उज्जैन में साइबर ठगी के मामले, किसी की सैलरी उड़ी तो किसी को बाइक का लालच देकर लूटा
उज्जैन में गुरुवार को ही 6 लोगों के साथ साइबर फ्रॉड किए जाने का मामला सामने आया था। अब एक बार फिर साइबर ठगी के पांच मामले सामने आए हैं। दो दिनों के भीतर एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आने से लोगों के बीच चर्चा का दौर भी देखा जा रहा है।
शुक्रवार को शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बैंक खाते से रकम उड़ाने की जानकारी सामने आई है। ठगी के इन मामलों में करीब 3 लाख 80 हजार रुपए का चूना लोगों को लगाया गया है। पुलिस ने 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से मिली शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।
बाइक के लालच में ठगी
चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में आने वाले गंगानगर के निवासी राजेश बाड़ोलिया के साथ इंस्टाग्राम पर बाइक का लालच देकर ठगी की गई है। राजेश ने बताया कि उन्हें श्री सांवरिया सेठ उपहार योजना का विज्ञापन दिखाई दिया था। योजना के लालच में उन्होंने 200 रुपए एंट्री फीस जमा कर टोकन लिया। इसके बाद उन्हें फोन आया जिसमें बताया गया कि वह स्प्लेंडर बाइक जीत गए हैं। बाइक लेने से पहले उन्हें गौशाला में दान के नाम पर 10000 रुपए देने और कागजात तैयार करने के नाम पर 11000 और फिर 16500 जमा करने को कहा गया। इसके बाद सिक्योरिटी के नाम पर 21 हजार रुपए और जीपीएस की परेशानी बता कर 8100 ले लिए गए। इस तरह से उनसे 66,600 रुपए ठगे गए। शक होने पर उन्होंने परिजनों को जानकारी दी और पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई।
खाते से उड़ी सैलरी
एक मामला बलराम थाना क्षेत्र की वर्धमान कॉलोनी से सामने आया है। यहां लाइनेक्स कंपनी में काम करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उनका वेतन एचडीएफसी बैंक के खाते में आया था। वेतन आने के बाद खाते में 32175 थे। जब कुछ देर बाद बैलेंस चेक किया तो केवल 175 रुपए बचे थे। नेट बैंकिंग के स्टेटमेंट में पता चला कि 32000 रुपए फिनो बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। कर्मचारियों ने बताया की राशि काटने का कोई मैसेज नहीं आया। 1930 का शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बड़नगर में भी मामला
बड़नगर थाना क्षेत्र में ठगी के दो मामले देखने को मिले है। शुभम कोहली ने बताया कि किसी व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर उनसे 42190 की धोखाधड़ी की है। वहीं जितेंद्र कुमार ने ठगी की शिकायत की है और बताया कि फोन हैंग होने के बाद यूपीआई से रकम कट गई थी। उन्होंने 81999 की धोखाधड़ी की जानकारी दी है।
दुकानदार के साथ ठगी
जीवाजीगंज क्षेत्र के राम सिंह पवार किराना दुकान संचालक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दूध वाले को भुगतान करने के लिए जब उन्होंने अपना मोबाइल निकाला। तब बैंक के खाते में काम राशि थी। जानकारी निकालने पर पता चला कि उनके खाते से 99 हजार रुपए का यूपीआई ट्रांजैक्शन किया गया था। दुकानदार ने आशंका जताई है कि मोबाइल हैक कर खाते से रकम निकाली गई है। पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
दशहरा-दिवाली से पहले गोल्ड ETF में निवेश पर ब्रेक, जानें किन निवेशकों पर पड़ेगा असर
कई म्यूचुअल फंड हाउसों ने शुक्रवार से गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) फंड-ऑफ-फंड्स (एफओएफ) में नए निवेश को अस्थायी रूप से रोक दिया है. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रतिबंध नए लंपसम निवेश, नई सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) रजिस्ट्रेशन और मौजूदा एसआईपी के तहत किए जाने वाले अतिरिक्त निवेश, जिसमें टॉप-अप सुविधाएं भी शामिल हैं, पर लागू होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ फंड हाउसों ने स्विच-इन ट्रांजैक्शन और नए सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगा दी है.
निवेशकों को भेजी गई सूचनाओं के मुताबिक, ये कदम अस्थायी हैं और अगले आदेश तक लागू रहेंगे. एक फंड हाउस ने बताया कि यह कदम नियामकीय स्तर पर हुई चर्चाओं के बाद उद्योग जगत के माध्यम से मिले निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है. हालांकि, ये प्रतिबंध केवल नई सदस्यताओं, नई एसआईपी रजिस्ट्रेशन और मौजूदा एसआईपी के तहत स्टेप-अप अनुरोधों पर लागू होंगे. एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा जारी नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध लागू होने से पहले पंजीकृत एसआईपी और एसटीपी की मौजूदा किस्तों की प्रोसेसिंग पहले की तरह जारी रहेगी. साथ ही निवेशकों के रिडेम्प्शन और स्विच-आउट अनुरोधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
इसी तरह, एक अन्य फंड हाउस ने कहा कि गुरुवार को निर्धारित कट-ऑफ समय के बाद जमा किए गए आवेदन अस्वीकार किए जा सकते हैं और निवेशकों का पैसा वापस किया जा सकता है. प्रतिबंध लागू होने से पहले पंजीकृत सभी व्यवस्थित निवेश लेनदेन बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जारी किए गए नोटिसों में इस कदम का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, हालांकि निवेशकों के लिए रिडेम्प्शन की सुविधा जारी रखी गई है. यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया गया है जब दशहरा और दिवाली से पहले आमतौर पर सोने की मांग में तेजी देखी जाती है. भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफी हद तक सोने के आयात पर निर्भर है और सोने का अधिक आयात व्यापार घाटे को बढ़ाने के साथ-साथ रुपए पर भी दबाव डाल सकता है.
इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागरिकों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक वर्ष तक किसी भी समारोह या अवसर पर सोने के आभूषण नहीं खरीदने का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय हित में हमें एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने का निर्णय लेना चाहिए.
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