शी चिनफिंग ने 39वें अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन को बधाई संदेश भेजा
बीजिंग, 14 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंसाल्वेस लौरेंको, जो अफ्रीकी संघ के घूर्णनशील अध्यक्ष भी हैं, और अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद अली यूसुफ को बधाई संदेश भेजकर 39वें अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन के आयोजन पर अफ्रीकी देशों और लोगों को हार्दिक बधाई दी।
अपने बधाई संदेश में शी चिनफिंग ने कहा कि वर्तमान में, विश्व एक सदी के तीव्र परिवर्तनों से गुजर रहा है और ग्लोबल साउथ उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है। पिछले एक वर्ष में, यानी साल 2025 में, अफ्रीकी संघ ने अफ्रीकी देशों को एकजुट करके उनका नेतृत्व करते हुए एकीकरण प्रक्रिया को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया है, अफ्रीका के वैध अधिकारों व हितों की दृढ़ता से रक्षा की है और इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्थिति एवं प्रभाव में लगातार वृद्धि हुई है।
शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि एक जटिल और अस्थिर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति का सामना करते हुए, चीन विश्व शांति की रक्षा करने, साझा विकास को बढ़ावा देने और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
चीनी राष्ट्रपति शी के अनुसार, 1 मई, 2026 से चीन उन 53 अफ्रीकी देशों पर शून्य-टैरिफ नीति पूरी तरह लागू करेगा, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध हैं। साथ ही, वह साझा विकास के लिए आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर को बढ़ावा देना जारी रखेगा और ग्रीन चैनल को उन्नत करने सहित अन्य उपायों के माध्यम से अफ्रीकी उत्पादों की चीन में पहुंच को और अधिक विस्तारित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह बाहरी दुनिया के लिए उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार करने के लिए चीन द्वारा उठाया गया एक नया कदम है, जो निश्चित रूप से अफ्रीकी विकास के लिए नए अवसर प्रदान करेगा, चीन और अफ्रीका को संयुक्त रूप से आधुनिकीकरण के सपने को साकार करने में मदद करेगा।
अपने बधाई संदेश में, शी चिनफिंग ने यह भी उल्लेख किया कि चीन और अफ्रीका के बीच 70 साल पहले राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से, दोनों पक्ष हमेशा सुख-दुख में एक साथ खड़े रहे हैं और कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़े हैं। चीन अफ्रीकी देशों के साथ मिलकर ऐतिहासिक मित्रता को आगे बढ़ाना चाहता है, पारस्परिक लाभकारी सहयोग को गहरा करना चाहता है, और आपसी समझ व आत्मीयता को बढ़ाने को तैयार है, ताकि नए युग में साझा भविष्य वाले सदाबहार चीन-अफ्रीका समुदाय में एक नया अध्याय जोड़ा जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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जहर से गई थी रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की जान, यूरोपीय देशों ने किया बड़ी साजिश का दावा
रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी की मौत को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड समेत पांच यूरोपीय देशों ने दावा किया है कि नवेलनी की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उन्हें एक घातक जहर देकर निशाना बनाया गया था. इन देशों ने इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है.
दक्षिण अमेरिकी मेंढकों का था जहर
शनिवार को जारी संयुक्त बयान में इन देशों के विदेश मंत्रालयों ने कहा कि नवेलनी के सैंपलों की जांच के बाद “एपिबैटिडीन” नामक खतरनाक जहर की पुष्टि हुई है. यह जहर दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले जहरीले मेंढकों, जिन्हें पॉयजन डार्ट फ्रॉग कहा जाता है, में पाया जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह विष बेहद घातक होता है और कम मात्रा में भी जानलेवा साबित हो सकता है.
रूसी राज्य की अहम भूमिका का आरोप
विदेश मंत्रालयों के संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि इस तरह के जहर का इस्तेमाल करने के लिए जिन संसाधनों और क्षमता की जरूरत होती है, वह केवल किसी राज्य के पास ही हो सकती है. यूरोपीय देशों का आरोप है कि इस हमले के पीछे रूसी राज्य की भूमिका हो सकती है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है.
कौन हैं एलेक्सी नवेलनी
एलेक्सी नवेलनी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर आलोचकों में से एक माने जाते थे. वे लंबे समय से राजनीतिक दबाव और कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे थे. दो साल पहले हिरासत के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही उनकी मौत को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
तनाव बढ़ने की आशंका
इस ताजा दावे के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, रूस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह मामला एक बार फिर रूस में राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर वैश्विक बहस को तेज कर सकता है.
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