Jharkhand News: लोहरदगा ने जीता बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब, सीएम हेमंत सोरेन के साथ सहवाग-हरभजन ने की शिरकत
Jharkhand News: लोहरदगा के बीएस कॉलेज स्टेडियम में 9 फरवरी से शुरू हुए बलदेव साहू मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला लोहरदगा और पलामू के बीच खेला गया. रोमांचक मैच में लोहरदगा ने पलामू को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस खास मौके पर कई बड़े नेता और क्रिकेट सितारे मौजूद रहे. लोहरदगा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू के निमंत्रण पर भारतीय क्रिकेट स्टार विरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह भी पहुंचे.
सीएम सोरेन मुख्य अतिथि के तौर पर हुए शामिल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए. उनके साथ ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोनगाड़ी, रामचंद्र सिंह, झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और अन्य कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे. झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजय शाहदेव और सचिव सौरव तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
आज लोहरदगा में बलदेव साहू मेमोरियल T20 क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच में शामिल हुआ। इस अवसर पर हमारे देश की शान पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह जी से भी मुलाकात हुई।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 13, 2026
टूर्नामेंट का फाइनल मैच जीतने वाली टीम को बहुत-बहुत बधाई तथा टूर्नामेंट में खेलने वाली सभी टीमों के… pic.twitter.com/sVuG1mZZ28
झारखंड के खेल के क्षेत्र में बना रहा पहचान- सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड आज खेल के क्षेत्र में पहचान बना रहा है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी झारखंड से हैं और टीम में राज्य के कई खिलाड़ी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि बीएस कॉलेज स्टेडियम में कुछ और विकास कार्य हो जाएं तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बन सकता है.
सहवाग ने की स्टेडियम की तारीफ
वीरेंद्र सहवाग ने स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा कि अगर यहां फ्लड लाइट लग जाए तो इसकी खूबसूरती और बढ़ जाएगी. हरभजन सिंह ने भी स्टेडियम के विकास की उम्मीद जताई. झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि जमीन मिलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा. कार्यक्रम में जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे.
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यूरोपीय फोरम में मुनीर को निमंत्रण मिलने पर भड़के सिंधी नेता, बोले- ये दबे-कुचले लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कना है
बर्लिन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। जेय सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) के चेयरमैन शफी बुरफत ने पूरे यूरोप में ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर की मौजूदगी की निंदा की। जेएसएमएम चेयरमैन ने इसे दक्षिण एशियाई देश में दमन और कब्जे का सामना कर रहे समुदायों का अपमान बताया।
सिंधी नेता ने इस बात पर जोर दिया कि मुनीर ने पाकिस्तानी राजनीति, न्यायतंत्र, बिजनेस और मीडिया को असरदार तरीके से सैन्य वर्चस्व के नीचे डाल दिया है और इसलिए वह शांति को भरोसे के साथ नहीं दिखा सकते।
बुरफत ने कहा, “जर्मनी और यूरोप जैसे देशों में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में मुनीर की मौजूदगी उन समुदायों का अपमान है, जिन्हें पाकिस्तान में दबाया और प्रताड़ित किया जा रहा है। यह उन पीड़ित लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है जो जुल्म सह रहे हैं।”
बुरफत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “पाकिस्तान के तथाकथित खुद को फील्ड मार्शल कहने वाले और खराब आर्मी चीफ, असीम मुनीर, पाकिस्तान के अंदर सिंधियों, बलूचों और पश्तूनों समेत जबरन गुलाम बनाए गए देशों पर सिस्टमैटिक जुल्म, जबरदस्ती गायब करने, टॉर्चर करने और बिना कानूनी कार्रवाई के हत्याओं में गहराई से शामिल हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक कार्यकर्ताओं को किडनैप किया जाता है, बेरहमी से टॉर्चर किया जाता है और डर का माहौल बनाने के लिए उनके कटे-फटे शरीर को फेंक दिया जाता है। उनके कमांड में मानवाधिकार का बड़ा उल्लंघन जारी है। वही मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट जिसने पूरे इलाके में धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, अब इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाना चाहता है।”
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समेत वैश्विक समुदाय को लिखे एक लेटर में बुरफत ने 13-15 फरवरी को होने वाले म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की मिलिट्री लीडरशिप को शामिल करने पर नैतिक आपत्ति जताई।
बुरफत ने बताया कि सिंध, बलूचिस्तान और दूसरे इलाकों समेत पूरे इलाके राजनीतिक दबाव, सांस्कृतिक भेदभाव और आर्थिक बहिष्कार से जुड़ी शिकायतें लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के ओसामा बिन लादेन को पनाह देने से देश की इंटरनेशनल साख को काफी नुकसान हुआ है और काउंटरटेररिज्म कमिटमेंट्स को लेकर ग्लोबल चिंताएं बढ़ी हैं।
बुरफत ने कहा, “यह घटना पाकिस्तान की सुरक्षा नीति और इंटरनेशनल जिम्मेदारियों पर बहस का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। इस ऐतिहासिक और राजनीतिक रिकॉर्ड को देखते हुए, लोगों को यह बहुत परेशान करने वाला है कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को ग्लोबल शांति और सुरक्षा के लिए समर्पित एक फोरम में बुलाया जा रहा है।”
बुरफत ने कहा कि म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस, जो मानवीय सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की कोशिश करती है, उसे पाकिस्तानी सेना द्वारा चल रहे ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन को देखते हुए इस्लामाबाद के शामिल होने के असर पर ध्यान से सोचना चाहिए।
--आईएएनएस
केके/एएस
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