AIBE XXI: OMR रीचेकिंग के लिए आज बंद होगा पोर्टल, ऐसे करें आवेदन
AIBE XXI OMR rechecking 2026: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) XXI OMR शीट रीचेकिंग के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल आज यानी 4 अगस्त, 2026 को बंद कर दिया जाएगा।अगर कोई उम्मीदवार अपने AIBE XXI 2026 के परिणामों से असंतुष्ट है, तो वह आज ही तय समयसीमा के भीतर अपने स्कोर के सत्यापन (Verification) के लिए ऑनलाइन अनुरोध दर्ज कर सकता है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां और शुल्क विवरण
ओएमआर शीट रीचेकिंग प्रक्रिया से जुड़े जरूरी विवरण इस प्रकार हैं:
- आवेदन शुरू होने की तिथि: 28 जुलाई 2026
- आवेदन करने की अंतिम तिथि: 4 अगस्त 2026
- रीचेकिंग शुल्क: 500 रुपये
- आवेदन का माध्यम: केवल ऑनलाइन
बीसीआई ने स्पष्ट किया है कि आवेदकों को रीचेकिंग याचिकाएं केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा करनी होंगी। किसी भी अन्य तरीके से भेजे गए या फिजिकल (ऑफलाइन) आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा, 500 रुपये का रीचेकिंग शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा करना होगा।
ओएमआर रीचेकिंग के लिए आवेदन करने का तरीका
उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके रीचेकिंग के लिए अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं:
- सबसे पहले AIBE की आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाएं।
- होमपेज पर दिए गए Candidate Login टैब पर क्लिक करें।
- अपनी रजिस्टर्ड लॉगिन जानकारी दर्ज करके उम्मीदवार प्रोफाइल (Candidate Profile) खोलें।
- इसके बाद AIBE XXI OMR Rechecking Application के लिंक का चयन करें।
- आवेदन पेज पर दी गई अपनी व्यक्तिगत जानकारी की अच्छी तरह जांच करें और पुष्टि करें।
- उपलब्ध ऑनलाइन भुगतान माध्यम का उपयोग करके 500 रुपये का रीचेकिंग शुल्क का भुगतान करें।
- अंत में अपना भरा हुआ आवेदन पत्र सबमिट कर दें।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समयसीमा से पहले प्रक्रिया पूरी करें और भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन व फीस भुगतान की रसीद का प्रिंट आउट या कॉपी सुरक्षित रख लें।
ईमेल पर भेजे जाएंगे रीचेकिंग के परिणाम
बोर्ड द्वारा छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी। रीचेकिंग के बाद जो भी अपडेटेड या बदले हुए स्कोर होंगे, उन्हें सीधे उम्मीदवारों के रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा।
इसके अलावा, काउंसिल स्कोर से जुड़ी कोई भी जानकारी ऑफलाइन या अन्य किसी माध्यम से प्रदान नहीं करेगी। इसलिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास अपने AIBE आवेदन से जुड़े ईमेल अकाउंट का पूरा एक्सेस है।
जरूरी निर्देश और सख्त नियम
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ओएमआर शीट की जांच करवाने के लिए तय डेडलाइन से पहले ही ऑनलाइन आवेदन और फीस भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद या ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
बंगाल में पीएचडी एडमिशन का नया नियम: अब यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट खत्म, NET-GATE स्कोर और इंटरव्यू से मिलेगा दाखिला
West Bengal PhD Admission 2026: पश्चिम बंगाल में पीएचडी (PhD) में एडमिशन की प्रक्रिया को और ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए कोई अलग से यूनिवर्सिटी-स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित न करें।
यह निर्देश 3 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पीएचडी एडमिशन में एकरूपता, पारदर्शिता और निरंतरता लाना है, ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (PAT/RET) पूरी तरह बंद
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब यूनिवर्सिटी और संस्थान पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT), रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (RET) या इस तरह की कोई भी अन्य यूनिवर्सिटी-स्तरीय प्रवेश परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं करेंगे और न ही परीक्षा लेंगे।
सरकार का यह फैसला इस चिंता को ध्यान में रखकर लिया गया है कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में आवेदन करने वाले छात्रों को कई बार अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं देनी पड़ती थीं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के स्कोर को अपनाने से इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और रिसर्च करने वाले छात्रों का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
यह निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और यूजीसी (न्यूनतम मानक और पीएचडी डिग्री प्रदान करने की प्रक्रिया) विनियम, 2022 के तहत जारी किए गए हैं।
किन परीक्षाओं के स्कोर से मिलेगा एडमिशन?
विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे अपने संबंधित पीएचडी कार्यक्रमों के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के स्कोर पर विचार करें।
इन परीक्षाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- यूजीसी-नेट (UGC-NET)
- यूजीसी-सीएसआईआर नेट (UGC-CSIR NET)
- गेट (GATE)
- सीड (CEED)
- इसके अलावा अन्य प्रासंगिक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं
लागू होने वाले यूजीसी नियमों के अनुसार, प्रवेश पूरी तरह से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के स्कोर और एक इंटरव्यू के आधार पर दिया जाएगा। यह नियम राज्य के सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और संबंधित विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों पर लागू होगा।
अलग परीक्षा खत्म करने की मुख्य वजह
उच्च शिक्षा विभाग ने पाया कि वर्तमान में अलग-अलग विश्वविद्यालय और संस्थान पीएचडी एडमिशन के लिए खुद की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। इसकी वजह से रिसर्च एस्पिरेंट्स को अलग-अलग संस्थानों में आवेदन करते समय कई अलग परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था।
अब राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा स्कोर को अपनाने को कहा है ताकि एडमिशन प्रक्रिया को राष्ट्रीय मानकों के करीब लाया जा सके।
यह कदम यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के मार्च 2024 के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें विश्वविद्यालयों द्वारा अलग से कराई जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं की जगह नेट (NET) स्कोर के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी।
यूजीसी-नेट (UGC-NET) पीएचडी एडमिशन के नियम
यूजीसी के ढांचे के तहत, नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों को तीन श्रेणियों (Categories) में बांटा गया है:
- कैटगरी 1: ये उम्मीदवार जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के साथ-साथ असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए नियुक्ति और पीएचडी एडमिशन के योग्य होते हैं।
- कैटगरी 2: ये उम्मीदवार बिना जेआरएफ के पीएचडी एडमिशन और असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्र होते हैं।
- कैटगरी 3: ये उम्मीदवार केवल पीएचडी एडमिशन के लिए पात्र होते हैं, और इन्हें नेट क्वालिफिकेशन के आधार पर जेआरएफ या असिस्टेंट प्रोफेसर पद नहीं मिलता।
कैटगरी 2 और 3 के उम्मीदवारों के लिए, यूजीसी के नियमों में टेस्ट स्कोर को 70% वेटेज और इंटरव्यू को 30% वेटेज दिया गया है। फाइनल एडमिशन टेस्ट स्कोर और इंटरव्यू/वाइवा-वोक की संयुक्त मेरिट के आधार पर तय होता है।
वहीं, जेआरएफ (JRF) पास करने वाले उम्मीदवारों को यूजीसी के पीएचडी नियमों के प्रावधानों के मुताबिक सीधे इंटरव्यू के जरिए पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है।
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