साध्वी प्रेम बाईसा मामला: बिना पर्ची के लगाया गया था इंजेक्शन, क्या लापरवाही ने ली साध्वी की जान?
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. शहर के पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट के हिसाब से साध्वी की मौत कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) और सांस की बीमारी की वजह से हुई है. जांच में पता चला कि उन्हें पहले से ही अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ थी.
कंपाउंडर पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
भले ही मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है, लेकिन पुलिस की एसआईटी (SIT) जांच में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो लापरवाही की ओर इशारा करती हैं. कमिश्नर ने बताया कि कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने बिना किसी डॉक्टर की पर्ची या सलाह के इंजेक्शन लगाया था. जब साध्वी की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, तो उन्हें तुरंत अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया? पुलिस को इस बारे में कुछ अहम सबूत मिले हैं. पुलिस का कहना है कि मेडिकल नियमों के हिसाब से कंपाउंडर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इंस्टाग्राम पोस्ट का कोई लेना-देना नहीं
पिछले कुछ दिनों से साध्वी के पिता की एक इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही थी. इस पर पुलिस कमिश्नर ने पूरी तरह विराम लगा दिया है. उन्होंने साफ किया कि
उस पोस्ट का इस दुखद घटना से कोई संबंध नहीं है. जांच में पिता का कोई भी गलत इरादा (मैलेफाइड इंटेंशन) सामने नहीं आया है. पहले के किसी भी पुराने मामले का इस घटना से कोई जुड़ाव नहीं मिला है.
आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस को फाइनल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है. एसआईटी अभी भी अपनी जांच जारी रखे हुए है और आम लोगों से भी जरूरी जानकारी जुटा रही है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पूरी जांच पारदर्शी तरीके से होगी और फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही कानून के मुताबिक अगला कदम उठाया जाएगा.
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'असली AQI आंकड़ों के साथ हेरफेर क्यों की गई', AAP ने दिल्ली सरकार से पूछे कई सवाल
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. दिल्ली आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को सरकार से कई सवाल किए और जवाब देने की मांग की. उन्होंने पूछा कि जनकपुरी में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत पर सरकार के मंत्रियों ने झूठ क्यों बोला कि सुरक्षा के सारे इंतजाम थे. जबकि यह मौत सरकार की लापरवाही की वजह से हुई. आखिर दिल्ली पुलिस ने क्राइम सीन के साथ क्यों छेड़छाड़ की. वहीं सीएम से निजी स्कूलों में बढ़ी फीस वापसी, बेरोजगार बस मार्शलों समेत कई अन्य सवालों के जवाब देने की मांग की है.
एक्यूआई आंकड़ों के साथ हेरफेर क्यों की गई?
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर पूछा कि दिवाली की रात एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन बंद क्यों किए गए? वॉटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करके असली एक्यूआई आंकड़ों के साथ हेरफेर क्यों की गई? उन्होंने पूछा कि कितने प्राइवेट स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस पेरेंट्स को वापस दी है? सरकार के वादे और कोर्ट के आदेश के बावजूद प्राइवेट स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? मुख्यमंत्री और भरत अरोड़ा के बीच क्या सांठ-गांठ है, मुख्यमंत्री इसे कैसे समझाएंगी?
सरकारी अस्पतालों का निजीकरण क्यों कर रही हैं?
सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि जब केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की राय थी कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश मुमकिन नहीं है, तो इस पर पैसा क्यों खर्च किया गया? 10 हजार बस मार्शलों की नौकरी अब तक बहाल क्यों नहीं की गई? सरकार हजारों करोड़ रुपए से बने सरकारी अस्पतालों का निजीकरण क्यों कर रही हैं?
सीएम से सभी सवालों का विस्तार से जवाब देने की मांग की
सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि सरकार के मंत्रियों और दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी 'डेथ पिट' के क्राइम सीन पर लीपापोती क्यों की? गरीब मजदूर को गिरफ्तार किया गया. मगर मुख्य ठेकेदार को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? साथ ही उन छह पुलिस थानों पर किसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं की थी. सीएम पीड़ित परिवारों से मिलने क्यों नहीं गईं? दिल्ली की जनता इन सभी मामलों पर साफ जवाब चाहती है. उन्होंने सीएम से इन सवालों का विस्तार से जवाब देने की मांग की.
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