तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, एआई इम्पैक्ट समिट समेत कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल
नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ 16 फरवरी की देर रात को भारत पहुंचेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी विस्तार से साझा की है। 16 फरवरी को रात साढ़े 11 बजे मैक्रों मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और उनके आधिकारिक दौरे की शुरुआत 17 फरवरी से होगी।
इसके बाद मंगलवार, 17 फरवरी को तीन बजकर 15 मिनट पर उनकी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोकभवन में मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एमओयू का एक्सचेंज होगा और संयुक्त बयान जारी किए जाएंगे।
शाम पांच बजकर 20 मिनट पर होटल ताज महल पैलेस में भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम का आयोजन किया जाएगा। फिर आठ बजकर 15 बजे वह गेटवे ऑफ इंडिया पर इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन और कल्चरल कमेमोरेशन में शामिल होंगे।
अगले दिन, बुधवार, 18 फरवरी को दोपहर 1 बजे राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में स्थित भारत मंडपम पहुंचेंगे। फिर 19 फरवरी को सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर भारत मंडपम पहुंचेंगे। यहां नौ बजकर 15 मिनट पर फैमिली फोटो ली जाएगी। फिर नौ बजकर 40 मिनट पर मैक्रों ओपनिंग सेरेमनी में शामिल होंगे।
फिर सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर वह कंट्री पवेलियन का दौरा करेंगे। इसके बाद 11.30 पर एचओएसएस/एचओजीएस मंत्रियों के साथ फैमिली फोटो ली जाएगी। फिर 12 बजे फ्रांसीसी राष्ट्रपति लीडर्स प्लेनरी और वर्किंग लंच में भी हिस्सा लेंगे। तीन बजकर 45 मिनट पर वह फ्रांस के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने बताया था कि इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, नेता आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है।
दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे। इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा। राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पेक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।
यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस दौरे के बाद हो रहा है और यह भारत-फ्रांस रणनीतिक शांति के आपसी भरोसे और गहराई के साथ-साथ इसे और गहरा करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक भारत-एआई इम्पेक्ट समिट का आयोजन होगा। इस समिट में दुनियाभर के देशों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला एआई समिट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट का आगाज करेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत के विकास सफर, गवर्नेंस को मजबूत करने और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने में एक अहम भूमिका निभाता है। यह बड़े पैमाने पर समावेशी विकास को समर्थन करता है और 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण से मेल खाता है। भारत की भाषा और सांस्कृतिक विविधता इसे अलग-अलग लोगों की जरूरतों के हिसाब से कई भाषाएं और कई मॉडल वाले एआई सिस्टम को आगे बढ़ाने की खास जगह देती है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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Mahashivratri Magh Mela Snan 2026: महाशिवरात्रि पर संगम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, माघ मेले के अंतिम स्नान पर बना नया रिकॉर्ड
Mahashivratri Magh Mela Snan 2026: आज यानी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रयागराज में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. त्रिवेणी संगम पर तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा. माघ मेले के अंतिम दिन ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग ने इस स्नान को अत्यंत पुण्यदायी माना गया.
माघ मेला 2026 का समापन
संगम की रेती पर सजा माघ मेला 2026 आज अपने 44वें और अंतिम दिन में प्रवेश कर गया है. देशभर से आए श्रद्धालुओं ने संगम स्नान कर पुण्य अर्जित किया. स्नान के बाद भक्त गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना होते दिखे.
अंतिम स्नान पर्व पर संगम तट का नजारा बेहद खास रहा. गाजीपुर से आए शिवभक्त लक्ष्मण सिंह लोगों के आकर्षण का केंद्र बने. डफली और रुद्राक्ष माला के साथ वे भजनों से शिव महिमा का गुणगान करते दिखे. श्रद्धालुओं ने मेले की व्यवस्थाओं की भी सराहना की.
अयोध्या में शिवभक्ति की धूम
महाशिवरात्रि पर अयोध्या पूरी तरह शिवमय नजर आई. तड़के सुबह से ही नागेश्वर नाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए. सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. शाम को भव्य शिव बारात निकालने की भी तैयारियां रहीं.
बुलंदशहर में घाटों पर भीड़
बुलंदशहर के रामघाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुरक्षा को देखते हुए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई. प्राचीन शिव मंदिरों में आधी रात से ही जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा.
मेला प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा. सुबह 6 बजे तक करीब 10 लाख लोगों ने संगम में स्नान किया. अनुमान है कि पूरे दिन में यह संख्या लगभग एक करोड़ तक पहुंच सकती है.
शिव अभिषेक का विशेष महत्व
महाशिवरात्रि पर संगम स्नान के बाद शिवालयों में जलाभिषेक की परंपरा निभाई गई. अन्न, वस्त्र और दान-पुण्य को आज के दिन विशेष फलदायी माना गया. 3.5 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए.
AI कैमरों से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए. पूरे मेला क्षेत्र में 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. इनमें 150 से अधिक AI कैमरे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. यूपी पुलिस, पीएसी, आरएएफ और एटीएस की टीमें तैनात रहीं.
22 करोड़ श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड
माघ मेला 2026 ने इतिहास रच दिया है. इस वर्ष अब तक 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं. महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ ही मेले का औपचारिक समापन हो गया. कल्पवासी और श्रद्धालु अगले वर्ष की प्रतीक्षा के साथ विदा हुए.
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