनेश्वर ने भारत के लिए आखिरी टी-20 मैच नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म माना जा रहा था। मैं भुवनेश्वर को वनडे टीम में नहीं देखता हूं- प्रसाद प्रसाद को वनडे में भुवनेश्वर के भविष्य को लेकर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे ज्यादा उपयोगिता टी-20 क्रिकेट में है। प्रसाद ने कहा, ‘मैं भुवी को वनडे फॉर्मेट में नहीं देखता। वह टी-20 फॉर्मेट तक रहेंगे। उनमें जो क्लास है, उसके कारण वह अब भी खेल सकते हैं।’ --------------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गावस्कर बोले- इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम हो, कहा- रणजी में भी प्लेट और एलीट टीमों के रिकॉर्ड अलग हों दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम लागू करने की मांग की है। गावस्कर ने कहा- ‘अलग-अलग लेवल की टीमों के मैचों के रिकॉर्ड एक जैसे नहीं माने जाने चाहिए।’ पढ़ें पूरी खबर
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