Valentine's Day 2026 proposal tips: आज वैलेंटाइन डे है. अब तक लोगों ने अपने दिल की बात अपनी क्रश को जरूर बोल दी होगी. हालांकि, काफी लोग अपने प्यार का इजहार करने में घबराते हैं. कहीं No सुनने को ना मिल जाए और उनका दिल न टूट जाए. खैर, डरने से क्या होगा. हां हो तो अच्छा, ना हो तो अपनी कोशिशें आगे भी जारी रखिए, कभी ना कभी तो उसका दिल पिघलेगा ही. यदि आपने अब तक प्रपोज नहीं किया है तो अपनी फेवरेट लड़की को कुछ इस अंदाज में करें प्रपोज.
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भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सियासत जारी है। विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार इस समझौते को लेकर सवाल खड़े कर रहे है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों की समझ पर सवाल उठाते हुए उनकी आलोचना की। एक सभा को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने मौजूदा व्यापार ढांचे का बचाव किया और दावा किया कि भारत की कपास उत्पादन क्षमता और मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज तक मुझे समझ नहीं आता कि राहुल गांधी जैसे मूर्ख व्यक्ति को विपक्ष का नेता कैसे नियुक्त कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी यह समझने में असमर्थ है कि अर्थशास्त्र की कोई समझ न रखने वाला, झूठ, छल और ट्वीट के सिवा कुछ न देने वाला व्यक्ति सच्चाई से हजारों मील दूर है। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत की कपास उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और इसकी मांग भी बढ़ेगी। आयात, प्रसंस्करण और फिर निर्यात की यह नीति सदियों से विदेश व्यापार नीति का हिस्सा रही है; यह कोई नई बात नहीं है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के समय से चली आ रही एसईजेड नीति के तहत आप कुछ भी आयात कर सकते हैं। अगर आप उसका प्रसंस्करण यहां करके निर्यात करते हैं, तो शुल्क शून्य हो जाता है। इसमें कोई बुराई नहीं है; बल्कि इससे लोगों को रोजगार मिलेगा, किसानों के बच्चों को रोजगार मिलेगा और किसानों को अपार अवसर मिलेंगे। इससे पहले, शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में टैरिफ प्रावधानों को लेकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के कपास किसानों और कपड़ा निर्यातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
गांधी ने कहा कि जहां अमेरिका में भारतीय कपड़ों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगता है, वहीं बांग्लादेश को अमेरिकी कपास आयात करने की शर्त पर कपड़ों के निर्यात पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का लाभ दिया जा रहा है। नीतिगत ढांचे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी कपास का आयात घरेलू किसानों को नुकसान पहुंचाएगा, जबकि इसका आयात न करने से कपड़ा उद्योग को नुकसान होगा। उन्होंने आगे दावा किया कि बांग्लादेश भारत से कपास आयात में संभावित कमी या रोक के संकेत दे रहा है, जिससे भारतीय उत्पादकों की स्थिति और खराब हो सकती है।
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