Gujarat Health Department ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों में लगाए 6868 शिविर
गांधीनगर, चार अगस्त गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद बीमारियों के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित जिलों में 6,868 चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं, 18 हजार से अधिक निगरानी दल तैनात किए हैं और 7.6 लाख से अधिक लोगों को दवाएं वितरित की हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन की गोलियां और 10.29 लाख ओआरएस पैकेट घर-घर जाकर बांटे गए, जबकि मच्छर जनित संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए दक्षिण और मध्य गुजरात में 497 दल तैनात किए गए।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 6,868 चिकित्सा शिविर आयोजित किए, जहां 1.74 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई और उनका मौके पर ही इलाज किया गया।’’ मानसून से पहले और मानसून के दौरान सभी 34 जिलों और आठ नगर निगमों में एक व्यापक ‘मानसून कार्य योजना’ लागू की गई थी। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘नतीजतन, व्यापक बाढ़ और भारी बारिश के बावजूद जन स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बड़ी आपात स्थिति की सूचना नहीं मिली है, और बीमारियों का प्रकोप काफी हद तक नियंत्रण में रहा है।’’ इसमें कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग बारिश प्रभावित इलाकों में बनाए गए राहत शिविरों में रह रहे लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर रहा है। सरकार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 675 गर्भवती महिलाओं को समय रहते स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया, जहां सफलतापूर्वक 272 प्रसव कराए गए।
विज्ञप्ति के अनुसार, 18 हजार से अधिक निगरानी दल दैनिक आधार पर घर-घर जाकर दौरा कर रहे हैं और 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन की गोलियां तथा 10.29 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित कर चुके हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सूरत, तापी, वलसाड और नवसारी जिलों के 562 गांवों में 7.61 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले लोगों को ‘लेप्टोस्पायरोसिस’ से बचाव की दवाएं दी गईं। यह लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण पैदा करता है।
एक अगस्त को दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई थी, जिससे अधिकारियों को प्रभावित जिलों विशेष रूप से सूरत और नवसारी से 27,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस सप्ताह उत्तर, दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों के साथ-साथ सौराष्ट्र क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है।
Udhayanidhi Stalin की गिरफ्तारी के बाद Tamil Nadu में प्रदर्शन
चेन्नई, चार अगस्त तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि को मंगलवार सुबह पूर्वी तंजावुर के एक पुलिस दल ने चेन्नई के नीलांकरई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किए, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
करूर में द्रमुक कार्यकर्ताओं ने पुराने बस अड्डे के निकट धरना दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में तिरुवन्नामलाई में भी सड़क जाम किया। सलेम और मदुरै में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए।
तंजावुर में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का पुतला फूंककर गिरफ्तारी का विरोध जताया। राजनीतिक टकराव के बीच अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। थेनी में पुलिस ने उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे द्रमुक के वरिष्ठ नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को हिरासत में ले लिया।
तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा एवं तमिल विकास मंत्री राजमोहन ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि द्रमुक कार्यकर्ताओं ने आम लोगों पर हमला किया। उन्होंने लिखा, ‘‘द्रमुक कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम नहीं करने और आम जनता को परेशानी नहीं पहुंचाने का आग्रह करने वाले एक दोपहिया वाहन चालक की बेरहमी से पिटाई किए जाने का दृश्य बेहद चौंकाने वाला है।’’ मंत्री ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ‘‘कानून अपना काम करेगा’’। यह विवाद तीन अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर उदयनिधि के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान द्रमुक ने राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) से कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने, किसानों के सभी ऋण पूरी तरह माफ करने और डेल्टा जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। उदयनिधि के संबोधन के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए। इस पर उदयनिधि ने एक टिप्पणी की, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश इकाई के नेताओं और टीवीके सहित राजनीतिक विरोधियों ने आपत्तिजनक द्विअर्थी टिप्पणी करार दिया।
भाषण के बाद टीवीके के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राष्ट्रीय महिला आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप करने, उदयनिधि से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज करने की मांग की।
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