NZ vs IND: आकिब नबी के साथ फिर अन्याय, दो साल तक टेस्ट टीम से बाहर रहे अंशुल कंबोज की क्यों अचानक एंट्री?
Anshul Kamboj vs Auqib Nabi: आकिब नबी के साथ एकबार फिर अन्याय हुआ है. आकिब नबी असल में रेड-बॉल (टेस्ट) के गेंदबाज हैं, फिर भी उन्हें एक ऐसे फ्लैट-ट्रैक वाले वनडे मैच में शामिल किया गया, जहां 800 रन बने. ऐसा सिर्फ उन फैंस को बेवकूफ बनाने के लिए किया गया, जो उन्हें टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग कर रहे थे न कि वनडे टीम में. अब उन्हें चुपचाप टीम से बाहर कर दिया गया है. न्यूजीलैंड में मिलने वाली स्विंग और सीम में आकिब नबी ज्यादा असरदार हो सकते थे. अंशुल कंबोज के पास तो उतनी गति भी नहीं है, ऐसे में सिलेक्टर्स का प्लान समझ से परे है.
गुजरात के भरूच की दवा-फैक्ट्री में ब्लास्ट, 5 की मौत:6 लोग घायल; जहरीली गैस का रिसाव होने से अफरा-तफरी भी मची
गुजरात के भरूच की सिंजील फार्माकेम नाम की एक दवा फैक्ट्री के रिएक्टर धमाके में 5 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, 6 लोग घायल हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। धमाका इतना तेज था कि इसके तुरंत बाद फैक्ट्री में मिथाइल डाइक्लोराइड नाम की एक जहरीली गैस का रिसाव भी शुरू हो गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि यह धमाका किस वजह से हुआ। हादसे से जुड़ी तस्वीरें… हादसे के वक्त रिएक्टर चल रहा था हादसा उस वक्त हुआ जब 15 हजार लीटर क्षमता वाले रिएक्टर में काम चल रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि रिएक्टर के परखच्चे उड़कर फैक्ट्री की चारदीवारी के बाहर जा गिरे। धमाके की आवाज करीब 15 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इसके असर से फैक्ट्री में लगी भारी मशीनें और लोहे की चादरें टूट-फूटकर चारों तरफ बिखर गईं। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री से एमडीसी गैस का रिसाव होने लगा, जिससे अंदर और बाहर गहरा धुआं फैल गया। वहां मौजूद लोगों और मजदूरों की आंखों में तेज जलन होने लगी और गैस की चपेट में आने से कई कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। मिथाइल डाइक्लोराइड गैस, असर और शुरुआती इलाज तेज उड़ने वाला तरल रसायन, हल्की मीठी महक। रंग छुड़ाने, दवा और कारखानों में सफाई के काम आता है। हवा से भारी, इसलिए फर्श या जमीन पर तेजी से फैलता है। शरीर पर बुरा असर: चक्कर, सिरदर्द, जी मिचलाना, बेहोशी और मौत का खतरा। आंखों में जलन-लाली और त्वचा पर छाले। गुर्दे, जिगर और दिल को भारी नुकसान। शुरुआती इलाज: मरीज को तुरंत खुली और ताजी हवा में ले जाएं। रसायन लगे कपड़े उतारें, बदन साबुन-पानी से धोएं। आंखों पर 15-20 मिनट तक साफ पानी के छींटे मारें। गैस बहने पर आम लोग क्या करें? घर के सब दरवाजे, खिड़कियां और रोशनदान तुरंत बंद करें। चौखट के नीचे की दरारों में भीगा कपड़ा ठूंस दें। नाक-मुंह पर भीगा कपड़ा दबाकर ही सांस लें। हवा जिस ओर बह रही हो, उसके उल्टी तरफ भागें। बिजली के बटन न छुएं, तीली या आग न जलाएं; चिंगारी से आग लग सकती है। साधारण कपड़े की जगह चेहरे पर सही सुरक्षा मुखौटा लगाएं। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान-एक्सप्रेसवे से नाले में गिरी मिनी बस, 6 की मौत:MP से खाटूश्यामजी जा रही थी मिनी बस; सीटों के बीच फंसे घायल, कांच तोड़कर निकाला कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 25 से ज्यादा पैसेंजर्स से भरी मिनी बस (टेम्पो ट्रैवलर) नाले में गिर गई। पूरी खबर पढ़ें…
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