पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम में केंद्र ने 170 कंपनियों के आवेदन को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के अंतर्गत अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई।
इसके अलावा, कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस स्कीम के तहत एमएमएफ अपैरल,एमएमएफ फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट में 225 प्रोडक्ट्स को नोटिफाई किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, पीएलआई स्कीम की नियमित निगरानी और समीक्षा मंत्रालय और डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) के स्तर पर की जाती है, जो सभी पीएलआई स्कीम के लिए नोडल विभाग है। जमीनी स्तर पर बारीकी से जांच-पड़ताल के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (पीएमए) को भी लगाया गया है, और स्कीम से जुड़े डेटा और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रिपॉजिटरी के तौर पर काम करने के लिए एक खास पीएलआई पोर्टल बनाया गया है।
इस बीच, नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) के तहत, टेक्निकल टेक्सटाइल्स में नए इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए ग्रांट (जीआरईएटी) स्कीम का मकसद टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेक्टर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट करना है। इसके तहत युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिकों, टेक्नोलॉजिस्ट्स और स्टार्टअप वेंचर्स को उनके आइडिया को कमर्शियल टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स में बदलने में मदद दी जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनटीटीएम को कुल 256 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है, जिसमें ग्रेट स्कीम के तहत स्टार्टअप्स को ग्रांट देने का प्रावधान भी शामिल है।
लोकसभा में एक अलग सवाल के लिखित जवाब में मार्गेरिटा ने बताया कि एनटीटीएम के तहत कुल 15.40 करोड़ रुपए की लागत वाले 31 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 13.65 करोड़ रुपए भारत सरकार का हिस्सा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनएचडीपी) के तहत छोटे क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर, 2023-24 और 2024-25 के दौरान 78.31 लाख रुपए की राशि जारी की गई है, जिससे तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में 343 हैंडलूम बुनकरों को फायदा हुआ है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका के नेतृत्व में नौसैनिक युद्धाभ्यास पर भड़का उत्तर कोरिया, दी चेतावनी
उत्तर कोरिया ने अमेरिका के नेतृत्व में हाल ही में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) को "आक्रामक युद्ध की रिहर्सल" करार दिया है. साथ ही उसने चेतावनी दी कि वह इसके जवाब में "प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर" पर ले जाएगा.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए में मंगलवार को एक सैन्य टिप्पणीकार के हवाले से प्रकाशित लेख में कहा कि रिमपैक अभ्यास दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का प्रतीक है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में सैन्य दबदबा कायम करना है.
दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका अधिक व्यापक
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, लेख में दावा किया गया कि इस बार अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका पहले की तुलना में अधिक व्यापक रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन तीनों देशों के बीच सैन्य समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता को और मजबूत करना चाहता है.
केसीएनए ने अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप-कमांडर के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है. उत्तर कोरिया ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यासों में शामिल रिमपैक का उद्देश्य संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी करना है.
कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी
उत्तर कोरिया ने हाल के दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त सैन्य प्रोग्राम्स (जिनमें बडी स्क्वाड्रन हवाई अभ्यास और संयुक्त रसद प्रशिक्षण शामिल हैं) की भी आलोचना की. प्योंगयांग का आरोप है कि ये गतिविधियां कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी का हिस्सा हैं.
लेख में कहा गया कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया का त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग अब "रेड लाइन" पार कर चुका है और यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए नया संकट पैदा कर रहा है. उत्तर कोरिया ने दोहराया कि वह किसी भी बढ़ते सैन्य खतरे का जवाब अपनी प्रतिरोधक क्षमता को उसी स्तर तक बढ़ाकर देगा. उसके अनुसार, देश की सुरक्षा नीति का मूल सिद्धांत यही है कि "नई स्तर के खतरे का मुकाबला नई स्तर की प्रतिरोधक क्षमता से किया जाएगा."
--आईएएनएस
केआर/
DISCLAIMER: सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















