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'कुछ लोग बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन चाहते हैं...', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष  पर साधा निशाना

Defence Minister Rajnath Singh: देश में चल रहे माहौल को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधा है. राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. वहीं SIR पर विरोध को देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश बताई है. 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज यूपी दौरे पर हैं. शुक्रवार को लखनऊ में रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशें हो रही हैं. कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और खुलेआम स्वीकार करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा मिली है. वहीं कुछ अन्य लोग बेशर्मी से सरकार को गिराने की बात करते हैं. इससे यह साफ हो जाता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना और देश में आग लगाना है. 

राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी लड़ाई चुनावी सुधार के लिए नहीं है, न ही यह एसआईआर (SIR) या ज्ञानेश कुमार से जुड़ी है; यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी नहीं है. बल्कि, यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है.

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राहुल गांधी को दी हिदायत

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक हितों की बलि नहीं चढ़ाया जा सकता. इस बात को समझने की जरूरत है. झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जनमत का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करना चाहिए. 

अकेले रायबरेली जीतने पर उठाया सवाल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 37 सालों से सत्ता से बाहर है. मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या समाजवादी पार्टी के बिना, आपमें रायबरेली में अपनी खुद की सीट जीतने की भी क्षमता है. वहीं उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि देश को अस्थिर करने की साजिश चल रही है। संवैधानिक संस्थाओं में बदलाव करने की कोशिश भी की जा रही है.

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सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर शुल्क घटा; नई दरें आज से लागू

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को बढ़ाकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर लगने वाले निर्यात शुल्क में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, नई दरें शुक्रवार से प्रभावी हो गई हैं।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 0.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।

वहीं, डीजल निर्यात पर लगने वाला शुल्क 16 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 8.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह संशोधित दरें 16 अक्टूबर से प्रभावी होंगी।

सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर हर पखवाड़े इन निर्यात शुल्कों की समीक्षा करती है और आवश्यकतानुसार इनमें बदलाव करती है।

ताजा संशोधन ऐसे समय में किया गया है जब हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात शुल्क में कई बार बदलाव किए गए हैं।

सितंबर में सरकार ने अपनी पखवाड़ा समीक्षा के तहत पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर विंडफॉल टैक्स और निर्यात शुल्क में कमी की थी। उस समय पेट्रोल के निर्यात शुल्क को घटाकर 0.5 रुपए प्रति लीटर किया गया था, जिसमें 0.5 रुपए प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) शामिल था।

इससे पहले 1 सितंबर से प्रभावी संशोधन में सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क को 3 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 1 रुपए प्रति लीटर कर दिया था और डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 24 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 19 रुपए प्रति लीटर किया था।

अगस्त में सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर शुल्क 2.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 3.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया था। वहीं डीजल पर कुल शुल्क 15.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 25.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ निर्यात शुल्क 14.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 22 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था।

सरकार ने पहली बार जुलाई 2022 में ईंधन निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसका उद्देश्य रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी से रिफाइनिंग कंपनियों को होने वाले असाधारण मुनाफे का एक हिस्सा हासिल करना था।

इसके बाद मार्च 2026 में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने पर सरकार ने इस कर को फिर से लागू किया था।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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